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उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने अयोध्या में दीपोत्सव 2026 समारोह का उद्घाटन किया


दीपोत्सव जन-भागीदारी का उत्सव बन चुका है, जो भारत की सामूहिक आस्था को दर्शाता है: उपराष्ट्रपति

अयोध्या में लाखों दीपक करोड़ों भारतीयों के जीवन में आ रहे परिवर्तन के प्रतीक हैं: उपराष्ट्रपति

भारत को अपने सभ्यतागत मूल्यों से जुड़े रहते हुए आधुनिक आकांक्षाओं को अपनाना चाहिए: उपराष्ट्रपति

प्रविष्टि तिथि: 07 NOV 2026 9:39PM by PIB Delhi

भारत के उप-राष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने आज उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम की पैड़ी पर दीपोत्सव 2026 समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने लाखों दीयों से जगमगाते घाटों के विहंगम दृश्य, रामायण पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और संगीतमय आतिशबाजी का अवलोकन किया। इसके साथ ही उन्होंने नया घाट पर पवित्र सरयू आरती में भी भाग लिया।

राम की पैड़ी पर जनसभा को संबोधित करते हुए उप-राष्ट्रपति ने 2017 में 1.7 लाख दीपों से शुरू हुए दीपोत्सव की अभूतपूर्व यात्रा को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में यह संख्या 26 लाख दीपों से अधिक पहुंच गई थी, जबकि इसके 10वें संस्करण में राम की पैड़ी पर 30 लाख से अधिक और पूरे अयोध्या में 70 लाख से ज्यादा दीये जलाने की परिकल्पना की गई है। इस उत्सव को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख्याति दिलाने के लिए उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार को बधाई दी।

उप-राष्ट्रपति ने स्थानीय आजीविका में इस महोत्सव के योगदान की सराहना की, जिससे कुम्हारों, ग्रामीण महिलाओं, कारीगरों, कलाकारों, होटल और होमस्टे संचालकों, गाइडों और परिवहन सेवा प्रदाताओं के लिए व्यापक अवसर सृजित हुए हैं। उन्होंने तकनीक के अभिनव उपयोग की भी प्रशंसा की, जिसमें 2,100 से अधिक स्वदेशी ड्रोनों के माध्यम से रामायण के प्रसंगों का प्रदर्शन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लगभग 1,000 कलाकारों की सहभागिता शामिल रही।

अयोध्या को रोशन करने वाले लाखों दीपों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ये करोड़ों भारतीयों के जीवन में आ रहे सकारात्मक बदलाव के प्रतीक हैं। उन्होंने महिला सशक्तीकरण, शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य सेवा, आवास और उद्यमिता के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की पहल की सराहना की और कहा कि यह राज्य अब 'उत्तम प्रदेश' बनने की दिशा में अग्रसर है।

युवाओं को संबोधित करते हुए उप-राष्ट्रपति ने उनसे रामायण को समझने और उसकी सीख को अपने दैनिक आचरण में उतारने का आह्वान किया। उन्होंने युवा पीढ़ी से विज्ञान, नवाचार और तकनीक को अपनाने के साथ-साथ भारत के मूल्यों, भाषाओं, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भारत की आकांक्षाएं आधुनिक होनी चाहिए, किंतु उसकी जड़ें सभ्यतागत मूल्यों में मजबूती से टिकी रहनी चाहिए।

इससे पूर्व, उपराष्ट्रपति ने श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन किया और राम कथा पार्क में श्री राम-जानकी की विशेष पूजा और आरती में सम्मिलित हुए। 

राम कथा पार्क में सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम धर्म, सदाचार, करुणा और आदर्श आचरण के शाश्वत प्रतीक हैं।

अयोध्या को 'विकास भी, विरासत भी' का अनुपम उदाहरण बताते हुए उप-राष्ट्रपति ने कहा कि सड़कों, घाटों, तीर्थ-सुविधाओं, ठहरने की व्यवस्था और बेहतर रेल और हवाई कनेक्टिविटी के विकास ने तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के अनुभव को पूरी तरह बदल दिया है।

उप-राष्ट्रपति ने दीपोत्सव के इस 10वें संस्करण को जन-भागीदारी का एक भव्य उत्सव बनाने और भारत की सामूहिक आस्था और भक्ति को साकार करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार, प्रशासन, कलाकारों, स्वयंसेवकों, शिल्पकारों और नागरिकों को बधाई दी।

इस समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य और श्री ब्रजेश पाठक, कई मंत्री, पूज्य संत-महात्मा और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। 

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पीके/केसी/आरटी/जेएस


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