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एनएलएमसी ने 3 नवंबर, 2026 को विशाखापत्तनम में आरआईएनएल भूमि ई-नीलामी का दूसरा चरण सफलतापूर्वक संपन्न किया, 218 करोड़ रुपये प्राप्त हुए


दूसरे चरण में 114 भूखंडों की नीलामी; कुल आरक्षित मूल्य से 17.96 प्रतिशत अधिक प्रीमियम प्राप्त हुआ

एनएलएमसी की पहली संपूर्ण ई-नीलामी पहल की सफलता से परिसंपत्तियों के पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और प्रौद्योगिकी आधारित मौद्रीकरण की प्रक्रिया को मजबूती मिली

प्रविष्टि तिथि: 04 NOV 2026 11:48AM by PIB Delhi

राष्ट्रीय भूमि मौद्रीकरण निगम (एनएलएमसी) ने 3 नवंबर, 2026 को राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (आरआईएनएल) के भूखंडों की ई-नीलामी का दूसरा चरण सफलतापूर्वक संपन्न किया। आरआईएनएल वह कंपनी है जो विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र का संचालन करती है। एनएलएमसी, वित्त मंत्रालय के लोक उद्यम विभाग (डीपीई) के अधीन कार्यरत है।

दूसरे चरण का सफल समापन, सार्वजनिक क्षेत्र की अधिशेष परिसंपत्तियों के मौद्रीकरण को सुव्यवस्थित, पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और प्रौद्योगिकी आधारित नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से सुगम बनाने के एनएलएमसी के प्रयासों में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

इस नीलामी में 114 भूखंडों की सफलतापूर्वक बिक्री हुई, जिससे कुल 218 करोड़ रुपये की सफल बोली राशि प्राप्त हुई। इन भूखंडों का कुल आरक्षित मूल्य 184.8 करोड़ रुपये था। सफल बोलियां कुल आरक्षित मूल्य से 17.96 प्रतिशत अधिक रहीं। यह प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया और बाजार आधारित प्रभावी मूल्य निर्धारण को दर्शाता है।

दूसरे चरण में सबसे ऊंची सफल बोली 1,82,650 रुपये प्रति वर्ग गज दर्ज की गई, जबकि किसी एक भूखंड के आरक्षित मूल्य की तुलना में सर्वाधिक प्रीमियम 67.65 प्रतिशत रहा।

ये परिणाम विशाखापत्तनम में उपयुक्त स्थानों पर स्थित भूखंडों में बाजार की निरंतर रुचि को दर्शाते हैं। साथ ही, यह भी बतलाते हैं कि पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी ई-नीलामी व्यवस्था के माध्यम से सार्वजनिक क्षेत्र की अधिशेष परिसंपत्तियों के आर्थिक मूल्य का प्रभावी दोहन किया जा सकता है।

आरआईएनएल की भूमि ई-नीलामी के दोनों चरणों में शानदार प्रदर्शन

पहले चरण में एनएलएमसी ने 150 भूखंडों की सफलतापूर्वक नीलामी की थी, जिससे कुल 366.33 करोड़ रुपये की सफल बोली राशि प्राप्त हुई थी। इन भूखंडों का कुल आरक्षित मूल्य 312.48 करोड़ रुपये था। सफल बोलियां आरक्षित मूल्य से औसतन 17.23 प्रतिशत अधिक रहीं। इस दौरान नीलामी की सबसे ऊंची कीमत 1.80 लाख रुपये प्रति वर्ग गज से अधिक रही।

ई-नीलामी के दोनों चरणों के पूरा होने के साथ ही कुल 264 भूखंडों की सफलतापूर्वक नीलामी की जा चुकी है। इनसे कुल 584.33 करोड़ रुपये की सफल बोली राशि प्राप्त हुई है, जबकि इनका संयुक्त आरक्षित मूल्य 497.29 करोड़ रुपये था।

आरआईएनएल भूमि ई-नीलामी का समेकित प्रदर्शन

विवरण

चरण-1

चरण- II

संयुक्त

नीलामी की तारीख

12 अक्टूबर 2026

3 नवंबर 2026

—

नीलाम भूखंडों की संख्‍या

150

114

264

भूखंडों का कुल आरक्षित मूल्य

312.48 करोड़ रुपये

184.81 करोड़ रुपये

497.29 करोड़ रुपये

कुल सफल बोली मूल्य

366.33 करोड़ रुपये

218 करोड़ रुपये

584.33 करोड़ रुपये

आरक्षित मूल्य से अधिक प्रीमियम

17.23 प्रतिशत

17.96 प्रतिशत

17.50 प्रतिशत

एनएलएमसी की पहली संपूर्ण ई-नीलामी ने एक कीर्तिमान स्‍थापित किया है

आरआईएनएल भूखंडों की ई-नीलामी राष्ट्रीय भूमि मौद्रीकरण निगम (एनएलएमसी) की पहली ऐसी पहल है, जिसमें नीलामी की पूरी प्रक्रिया शुरू से अंत तक संचालित की गई। यह निगम की कार्यप्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस प्रक्रिया ने बड़े पैमाने पर परिसंपत्ति मौद्रीकरण से जुड़े कार्यों को संचालित करने में एनएलएमसी की क्षमता प्रदर्शित की है। इसमें परिसंपत्तियों की तैयारी, लेन-देन की संरचना तैयार करना, निवेशकों तक पहुंच बनाना, बोलीदाताओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना और प्रतिस्पर्धी ऑनलाइन नीलामी आयोजित करना शामिल है।

12 अक्टूबर, 2026 और 3 नवंबर, 2026 को एक महीने के भीतर ई-नीलामी के दोनों चरणों का सफलतापूर्वक संपन्न होना एनएलएमसी के लिए एक महत्वपूर्ण परिचालन मानक स्थापित करता है। इससे केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) और सरकारी संस्थाओं की अधिशेष भूमि तथा अन्य अचल परिसंपत्तियों के मौद्रीकरण से जुड़े इसी प्रकार के लेन-देन संचालित करने की उसकी क्षमता और मजबूत हुई है।

दोनों चरणों की सफलता के आधार पर एनएलएमसी शेष बिना बिके भूमि भूखंडों के लिए शीघ्र ही ई-नीलामी का तीसरा चरण आयोजित करने की योजना बना रहा है। यह संबंधित अनुमोदनों और निर्धारित शर्तों के अधीन होगा। इसकी समय-सारणी और अन्य विवरण उचित समय पर घोषित किए जाएंगे। यह पहल पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी प्रक्रियाओं के माध्यम से सार्वजनिक क्षेत्र की अधिशेष परिसंपत्तियों के मौद्रीकरण में तेजी लाने के एनएलएमसी के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है।

सरकार के परिसंपत्ति मौद्रीकरण उद्देश्यों को समर्थन

आरआईएनएल की भूमि ई-नीलामी का सफल समापन सरकार के परिसंपत्ति मौद्रीकरण संबंधी उद्देश्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में एनएलएमसी के प्रयासों की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके माध्यम से अधिशेष और कम उपयोग में लाई जा रही सार्वजनिक परिसंपत्तियों की आर्थिक क्षमता का उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है।

यह पहल सुव्यवस्थित परिसंपत्ति तैयारी, प्रभावी हितधारक समन्वय और पारदर्शी, प्रौद्योगिकी आधारित नीलामी प्रक्रियाओं के माध्यम से बड़े पैमाने पर मौद्रीकरण संबंधी लेन-देन संचालित करने में एनएलएमसी की बढ़ती संस्थागत क्षमता को प्रदर्शित करती है। यह केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) के लिए प्रतिस्पर्धी बाजार प्रक्रियाओं के माध्यम से मूल्य निर्धारण और परिसंपत्तियों के वास्तविक मूल्य को प्राप्त करने की संभावनाओं को भी उजागर करती है।

इस उपलब्धि के आधार पर एनएलएमसी परिसंपत्तियों के स्वामित्व वाले संगठनों के साथ मिलकर अधिशेष भूमि और भवन परिसंपत्तियों की पहचान, तैयारी तथा मौद्रीकरण की प्रक्रिया जारी रखेगा। इससे इन परिसंपत्तियों का उत्पादक उपयोग, सार्वजनिक परिसंपत्तियों का कुशल प्रबंधन और व्यापक आर्थिक विकास सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

एनएलएमसी के बारे में

राष्ट्रीय भूमि मौद्रीकरण निगम (एनएलएमसी) सरकार की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी है, जो वित्त मंत्रालय के लोक उद्यम विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करती है। यह केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) और अन्य सरकारी संस्थाओं के पास उपलब्ध अधिशेष भूमि एवं भवन परिसंपत्तियों की पहचान, मूल्यांकन, तैयारी और मौद्रीकरण की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित, पारदर्शी तथा बाजारोन्मुख तरीकों से सुगम बनाती है। इस प्रकार यह कुशल परिसंपत्ति प्रबंधन और उनके वास्तविक मूल्य के उपयोग संबंधी सरकार के उद्देश्यों में योगदान देती है।

आधिकारिक वेबसाइट: https://nlmc.dpe.gov.in/homepage/homepage.php

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पीके/केसी/आरटी/एके/वाईबी


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