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वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय
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स्टार्टअप इंडिया नए भारत का एक निर्णायक आंदोलन बनकर उभरा है: प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी


एक दशक में 400 स्टार्टअप से बढ़कर दो लाख से अधिक: केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने स्टार्टअप इंडिया के प्रभाव पर प्रकाश डाला

सरकार ने 50 से अधिक क्षेत्रों में स्टार्टअप के विस्तार के साथ डीप टेक को प्राथमिकता दी; फंड ऑफ फंड्स ने भारत के बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत किया: श्री पीयूष गोयल

1 लाख करोड़ रुपये का अनुसंधान एवं विकास कोष डीप टेक अनुसंधान को वैश्विक मानकों तक पहुंचाने में सहायक होगा: श्री पीयूष गोयल

द्वितीय और तृतीय श्रेणी के शहरों के नेतृत्व में स्टार्टअप क्रांति पूरे देश में फैल रही है: श्री पीयूष गोयल

भारत में वैश्विक रुचि बढ़ने के साथ मुक्त व्यापार समझौते की वार्ता में स्टार्टअप सहयोग को महत्व मिल रहा है: श्री पीयूष गोयल

डीपीआईआईटी ने पांचवें नेशनल स्टार्टअप अवॉर्ड्स और राज्यों की स्टार्टअप रैंकिंग के नतीजे घोषित किए

प्रविष्टि तिथि: 16 JAN 2026 4:49PM by PIB Delhi

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने स्टार्टअप इंडिया की दस साल की यात्रा को लाखों सपनों और युवा कल्पनाओं से आकारित क्रांति बताते हुए कहा कि यह पहल एक सरकारी योजना से कहीं आगे बढ़कर नए भारत का एक निर्णायक आंदोलन बन गई है। उन्होंने राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के भारत मंडपम में स्टार्टअप संस्थापकों, नवप्रवर्तकों और युवा उद्यमियों को संबोधित करते हुए यह बात कही।

भारत सिर्फ दस वर्षों में विश्‍व के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम के रूप में उभरा है, उन्होंने कहा कि स्टार्टअप्स की संख्या वर्ष 2014 में 500 से कम से बढ़कर आज दो लाख से अधिक हो गई है, जबकि यूनिकॉर्न की संख्या चार से बढ़कर लगभग 125 हो गई है, जिसमें भारतीय स्टार्टअप्स लगातार आईपीओ लॉन्च कर रहे हैं, रोजगार सृजित कर रहे हैं और वैश्विक ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अकेले वर्ष 2025 में लगभग 44 हजार स्टार्टअप पंजीकृत हुए - जो किसी एक वर्ष में सबसे अधिक संख्या है - यह स्टार्टअप इकोसिस्टम की तीव्र गति को दर्शाता है। कृषि, फिनटेक, मोबिलिटी, स्वास्थ्य और सस्टेनेबिलिटी जैसे क्षेत्रों के युवा नवोन्मेषकों के साथ हुई बातचीत को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उनके विचार, आत्मविश्वास और महत्वाकांक्षा एक ऐसे नए भारत को दर्शाते हैं जो वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करने पर केंद्रित है। प्रधानमंत्री ने युवाओं से मिलकर संतोष व्यक्त किया और बड़े सपने देखने के उनके साहस की प्रशंसा करते हुए कहा कि स्टार्टअप इंडिया ने उन्हें नवाचार के लिए खुला आसमान दिया है और आज उपस्थित कई युवा उद्यमी स्वयं भारत की स्टार्टअप सफलता की कहानी में भविष्य के उदाहरण बनेंगे।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज से दस वर्ष पहले प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के समक्ष एक नई विचारधारा प्रस्तुत की थी, जिसमें युवाओं से रोजगार चाहने वालों की जगह रोजगार सृजनकर्ता बनने का आह्वान किया गया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में इस परिवर्तन को स्पष्ट रूप से साकार होते देखकर देश को गर्व है।

श्री गोयल ने याद दिलाया कि जब वर्ष 2016 में स्टार्टअप इंडिया पहल शुरू की गई थी, तब देश में लगभग 400 स्टार्टअप ही थे। आज यह आंदोलन काफी व्यापक हो चुका है और उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के साथ दो लाख से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हैं। उन्होंने आगे कहा कि इन स्टार्टअप्स ने देश भर में लगभग 21 लाख रोजगार सृजित किए हैं।

स्टार्टअप इंडिया के व्यापक प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए मंत्री महोदय ने कहा कि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोहों में छात्रों और शिक्षकों से बातचीत के दौरान उन्होंने युवाओं में एक नए आत्मविश्वास को देखा है। उन्होंने कहा कि कई कैंपस "मिनी शार्क टैंक" में तब्दील हो गए हैं, जहां छात्र अपने विचारों को यथार्थ में बदलने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने कहा कि यह बदलाव प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व और निरंतर प्रोत्साहन के कारण संभव हो पाया है।

श्री गोयल ने आईआईटी मद्रास के नवाचार केंद्र में स्टार्टअप्स के साथ काम करने के अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि वे छात्रों के उत्साह, रचनात्मकता और समस्या-समाधान क्षमताओं से बेहद प्रभावित हुए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनकी प्रतिभा और कौशल वैश्विक चुनौतियों का सामना करने और विश्व मंच पर नवाचार का प्रदर्शन करने की भारत की क्षमता को दर्शाते हैं।

मंत्री महोदय ने बताया कि भारतीय स्टार्टअप वर्तमान में डीप टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, क्वांटम कंप्यूटिंग, एग्री-टेक, स्पेस टेक, ड्रोन टेक्नोलॉजी, एयरोस्पेस और रॉकेट टेक्नोलॉजी सहित 50 से अधिक क्षेत्रों में सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था के सभी आवश्यक और उच्च प्रभाव वाले क्षेत्रों में स्टार्टअप फल-फूल रहे हैं।

श्री गोयल ने याद दिलाया कि स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए सरकार ने वर्ष 2016 में 10 हजार करोड़ रुपये का फंड ऑफ फंड्स गठित किया था ताकि स्टार्टअप्स को प्रारंभिक पूंजी उपलब्ध कराई जा सके और उन्हें सोच-समझकर जोखिम उठाने में सक्षम बनाया जा सके। पहली किश्त के सफल उपयोग के बाद, पिछले केंद्रीय बजट में 10 हजार करोड़ रुपये की दूसरी किश्त स्वीकृत की गई थी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य इस फंड का एक बड़ा हिस्सा डीप टेक और हाई-टेक क्षेत्रों में लगाना है ताकि युवा उद्यमिता को और अधिक प्रोत्साहन मिल सके।

मंत्री महोदय ने आगे बताया कि प्रधानमंत्री ने अनुसंधान, विकास और नवाचार के लिए 1 लाख करोड़ रुपये के कोष की घोषणा की है, जो शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों और स्टार्टअप्स को वैश्विक मानकों के अनुरूप गहन प्रौद्योगिकी में उन्नत अनुसंधान करने में सहायता करेगा।

श्री गोयल ने बताया कि स्टार्टअप अब देश के हर कोने में मौजूद हैं, जिनमें से लगभग 50 प्रतिशत द्वितीय और तृतीय श्रेणी के शहरों से शुरू हुए हैं, जो यह दर्शाता है कि स्टार्टअप क्रांति वास्तव में एक भारतीय आंदोलन बन गई है। उन्होंने पूर्वोत्तर क्षेत्र को एक प्रमुख उदाहरण के रूप में उद्धृत करते हुए सिक्किम में स्टार्टअप्स के सराहनीय कार्य और असम में चाय उत्पादकों और युवाओं के बीच आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए किए जा रहे सहयोग का उल्लेख किया। दक्षिण भारत में आंध्र प्रदेश देश की ड्रोन राजधानी के रूप में उभर रहा है, जबकि कर्नाटक और तमिलनाडु डीप टेक और एआई स्टार्टअप्स के केंद्र बन गए हैं।

श्री गोयल ने कहा कि विश्व भारत को लेकर बेहद आशावादी है और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और मुक्त व्यापार समझौते की वार्ताओं के दौरान कई देशों ने भारत के साथ स्टार्टअप संबंध स्थापित करने में गहरी रुचि दिखाई है। उन्होंने अनुमान लगाया कि लगभग 100 देश अंतर-स्टार्टअप समन्वय मंचों के माध्यम से भारत के स्टार्टअप इकोसिस्‍टम के साथ सहयोग करने के इच्छुक हैं।

मंत्री महोदय ने अपने संबोधन का समापन इस विश्वास के साथ किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में बोया गया स्टार्टअप इंडिया का बीज फलता-फूलता रहेगा और 140 करोड़ भारतीयों द्वारा साझा किए गए 'विकसित भारत' के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

भारत ने स्टार्टअप इंडिया पहल के एक दशक पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग ने देश में एक सशक्त, समावेशी और नवाचार-आधारित उद्यमशीलता इकोसिस्‍टम के निर्माण के लिए किए गए निरंतर नीतिगत प्रयासों के दस वर्षों का जश्न मनाया। आज राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के आयोजन और राज्यों की स्टार्टअप रैंकिंग और राष्ट्रीय स्टार्टअप पुरस्कारों के 5वें संस्करण के परिणाम घोषणा समारोह के साथ यह उत्सव अपने चरम पर है। इस समारोह में स्टार्टअप इकोसिस्‍टम के सभी प्रमुख हितधारक एक साथ आए हैं।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा 16 जनवरी, 2016 को शुरू की गई स्टार्टअप इंडिया पहल को नवाचार को बढ़ावा देने, उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और निवेश-आधारित विकास को सक्षम बनाने के लिए एक परिवर्तनकारी पहल के रूप में परिकल्पित किया गया था, जिसका उद्देश्य भारत को रोजगार चाहने वालों के बजाय रोजगार सृजन करने वाला देश बनाना था।
पिछले दस वर्षों में, यह पहल भारत की आर्थिक और नवाचार संरचना का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभरी है, जिसने संस्थागत तंत्र को मजबूत किया है, पूंजी और मार्गदर्शन तक पहुंच का विस्तार किया है और एक ऐसा वातावरण विकसित किया है जहां स्टार्टअप विभिन्न क्षेत्रों और भौगोलिक क्षेत्रों में विस्तार कर सकते हैं। राष्ट्र निर्माण, सामाजिक-आर्थिक विकास और आत्मनिर्भरता में स्टार्टअप की महत्वपूर्ण भूमिका को मान्यता देते हुए, प्रधानमंत्री ने वर्ष 2022 में 16 जनवरी को राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस घोषित किया।

पिछले एक दशक में, भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम ने अभूतपूर्व विस्तार दर्ज किया है, जिसमें देश भर में डीपीआईआईटी द्वारा 2 लाख  से अधिक स्टार्टअप को मान्यता दी गई है। ये उद्यम रोजगार सृजन, नवाचार-आधारित आर्थिक विकास और विभिन्न क्षेत्रों में घरेलू मूल्य श्रृंखलाओं को मजबूत करने के प्रमुख चालक के रूप में उभरे हैं। निरंतर नीतिगत समर्थन, संस्थागत सहयोग और व्यापक इकोसिस्टम के सहयोग के माध्यम से, स्टार्टअप इंडिया पहल समावेशी विकास, तकनीकी उन्नति और दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता के उत्प्रेरक के रूप में उद्यमिता को बढ़ावा देकर विकसित भारत@2047 के राष्ट्रीय दृष्टिकोण को आगे बढ़ा रही है।

डीपीआईआईटी ने राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस समारोह के अंतर्गत राष्ट्रीय स्टार्टअप पुरस्कार (एनएसए 5.0) और राज्यों के स्टार्टअप रैंकिंग अभ्यास (एसआरएफ 5.0) के पांचवें संस्करण के परिणामों की घोषणा की। ये दो प्रमुख पहलें स्टार्टअप क्षेत्र में उत्कृष्टता को मान्यता देने और इकोसिस्‍टम के प्रदर्शन को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मंच के रूप में उभरी हैं।
राष्ट्रीय स्टार्टअप पुरस्कार उन स्टार्टअप्स को सम्मानित करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं जो नवाचार, विस्तारशीलता और सामाजिक प्रभाव में उत्कृष्टता प्रदर्शित करते हैं, साथ ही उच्च प्रभाव वाले उद्यमों को प्रदर्शित करने के लिए एक संरचित राष्ट्रीय मंच प्रदान करते हैं। स्टार्टअप इंडिया के दस साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित पुरस्कारों का पांचवां संस्करण, नई और भविष्योन्मुखी पुरस्कार श्रेणियों की शुरूआत के माध्यम से इकोसिस्‍टम की बढ़ती परिपक्वता को दर्शाता है। 20 पुरस्कार श्रेणियों में फैले इस संस्करण में द्वितीय और तृतीय स्तर के शहरों के स्टार्टअप्स, डीप-टेक नवाचार और राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप उभरते क्षेत्रों के स्टार्टअप्स को मान्यता दी गई है।

राज्यों का स्टार्टअप रैंकिंग ढांचा एक व्यावहारिक नीति और शासन उपकरण के रूप में कार्य करता है, जिससे यह आकलन किया जा सके कि राज्य और केंद्र शासित प्रदेश जमीनी स्तर पर स्टार्टअप विकास को कितनी प्रभावी ढंग से बढ़ावा दे रहे हैं। राज्य सरकारों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और सहयोग को प्रोत्साहित करके, यह ढांचा देश भर में मजबूत और सुचारू रूप से कार्य करने वाले स्टार्टअप इकोसिस्‍टम के विकास में सहयोग प्रदान करता है।
राज्यों के स्टार्टअप रैंकिंग ढांचे का पांचवां संस्करण पिछले संस्करणों से प्राप्त सीखों पर आधारित है और मापने योग्य परिणामों, दीर्घकालिक स्थिरता और स्टार्टअप इकोसिस्‍टम के लचीलेपन पर अधिक जोर देता है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का मूल्यांकन छह सुधार क्षेत्रों और उन्नीस स्पष्ट रूप से परिभाषित कार्य बिंदुओं के आधार पर किया जाता है, जिनमें नीति और संस्थागत समर्थन, भौतिक और डिजिटल अवसंरचना, वित्तपोषण तक पहुंच, बाजार पहुंच और संपर्क, उद्यमियों और इकोसिस्‍टम के हितधारकों के लिए क्षमता निर्माण और नवाचार-आधारित विकास शामिल हैं। वर्तमान संस्करण में 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की भागीदारी कार्यान्वयन में सुधार, इकोसिस्‍टम की परिपक्वता को मजबूत करने और स्टार्टअप को विभिन्न क्षेत्रों में विकसित और विस्तारित करने में सक्षम बनाने के लिए एक साझा राष्ट्रीय प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

राष्ट्रीय स्टार्टअप पुरस्कार और राज्य-स्तरीय स्टार्टअप रैंकिंग अभ्यास ने स्टार्टअप की सफलता को मान्यता देने और देश भर में इकोसिस्टम के प्रदर्शन को मापने के तरीके को निर्णायक रूप से आकार दिया है। उच्च प्रदर्शन करने वाले स्टार्टअप को पुरस्कृत करके और राज्य-स्तर पर सरकारी कार्रवाई का आकलन करके, इन पहलों ने जवाबदेही को बढ़ावा दिया है, मानकों को ऊंचा किया है और देश में इकोसिस्टम के विकास की गति को तेज किया है।

स्टार्टअप इंडिया के दस वर्ष पूरे होने पर, यह दशक स्पष्ट नीतिगत उद्देश्य, सुसंगत क्रियान्वयन और बढ़ते उद्यमशीलता के आत्मविश्वास के लिए उल्लेखनीय है। आज स्टार्टअप न केवल नवाचार और रोजगार सृजन के इंजन हैं, बल्कि आर्थिक शक्ति और आत्मनिर्भरता में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, जिससे उद्यमिता और नवाचार के लिए एक अग्रणी वैश्विक गंतव्य के रूप में भारत की स्थिति मजबूत होती है।

परिशिष्ट-I: राष्ट्रीय स्टार्टअप पुरस्कार (एनएसए 5.0) – श्रेणीवार विजेता

पुरस्कार श्रेणी

 

स्टार्टअप का नाम

 

राज्य / केंद्र शासित प्रदेश

 

कृषि-नवाचार पुरस्कार

एरीटे

महाराष्ट्र

एस्पायर पुरस्कार

फ्यूज़लेज इनोवेशन्स प्राइवेट लिमिटेड

केरल

 

सर्वश्रेष्ठ डीपटेक स्टार्टअप पुरस्कार

ट्रिनानो टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड

महाराष्ट्र

 

बूटस्ट्रैप्ड पुरस्कार

पंप अकादमी प्राइवेट लिमिटेड

कर्नाटक

 

सर्कुलर इकोनॉमि इनोवेटर पुरस्‍कार

ईकोएसटीपी टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड

कर्नाटक

 

सामुदायिक विकास उत्प्रेरक

क्रेडिटबकेट टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड

बिहार

 

क्रिएटिव इंडस्‍ट्री डिसरप्‍टिव

मेमेराकी रिटेल एंड टेक प्राइवेट लिमिटेड

हरि‍याणा

 

एफ एंड बी ट्रेलब्‍लेजर

प्रोक्सी फार्मा प्राइवेट लिमिटेड

महाराष्ट्र

 

फिनटेक क्रांति उत्प्रेरक पुरस्कार

टिम्बल टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड

दिल्ली

 

हेल्थ-टेक उत्कृष्टता पुरस्कार

ब्लू फीनिक्स टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड

महाराष्ट्र

 

मानवीय प्रभाव

कुबेरजी टेक प्राइवेट लिमिटेड

गुजरात

समावेशी डिजाइन उत्कृष्टता

ग्लोवेट्रिक्स प्राइवेट लिमिटेड

महाराष्ट्र

 

इनोवेशन ट्रेलब्‍लेजर

सनफॉक्स टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड

उत्तराखंड

 

मेक इन इंडिया उत्कृष्टता

गोट रोबोटिक्स प्राइवेट लिमिटेड

तमिलनाडु

 

नेक्स्टजेन इनोवेटर

माइन इलेक्ट्रिक ऑटोमोटिव्स प्राइवेट लिमिटेड

दिल्ली

 

राइजिंग स्टार अवार्ड

एवियोट्रॉन एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड

राजस्थान

 

सप्लाई चेन स्टार्टअप ऑफ द ईयर

उद्योगयंत्र टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड

 

दिल्ली

 

शहरी गतिशीलता उत्कृष्टता

एंटुपल ई-मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड

कर्नाटक

 

इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए विजनरी अवार्ड

हाइफ़न एससीएस प्राइवेट लिमिटेड

उत्तर प्रदेश

महिला नेतृत्व वाली नवोन्मेषक

एरिवेशन फैशनटेक प्राइवेट लिमिटेड

हरि‍याणा

 

परिशिष्ट-II: राज्यों के स्टार्टअप रैंकिंग फ्रेमवर्क (एसआरएफ 5.0) के परिणाम

सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनकर्ता

श्रेणी ए

गुजरात

श्रेणी बी

अरुणाचल प्रदेश, गोवा

शीर्ष प्रदर्शनकर्ता

श्रेणी ए

कर्नाटक, पंजाब, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश

श्रेणी बी

हिमाचल प्रदेश

लीडर्स

श्रेणी ए

आंध्र प्रदेश, हरियाणा, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तराखंड

श्रेणी बी

मणिपुर, मेघालय, नागालैंड

महत्वाकांक्षी लीडर्स

श्रेणी ए

असम, बिहार, जम्मू और कश्मीर, ओडिशा

श्रेणी बी

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, मिजोरम, सिक्किम, त्रिपुरा

उभरते स्टार्टअप इकोसिस्‍टम  

श्रेणी ए

छत्तीसगढ़, दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र

श्रेणी बी

चंडीगढ़; दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव; लद्दाख; लक्षद्वीप; पुदुचेरी

 

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पीके/केसी/एचएन/ओपी


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