सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय
प्रविष्टि तिथि:
04 NOV 2026 4:00PM by PIB Delhi
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मुख्य बिंदु:
- पंजीकृत विनिर्माण क्षेत्र ने संयंत्र और मशीनरी के सकल मूल्य में पिछले वर्ष की तुलना में वर्ष 2024-25 में 7.25 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है।
- इसी अवधि के दौरान कुल जीवीए में 89 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी रखने वाले विनिर्माण कॉर्पोरेट क्षेत्र ने चालू कारखानों की संख्या और कार्यरत व्यक्तियों की कुल संख्या में क्रमशः 3.45 प्रतिशत और 7.57 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।
- खाद्य उत्पाद, वस्त्र, मूल धातु, मोटर वाहन और परिधान-निर्माण सहित शीर्ष पांच उद्योगों ने वर्ष 2024-25 के दौरान देश के कुल विनिर्माण रोजगार में 41 प्रतिशत से अधिक का योगदान दिया है।
- महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश जीवीए के मामले में शीर्ष 5 राज्य बनकर उभरे हैं, जिनकी 2024-25 में देश के कुल विनिर्माण जीवीए में 54 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी रही।
- एएसआई 2024-25 के विस्तृत प्रकाशन, अर्थात एएसआई 2024-25 के यूनिट स्तर के डेटा और मेटाडेटा के साथ-साथ कारखाना क्षेत्र के खंड I और सारांश परिणाम अब उपलब्ध करा दिए गए हैं।
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सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) ने संदर्भ अवधि अप्रैल 2024 से मार्च 2025 (यानी वित्त वर्ष 2024-25) के लिए वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण (एएसआई) के परिणाम 30 सितंबर 2026 को तथ्य-पत्र (फैक्टशीट) के माध्यम से जारी किए थे। यह तथ्य-पत्र और एएसआई 2024-25 के आंकडो के आधार पर तैयार की गई कुछ विशेष तालिकाएं मंत्रालय की वेबसाइट (https://www.mospi.gov.in) पर उपलब्ध है। एएसआई 2024-25 के विस्तृत प्रकाशन, अर्थात यूनिट स्तर के डेटा के साथ खंड-I और कारखाना क्षेत्र के सारांश परिणाम अब उपलब्ध करा दिए गए हैं। सर्वेक्षण एएसआई 2024-25 के बारे में एक संक्षिप्त जानकारी अन्त में दी गई है।
उद्योगों का वार्षिक सर्वेक्षण का प्राथमिक उद्देश्य उत्पादन, मूल्य वर्धन, रोजगार, पूंजी निर्माण और विभिन्न मापदंडों के संदर्भ में अलग-अलग विनिर्माण उद्योगों की संरचना, विकास तथा उनमें होने वाले परिवर्तनों की प्रवृत्तियों की सार्थक जानकारी उपलब्ध कराना हैं। यह राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी के लिए महत्वपूर्ण आंकडे उपलब्ध कराता है। इसके परिणाम राज्य और प्रमुख उद्योग स्तर पर तैयार किए जाते हैं।
उद्योगों का वार्षिक सर्वेक्षण: खंड-I प्रकाशन में कारखाना क्षेत्र के विस्तृत परिणाम शामिल हैं। यह प्रकाशन पूंजी, रोजगार, पारिश्रमिक और औद्योगिक क्षेत्र से संबंधित कई अन्य आर्थिक मापदंडों से संबंधित डेटा प्रस्तुत करता है, (i) कारखानों की संख्या, (ii) स्थिर/कार्यशील पूंजी, (iii) कुल निवेश, (iv) कुल उत्पादन, (v) मूल्यह्रास, (vi) सकल मूल्य वर्धन, (vii) रोजगार संबंधी विवरण, (viii) ईंधन का खपत संबंधी विवरण आदि। ये परिणाम अखिल भारतीय स्तर पर राष्ट्रीय औद्योगिक वर्गीकरण (एनआईसी), 2008 के 2/3/4-अंकीय उद्योग-कोड के अनुसार तथा राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एनआईसी-2008 के 2/3-अंकीय स्तर पर जारी किए जाते हैं।
खंड-I के अलावा एएसआई परिणामों की कुछ प्रमुख विशेषताओं पर ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से एएसआई 2024-25 परिणामों के आधार पर कारखाना क्षेत्र के लिए सारांश परिणाम तैयार किए गए हैं। कारखाना क्षेत्र के लिए सारांश परिणामों का उद्देश्य विशेष तालिकाओं के माध्यम से एएसआई के निष्कर्षों का एक व्यापक अवलोकन प्रस्तुत करना है, जिसमें राष्ट्रीय और राज्य/केंद्र शासित प्रदेश दोनों स्तरों पर रोजगार के आकार, पूंजी निवेश, सकल उत्पादन और शुद्ध मूल्य वर्धन जैसी प्रमुख विशेषताओं पर प्रकाश डाला गया है। ये तालिकाएं क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर औद्योगिक परिदृश्य का व्यापक सार प्रदान करती हैं।
दो प्रकाशन: खंड I और कारखाना क्षेत्र के सारांश परिणाम एएसआई 2024-25 के इकाई स्तर के डेटा के साथ मंत्रालय की वेबसाइट (www.mospi.gov.in) पर अपलोड कर दिए गए हैं।
एएसआई 2024-25: आंकडों की प्रमुख विशेषताएँ
वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान पंजिकृत विनिर्माण उद्योग ने उल्लेखनीय विस्तार दर्ज किया। पिछले वर्ष की तुलना में पूंजी निवेश, उत्पादन, सकल मूल्य वर्धन (जीवीए), कार्यबल संख्या और पारिश्रमिक सहित प्रमुख आर्थिक संकेतकों में वृद्धि इस विस्तार का आधार रही है।
निवेश के आकार के आधार पर एएसआई 2024-25 के आंकडों का मूल्यांकन
तालिका-1 पूंजी के आकार के आधार पर कारखानों के प्रतिशत वितरण को दर्शाती है, अर्थात्, कारखाने में स्थापित संयंत्र और मशीनरी का सकल मूल्य और कुछ चयनित विशेषताओं में उनकी हिस्सेदारी। इससे पता चलता है कि संयंत्र और मशीनरी में 5 करोड़ रुपये तक के निवेश वाले कारखानों की हिस्सेदारी 2024-25 के दौरान संचालित कुल कारखानों का 78.69 प्रतिशत है। इन कारखानों की कुल स्थिर पूंजी में हिस्सेदारी 10.55 प्रतिशत थी, जबकि कार्यरत व्यक्तियों की कुल संख्या में उनकी हिस्सेदारी 34.32 प्रतिशत रही। कुल उत्पादन और शुद्ध मूल्य वर्धन में इनका योगदान क्रमशः 19.24 प्रतिशत और 17.61 प्रतिशत था। इसके विपरीत, संयंत्र और मशीनरी में 10 करोड़ रुपये और उससे अधिक के सकल निवेश के साथ चालू कारखानों की हिस्सेदारी 15.84 प्रतिशत थी। इनकी कुल स्थिर पूंजी में हिस्सेदारी 87.42 प्रतिशत, कार्यरत व्यक्तियों की कुल संख्या में 59.66 प्रतिशत, सकल उत्पादन में 76.82 प्रतिशत और कुल शुद्ध मूल्य वर्धन में 78.07 प्रतिशत रही।
तालिका 1: पूंजी के आकार के अनुसार कुछ चयनित विशेषताओं का प्रतिशत वितरण*
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पूंजी की सीमा
(लाख रुपये)
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चालू कारखाने
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स्थिर पूंजी
|
कार्यरत व्यक्तियों की कुल
संख्या
|
कुल
पारिश्रमिक
|
कुल उत्पादन
|
शुद्ध मूल्य वर्धन
|
|
पच्चीस तक
|
59.56
|
7.63
|
24.06
|
13.93
|
12.56
|
10.86
|
|
25 ------500
|
19.13
|
2.92
|
10.26
|
8.67
|
6.68
|
6.75
|
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500 -----1000
|
5.48
|
2.03
|
6.01
|
5.60
|
3.94
|
4.32
|
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1000 और उससे अधिक
|
15.84
|
87.42
|
59.66
|
71.80
|
76.82
|
78.07
|
|
कुल
|
100.00
|
100.00
|
100.00
|
100.00
|
100.00
|
100.00
|
* संयंत्र एवं मशीनरी का सकल मूल्य
ग्राफ-1: पूंजी के आकार के अनुसार सकल मूल्य वर्धन में प्रतिशत हिस्सेदारी*

* संयंत्र एवं मशीनरी का सकल मूल्य
उत्पादन की मात्रा के आधार पर वर्गीकृत एएसआई 2024-25 के आंकडों का मूल्यांकन
कुल उत्पादन के आकार वर्ग द्वारा वर्गीकृत संबंधित विशेषताओं के साथ कारखानों का प्रतिशत वितरण तालिका-2 में प्रस्तुत किया गया है। इससे पता चलता है कि 1 करोड़ रुपये तक का सकल उत्पादन करने वाले चालू कारखानों की हिस्सेदारी 18.34 प्रतिशत थी। इनकी स्थिर पूंजी में हिस्सेदारी 1.17 प्रतिशत, कार्यरत व्यक्तियों की कुल संख्या में 2.17 प्रतिशत और कुल पारिश्रमिक में 0.57 प्रतिशत थी। कुल उत्पादन में इनका योगदान 0.08 प्रतिशत रहा। इसके अलावा, 10 करोड़ रुपये से अधिक का सकल उत्पादन करने वाले चालू कारखानों की हिस्सेदारी 47.63 प्रतिशत थी। इन कारखानों की स्थिर पूंजी में हिस्सेदारी 95.55 प्रतिशत, कुल रोजगार में 88.78 प्रतिशत और कुल पारिश्रमिक में 94.57 प्रतिशत रही। कारखानों के इस समूह का कुल उत्पादन में योगदान 98.10 प्रतिशत और कुल शुद्ध मूल्य वर्धन में 97.87 प्रतिशत रहा।
तालिका 2: कुल उत्पादन के आधार पर कुछ चयनित विशेषताओं का प्रतिशत वितरण
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कुल उत्पादन
(लाख रुपये में)
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चालू कारखाने
|
स्थिर पूंजी
|
कार्यरत व्यक्तियों की कुल
संख्या
|
कुल
पारिश्रमिक
|
कुल उत्पादन
|
शुद्ध मूल्य वर्धन
|
|
पच्चीस तक
|
8.60
|
0.89
|
0.74
|
0.16
|
0.00
|
-0.24
|
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25 --- 50
|
3.43
|
0.09
|
0.32
|
0.09
|
0.02
|
0.03
|
|
50 -- 100
|
6.31
|
0.19
|
1.11
|
0.32
|
0.06
|
0.11
|
|
100 -- 200
|
8.84
|
0.43
|
1.70
|
0.65
|
0.17
|
0.26
|
|
200 -- 500
|
13.67
|
1.27
|
3.11
|
1.67
|
0.59
|
0.72
|
|
500 -- 1000
|
11.51
|
1.58
|
4.24
|
2.53
|
1.08
|
1.24
|
|
1000 -- 2000
|
11.79
|
2.39
|
6.09
|
4.22
|
2.16
|
2.32
|
|
2000 -- 5000
|
14.24
|
5.62
|
12.01
|
9.25
|
5.59
|
5.62
|
|
5000 -- 10000
|
8.18
|
5.71
|
11.25
|
9.57
|
6.73
|
6.26
|
|
10000 -- 50000
|
9.85
|
18.97
|
28.71
|
27.06
|
21.55
|
22.71
|
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50000 और उससे अधिक
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3.57
|
62.86
|
30.72
|
44.47
|
62.07
|
60.96
|
|
कुल
|
100.00
|
100.00
|
100.00
|
100.00
|
100.00
|
100.00
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ग्राफ 2: अखिल स्तर पर प्रमुख उद्योगों की जीवीए में प्रतिशत हिस्सेदारी

ग्राफ-3: अखिल भारतीय स्तर पर एएसआई 2020-21 से 2024-25 तक पांच वर्षों के दौरान निवेशित पूंजी की प्रवृति * (हजार करोड़ रुपये):

* निवेशित पूंजी से आशय स्थिर पूंजी और भौतिक कार्यशील पूंजी के योग से है
ग्राफ-4: पिछले दशक के दौरान चालू कारखानों में प्रति कारखाना स्थिर पूंजी और शुद्ध मूल्य वर्धन (एनवीए) की प्रवृत्ति (लाख रुपये)

एंडनोट:
वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण (एएसआई) 2024-25 के बारे में संक्षिप्त जानकारी
- एएसआई का कवरेज:
उद्योगों के वार्षिक सर्वेक्षण में मोटे तौर पर निम्नलिखित शामिल हैं
- कारखाना अधिनियम, 1948 की धारा 2एम (i) और 2एम(ii) के अंतर्गत पंजीकृत कारखाने
- बीड़ी एवं सिगार कामगार (रोजगार की शर्तें) अधिनियम, 1966 के अंतर्गत पंजीकृत बीड़ी और सिगार विनिर्माण प्रतिष्ठान
- विद्युत उत्पादन, पारेषण और वितरण के कार्य में लगे एसे विद्युत उपक्रम, जो केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) के साथ पंजीकृत नहीं हैं।
- राज्य सरकारों द्वारा तैयार और अनुरक्षित प्रतिष्ठानों के व्यवसाय रजिस्टर (बीआरई) में पंजीकृत 100 या अधिक कर्मचारियों वाली इकाइयां, बशर्ते संबंधित राज्य सरकारों द्वारा ऐसी सूचियां साझा की गई हो।
- एएसआई फ्रेम और इसका अध्यतन
एएसआई फ्रेम प्रत्येक राज्य में मुख्य कारखाना निरीक्षक (सीआईएफ) द्वारा बनाए गए पंजीकृत कारखाने/इकाइयों की सूचियों और बीड़ी एवं सिगार प्रतिष्ठानों तथा विद्युत उपक्रमों के संबंध में पंजीकरण अधिकारियों द्वारा रखी गई सूचियों पर आधारित होता है। एनएसओ के क्षेत्रिय संक्रिया प्रभाग के क्षेत्रिय कार्यालयों द्वारा संबंधित राज्य के कारखानों के मुख्य निरीक्षक के परामर्श से इस फ्रेम का समय-समय पर संशोधित और अद्यतन किया जाता है। संशोधन के समय, एएसआई फ्रेम से अपंजीकृत कारखानों के नाम हटा दिए जाते हैं तथा नए पंजीकृत कारखानों के नाम इसमें जोड़े दिए जाते हैं। पिछले सर्वेक्षण वर्ष (इस मामले में 2023-24) में चयनित इकाइयों के लिए आगामी वर्ष, उदहारण के लिए एएसआई 2024-25 के फ्रेम में स्थिति कोड, फ्रेम उद्योग (एनआईसी के 4 अंक), कर्मचारी (कुल काम में लगे हुए व्यक्ति), पता आदि जैसे संबंधित विवरण पिछले सर्वेक्षण वर्ष के दौरान एकत्र की गई जानकारी के आधार पर स्वचालित रूप से अद्यतन किए जाते है।
- गणना की इकाई
सर्वेक्षण में गणना की प्राथमिक इकाई विनिर्माण उद्योगों के मामले में कारखाना, मरम्मत सेवाओं के मामले में कार्यशाला, विद्युत, गैस और जलापूर्ती उपक्रमों के मामले में उपक्रम अथवा लाइसेंसधारी तथा बीड़ी एवं सिगार उद्योगों के मामले में प्रतिष्ठान होती है। हालांकि, एक ही राज्य में स्थित, एक ही उद्योग समूह से संबंधित और सेंसस योजना के अंतर्गत आने वाले दो या दो से अधिक प्रतिष्ठानों का स्वामी एक समेकित विवरणी (रिटर्न) कर सकता है। बीड़ी एवं सिगार प्रतिष्ठानों, विद्युत उपक्रमों और कुछ सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के मामले में एसी समेकित विवरणियां सामान्य रूप से प्रस्तुत की जाती हैं।
- आंकडा संग्रह की व्यवस्था
एएसआई के लिए आंकड़े सांख्यिकी संग्रह अधिनियम, 2008 (जिसमें 2017 में संशोधन किया गया) और इसके अंतर्गत वर्ष 2011 में बनाए गए नियमों के प्रावधानों के अनुसार चयनित कारखानों से एकत्र किए जाते हैं। यह सम्पूर्ण सर्वेक्षण एक समर्पित वेब-पोर्टल के माध्यम से किया जाता है और इसमें किसी भी प्रकार का पेपर शेड्यूल का उपयोग नहीं किया जाता। एएसआई के लिए आंकड़े एकत्र करने में उद्यम के बजाए प्रतिष्ठान-आधारित दृष्टिकोण अपनाया जाता है, जिसके अंतर्गत चयनित प्रतिष्ठानों से आंकड़े एकत्र किए जाते हैं।
एएसआई 2024-25 के प्रकाशन मंत्रालय की वेबसाइट (https://www.mospi.gov.in) पर उपलब्ध हैं। प्रकाशनों/रिपोर्टों को देखने के लिए नीचे दिया गया क्यूआर कोड स्कैन करें

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