सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय
चार लेन और उससे अधिक के लेन वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर मल्टी-लेन फ्री फ्लो टोलिंग के लिए डिजाइन और बुनियादी ढांचे को मानकीकृत करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के दिशानिर्देश
आगामी और वर्तमान में जारी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में निर्बाध, प्रौद्योगिकी आधारित, बाधा-मुक्त टोल संग्रह प्रणाली को सुविधाजनक बनाने के लिए मानकीकृत बुनियादी ढांचा और डिजाइन
प्रविष्टि तिथि:
06 NOV 2026 5:13PM by PIB Delhi
देश भर में बैरियर-रहित मल्टी-लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) टोलिंग प्रणाली को व्यापक रूप से अपनाने का मार्ग प्रशस्त करते हुए, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने चार लेन और उससे अधिक लेन वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल प्लाजा के डिजाइन और बुनियादी ढांचे को मानकीकृत करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। यह दिशानिर्देश यह सुनिश्चित करेंगे कि आगामी और वर्तमान में जारी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं टोल बूथों पर वाहनों को रोके बिना एमएलएफएफ आधारित बाधा-मुक्त टोल संग्रह में सहयोग करने के लिए सुसज्जित हैं। इस पहल का उद्देश्य यातायात कतारों और प्रतीक्षा समय को समाप्त करना, टोल प्लाजा पर ईंधन की खपत को कम करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग यात्राओं को सुरक्षित और अधिक निर्बाध बनाना है।
दिशानिर्देश टोल प्लाजा लेआउट, लेन कॉन्फ़िगरेशन, गैंट्री, सड़क अवसंरचना, प्रकाश व्यवस्था, सूचना पट्टिका और सहायक सुविधाओं के लिए समान आवश्यकताओं को निर्धारित करते हैं। यह आगामी और वर्तमान में जारी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिए कार्यान्वयन ढांचा भी निर्धारित करता है।
विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग विन्यासों के लिए मानकीकृत डिजाइन
नीति परिपत्र राष्ट्रीय राजमार्गों के विभिन्न विन्यासों में बैरियर-रहित टोल प्लाजा के लेआउट और बुनियादी ढांचे के लिए मानकीकृत दिशानिर्देश निर्धारित करता है। ये दिशानिर्देश व्यापक रूप से प्लाजा लेआउट, टोल लेन की संख्या, गैंट्री का प्रावधान और प्लेसमेंट और संबंधित सड़क सुरक्षा सुविधाओं, सूचना पट्टिका और प्रकाश व्यवस्था को निर्धारित करते हैं ताकि डिजाइन में एकरूपता सुनिश्चित की जा सके और पूरे देश में बैरियर-रहित टोल व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू किया जा सके।
भौतिक बाधाओं पर रुके बिना वाहनों को टोल किए जाने के साथ, टोल प्लाजा पर आवश्यक लेन की संख्या को पारंपरिक टोल प्लाजा की तुलना में युक्तिसंगत बनाया गया है, जिससे उपलब्ध स्थान का अधिक कुशल उपयोग होता है और टोलिंग क्षेत्र के माध्यम से यातायात की आवाजाही में सुधार होता है।
राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर कार्यान्वयन
ये दिशानिर्देश सभी भावी और निर्माणाधीन परियोजनाओं पर लागू होंगे। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) चरण की परियोजनाओं में उनके दस्तावेजों में नया डिजाइन शामिल होगा, जबकि पहले से ही प्रदान की गई या निर्माणाधीन परियोजनाओं में लागू संविदात्मक प्रावधानों के माध्यम से परिवर्तन को अपनाया जाएगा। एनएचएआई फील्ड कार्यालयों को आगामी परियोजनाओं में निर्धारित आवश्यकताओं को शामिल करने और वर्तमान में जारी परियोजनाओं में उन्हें अपनाने की सुविधा प्रदान करने का निर्देश दिया गया है।
सुरक्षा और उपयोगकर्ता सुविधा पर जोर
नीति परिपत्र टोल प्लाजा पर उचित सूचना पट्टिका और इलेक्ट्रॉनिक परिवर्तनीय संदेश संकेत (वीएमएस) के माध्यम से राजमार्ग उपयोगकर्ताओं को पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, अग्रिम सूचना और मार्गदर्शन प्रदान करने पर जोर देता है। इन उपायों का उद्देश्य दृश्यता बढ़ाना, सड़क उपयोगकर्ताओं को टोलिंग क्षेत्र के बारे में सूचित करना और वाहनों के सुरक्षित तथा सुचारू आवागमन को सुनिश्चित करना है। दिशानिर्देशों में टोल प्लाजा संचालन के कुशल प्रबंधन के लिए एक प्रशासनिक भवन-सह-परिचालन और रखरखाव केंद्र परिचालन तथा रखरखाव बुनियादी ढांचे के निर्माण का भी प्रावधान है।
इससे पहले, एनएचएआई ने एक्सप्रेसवे के अलावा अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए हाई-स्पीड एक्सेस नियंत्रित राष्ट्रीय राजमार्गों की योजना और डिजाइन के लिए व्यापक दिशानिर्देश जारी किए थे। इन दिशानिर्देशों का उद्देश्य आगामी हाई-स्पीड राष्ट्रीय राजमार्ग गलियारों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए मानकों में एकरूपता लाना है, ताकि तकनीकी मानकों में अधिक स्थिरता लाई जा सके और सड़क सुरक्षा को मजबूत किया जा सके।
एमएलएफएफ टोल प्लाजा के लिए मानकीकृत बुनियादी ढांचे और डिजाइन ढांचे की शुरूआत बाधा-रहित टोल व्यवस्था के लिए एक समान ढांचा बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं को निर्बाध यात्रा अनुभव प्रदान करता है और देश भर में टोल संचालन की समग्र दक्षता को बढ़ाता है।
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पीके/केसी/आरटी/एमकेएस
(रिलीज़ आईडी: 2333718)
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