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रेल मंत्रालय
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भारतीय रेलवे ने 2026 की समय सारणी में 549 ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाई जिससे यात्रा समय में कमी आई और कार्यकुशलता बढ़ी


2025 में 122 नई ट्रेनें शुरू की गईं जिससे यात्रा तेज हुई और आम आदमी की सेवा में समय की पाबंदी सुधरी

प्रविष्टि तिथि: 09 JAN 2026 6:15PM by PIB Delhi

भारतीय रेलवे ने ट्रेन समय सारणी 2026 के अंतर्गत अनेक नई ट्रेनें शुरू करने के अलावा मौजूदा सेवाओं का विस्तार किया और ट्रेनों के फेरे बढ़ाए। इसके साथ ही कई ट्रेनों को सुपरफास्ट में तब्दील किया और विभिन्न रेलवे जोन में सेवाओं की गति बढ़ाई गई। मध्य रेलवे जोन में 4 नई ट्रेनें चलाई गईं, 6 का विस्तार किया गया और 30 ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाई गई। इसी तरह पूर्व तटीय रेलवे में 4 नई ट्रेनों चलाई गईं, 4 का विस्तार किया गया और 3 ट्रेनों की गति बढ़ाई गई। पूर्व मध्य रेलवे में उल्लेखनीय विस्तार करते हुए 20 नई ट्रेनें चलाई गईं, 20 का विस्तार किया गया और 12 ट्रेनों की गति बढ़ाई गई। पूर्व रेलवे में भी 6 नई ट्रेनें चलाई गईं, 4 का विस्तार किया गया और 32 ट्रेनों की गति बढ़ाई गई।

उत्तर मध्य रेलवे ने 2 नई ट्रेनों शुरू कीं, 4 का विस्तार किया, 2 के फेरे बढ़ाए और 1 ट्रेन की गति बढ़ाई। उत्तर पूर्व रेलवे ने 8 नई ट्रेनें जोड़ीं, 4 का विस्तार किया, 2 के फेरे बढ़ाए और 12 ट्रेनों की गति में इजाफा किया। उत्तर पूर्व सीमांत रेलवे ने 10 नई ट्रेनें शुरू कीं और 36 ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाई। इसी तरह, उत्तर रेलवे ने 20 नई ट्रेनें शुरू कीं, 10 का विस्तार किया और 24 ट्रेनों की गति बढ़ाई। उत्तर पश्चिम रेलवे ने अपनी सेवा में 12 नई ट्रेनें जोड़ीं, 6 का विस्तार किया, 2 के फेरे बढ़ाए और 89 ट्रेनों की गति में वृद्धि की।

दक्षिण रेलवे ने 6 नई ट्रेनें शुरू कीं, 4 का विस्तार किया, 2 को सुपरफास्ट में परिवर्तित किया और 75 ट्रेनों की गति बढ़ाई। दक्षिण पश्चिम रेलवे ने 8 नई ट्रेनें शुरू कीं, 6 का विस्तार किया, 8 को सुपरफास्ट में तब्दील किया और 117 ट्रेनों की गति बढ़ाई जो सभी जोनों में सबसे ज्यादा है।

पश्चिम मध्य रेलवे ने 8 नई ट्रेनें शुरू कीं और 27 ट्रेनों की गति बढ़ाई। वहीं, पश्चिम रेलवे  ने 10 नई ट्रेनें शुरू कीं, 10 ट्रेनों का विस्तार किया, 2 ट्रेनों के फेरे बढ़ाए और 80 ट्रेनों की गति में सुधार किया।

कुल मिलाकर, ट्रेनों की समय सारिणी 2026 के तहत, 122 नई ट्रेनें शुरू की गईं, 86 ट्रेनों का विस्तार किया गया, 8 ट्रेनों के फेरे बढ़ाये गए, 10 ट्रेनों को सुपरफास्ट ट्रेनों में बदला गया और 549 ट्रेनों की गति बढ़ाई गई।

नई ट्रेनों की शुरुआत का विवरण

ट्रेन समय सारणी 2026 के तहत प्रीमियम, एक्सप्रेस और पैसेंजर सभी तरह की सेवाओं मेंमेंq मिलाजुला कर 122 नई ट्रेनों को शामिल किया गया। इनमें से 26 ‘अमृत भारत ट्रेनें शुरू की गईं, जिनमें 4 ट्रेनें टीएजी-टीओडी  के माध्यम से शुरू की गईं हैं। सबसे अधिक हिस्सेदारी मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की है जिनकी 60 सेवाएँ शुरू की गईं, जिनमें से 8 सेवाएँ टीएजी-टीओडी के माध्यम से शुरू हुईं। इसके अतिरिक्त 2 हमसफर ट्रेनें, 2 जन शताब्दी ट्रेनें, 2 नमो भारत रैपिड रेल सेवाएँ और 2 राजधानी ट्रेनें शुरू की गईं।

इसके अतिरिक्त, सेमी-हाई-स्पीड कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए 28 वंदे भारत ट्रेनें जोड़ी गईं। कुल मिलाकर, इन श्रेणियों में इस अवधि के दौरान शुरू की गई कुल 122 नई ट्रेनें शामिल हैं।

ट्रेनों की गति बढ़ाई गई

समय की पाबंदी में सुधार और यात्रा के समय को कम करने के लिए ट्रेनों की समय सारिणी 2026 के तहत कुल 549 ट्रेनों की गति बढ़ा दी गई है। इनमें से 376 ट्रेनों की गति 5 से 15 मिनट तक, 105 ट्रेनों की गति 16 से 30 मिनट तक, 48 ट्रेनों की गति 31 से 59 मिनट तक और 20 ट्रेनों की गति 60 मिनट या उससे अधिक बढ़ा दी गई।

दक्षिण पश्चिम रेलवे ने इसमें प्रमुख योगदान दिया, जिन ट्रेनों की गति बढ़ाई गई उनमें  66 ट्रेनों की गति 5-15 मिनट, 29 ट्रेनों की गति 16-30 मिनट, 12 ट्रेनों की गति 31-59 मिनट और 10 की 60 मिनट या उससे अधिक की गति वाली 10 ट्रेनें शामिल हैं। मध्य रेलवे ने 13 ट्रेनों की गति में 5–15 मिनट, 13 ट्रेनों में 16–30 मिनट और 4 ट्रेनों में 31–59 मिनट का सुधार किया। पूर्व तटीय रेलवे  ने 2 ट्रेनों की गति 5–15 मिनट और 1 ट्रेन की गति 16–30 मिनट बढ़ाई। पूर्व मध्य रेलवे  ने 7 ट्रेनों की गति 5–15 मिनट, 2 ट्रेनों की 16–30 मिनट, 2 ट्रेनों की 31–59 मिनट और 1 ट्रेन की गति में 60 मिनट या उससे अधिक का सुधार किया। पूर्व रेलवे ने भी 29 ट्रेनों की गति में 5–15 मिनट और 3 ट्रेनों में 16–30 मिनट की वृद्धि की।

उत्तर मध्य रेलवे ने 1 ट्रेन की गति में 5–15 मिनट का सुधार किया। पूर्वोत्तर रेलवे ने 9 ट्रेनों की गति 5–15 मिनट और 3 ट्रेनों की गति 16–30 मिनट बढ़ाई। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने 20 ट्रेनों की गति में 5–15 मिनट, 10 ट्रेनों में 16–30 मिनट, 3 ट्रेनों में 31–59 मिनट और 3 ट्रेनों में 60 मिनट या उससे अधिक का सुधार किया। उत्तर रेलवे ने 22 ट्रेनों की गति 5–15 मिनट और 2 ट्रेनों की गति 16–30 मिनट बढ़ाई। उत्तर पश्चिम रेलवे ने 67 ट्रेनों की गति को 5–15 मिनट, 14 ट्रेनों में 16–30 मिनट, 7 ट्रेनों में 31–59 मिनट और 1 ट्रेन की गति को 60 मिनट से अधिक बढ़ाया।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने 9 ट्रेनों की गति 5–15 मिनट और 2 ट्रेनों की गति 16–30 मिनट बढ़ाई। दक्षिण रेलवे ने 53 ट्रेनों की गति में 5–15 मिनट, 10 ट्रेनों में 16–30 मिनट, 9 ट्रेनों में 31–59 मिनट और 3 ट्रेनों में 60 मिनट से अधिक का सुधार किया। पश्चिम मध्य रेलवे ने 25 ट्रेनों की गति 5–15 मिनट, 1 ट्रेन की गति 16–30 मिनट और 1 ट्रेन की गति 31–59 मिनट बढ़ाई। पश्चिम रेलवे ने 53 ट्रेनों की गति को 5–15 मिनट, 15 ट्रेनों में 16–30 मिनट, 10 ट्रेनों में 31–59 मिनट और 2 ट्रेनों की गति को 60 मिनट या उससे अधिक बढ़ाया।

कुल मिलाकर, ट्रेनों की समय सारणी 2026, यात्रा के समय और यात्रियों की सुविधा को बेहतर बनाने के लिए इंडियन रेलवे के मज़बूत इरादे को दिखाती है। सभी ज़ोन में 549 ट्रेनों की गति बढ़ाने की इस पहल से समयपालन, परिचालन दक्षता और कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा जिससे देश भर में तेज़ और अधिक विश्वसनीय रेल सेवाएँ सुनिश्चित होंगी।

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पीके/केसी/एसके


(रिलीज़ आईडी: 2213056) आगंतुक पटल : 278
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