प्रविष्टि तिथि:
04 NOV 2026 5:19PM by PIB Delhi
राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान (मैनेज), हैदराबाद, भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के तहत कार्यरत एक स्वायत्त संगठन को भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) द्वारा कृषि क्षेत्र में कौशल उत्कृष्टता केंद्र (सीओई-स्किल्स) के रूप में मान्यता प्रदान की गई है।
वर्ष 1987 में स्थापित इस संस्थान का उद्देश्य देश में कृषि विस्तार प्रणाली को सुदृढ़ करना है। यह संस्थान कृषि विस्तार के क्षेत्र में प्रशिक्षण, परामर्श, अनुसंधान और नीतिगत सहायता प्रदान करता है। मैनेज कृषि-भंडारण प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा (पीजीडीएडब्ल्यूएम) और कृषि विस्तार प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा (पीजीडीएईएम) जैसे शैक्षणिक कार्यक्रम भी संचालित करता है। संस्थान दो वर्षीय नियमित कार्यक्रम, अर्थात् प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा (कृषि-व्यवसाय प्रबंधन) भी प्रदान करता है। मैनेज कृषि विस्तार से जुड़े कार्मिकों की क्षमताओं को सुदृढ़ करने, कृषि विस्तार में नवोन्मेषी दृष्टिकोणों को बढ़ावा देने और कृषि क्षेत्र में उद्यमशीलता विकास को सुगम बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। अपने प्रशिक्षण कार्यक्रमों, ज्ञान-साझाकरण पहलों और संस्थागत गतिविधियों के माध्यम से यह संस्थान कृषि पेशेवरों और इच्छुक उद्यमियों को प्रासंगिक ज्ञान एवं दक्षताओं से लैस करने की दिशा में कार्य करता है।
कौशल उत्कृष्टता केंद्र के रूप में यह मान्यता औपचारिक रूप से 2 नवंबर, 2026 को नई दिल्ली स्थित कौशल भवन में आयोजित एक समारोह में मंत्रालय द्वारा प्रदान किए गए मान्यता प्रमाण-पत्र के माध्यम से दी गई। भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) की सचिव श्रीमती देबाश्री मुखर्जी ने मैनेज को यह प्रमाण-पत्र प्रदान किया। यह मान्यता तीन वर्ष की अवधि के लिए वैध है।
इस पैनलबद्धीकरण से संस्थान को कौशल विकास के क्षेत्र में अपने कार्यों का विस्तार करने का अवसर मिलेगा, जो कृषि और देश की प्रगति के लिए महत्त्वपूर्ण है। इससे भारत सरकार के कुशल, सक्षम और उद्यमशील कार्यबल तैयार करने के दृष्टिकोण के अनुरूप कृषि कौशल विकास और उद्यमशीलता के क्षेत्र में मैनेज की भागीदारी और सुदृढ़ होगी।
यह मान्यता कृषि विस्तार को आगे बढ़ाने, संस्थागत क्षमता को सुदृढ़ करने, उद्यमशीलता को बढ़ावा देने और देश में कुशल एवं गतिशील कृषि कार्यबल के विकास में योगदान देने के प्रति मैनेज की निरंतर प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करती है।
देश के कौशल विकास मिशन में योगदान देने की परिकल्पना, जिसमें पैनलबद्धीकरण इस पहल का एक प्रमुख घटक है, मैनेज के महानिदेशक एवं संयुक्त सचिव (विस्तार) श्री संजय कुमार अग्रवाल, आईएएस के नेतृत्व में डॉ. के. सी. गुम्मागोलमठ, डॉ. विनीता कुमारी और डॉ. शैलेन्द्र की टीम द्वारा विकसित की गई।
मैनेज के महानिदेशक एवं संयुक्त सचिव (विस्तार) श्री संजय कुमार अग्रवाल, आईएएस ने इस पैनलबद्धीकरण को एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि बताया, जो क्षमता विकास के क्षेत्र में संस्थान द्वारा प्रदर्शित समर्पण, कड़ी मेहनत और बनाए रखे गए उच्च मानकों को दर्शाती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह मान्यता कार्यक्रमों के कार्यान्वयन के मानकों को और सुदृढ़ करने तथा देश के कौशल विकास मिशन में संस्थान के योगदान को बढ़ाने की बड़ी जिम्मेदारी भी लेकर आती है।

वर्ष 1987 में स्थापित इस संस्थान का उद्देश्य देश में कृषि विस्तार प्रणाली को सुदृढ़ करना है। यह संस्थान कृषि विस्तार के क्षेत्र में प्रशिक्षण, परामर्श, अनुसंधान और नीतिगत सहायता प्रदान करता है। मैनेज कृषि-भंडारण प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा (पीजीडीएडब्ल्यूएम) और कृषि विस्तार प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा (पीजीडीएईएम) जैसे शैक्षणिक कार्यक्रम भी संचालित करता है। संस्थान प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा (कृषि-व्यवसाय प्रबंधन) नामक दो वर्षीय नियमित कार्यक्रम भी संचालित करता है। मैनेज कृषि विस्तार से जुड़े कार्मिकों की क्षमताओं को सुदृढ़ करने, कृषि विस्तार में नवोन्मेषी दृष्टिकोणों को बढ़ावा देने और कृषि क्षेत्र में उद्यमशीलता के विकास को सुगम बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। अपने प्रशिक्षण कार्यक्रमों, ज्ञान-साझाकरण पहलों और संस्थागत गतिविधियों के माध्यम से यह संस्थान कृषि पेशेवरों और इच्छुक उद्यमियों को प्रासंगिक ज्ञान एवं दक्षताओं से सुसज्जित करने की दिशा में कार्य करता है।

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