पर्यटन मंत्रालय
युवा शेफ भारत की पाक कला की विरासत के पथप्रदर्शक हैं: श्री गजेंद्र सिंह शेखावत
पुणे स्थित सिम्बायोसिस स्कूल ऑफ कलिनरी आर्ट्स ने पीएचडीसीसीआई राष्ट्रीय युवा शेफ प्रतियोगिता 2025-26 के ग्रैंड फिनाले में जीत हासिल की
प्रविष्टि तिथि:
19 JAN 2026 10:55PM by PIB Delhi

पुणे स्थित सिम्बायोसिस स्कूल ऑफ कलिनरी आर्ट्स एंड न्यूट्रिशनल साइंसेज ने पहली बार आयोजित पीएचडीसीसीआई नेशनल यंग शेफ कॉम्पिटिशन (एनवाईसीसी) 2025-26 का खिताब जीता। इस कार्यक्रम का ग्रैंड फिनाले इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएम), पूसा, नई दिल्ली में हुआ। महाराष्ट्र स्टेट आईएचएमसीटी, पुणे और आईएचएम पूसा, नई दिल्ली क्रमशः प्रथम और द्वितीय उपविजेता रहे। सर्वश्रेष्ठ भाजा व्यंजन का पुरस्कार शेफ्स किचन इंस्टीट्यूट ऑफ कलिनरी आर्ट्स एंड होटल मैनेजमेंट, कोल्हापुर को दिया गया।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय व्यंजन हमारी सबसे सशक्त सांस्कृतिक धरोहरों में से एक हैं और पर्यटन आधारित विकास का एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। हमारी व्यंजन परंपराएं हमारे क्षेत्रों की विविधता, ज्ञान और जीवंत विरासत को दर्शाती हैं और हमारे युवा शैफ इस विरासत के वाहक हैं। उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण और बदलते उपभोग पैटर्न भारतीय शैफ को पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों पर आधारित मूल्यवर्धित, पौष्टिक रूप से संतुलित और तैयार भोजन समाधानों में नवाचार का नेतृत्व करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि एनवाईसीसी जैसे मंच उन शैफ को पोषित करते हैं जो परंपराओं में गहराई से जुड़े होने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर आत्मविश्वास से परिपूर्ण हैं और वैश्विक मंच पर भारत की पाक कला उत्कृष्टता का प्रतिनिधित्व करने में सक्षम हैं।

ग्रैंड फिनाले में देश के चारों क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले 10 प्रमुख आतिथ्य संस्थान- एशियन क्रिश्चियन कलिनरी एंड एग्रीकल्चरल साइंस इंस्टीट्यूट, होसुर; शेफ्स किचन इंस्टीट्यूट ऑफ कलिनरी आर्ट्स एंड होटल मैनेजमेंट, कोल्हापुर; कलिनरी एकेडमी ऑफ इंडिया, हैदराबाद; आईएचएम भुवनेश्वर; आईएचएम कोलकाता; आईएचएम कुफरी; आईएचएम पूसा, नई दिल्ली; आईएचएम हैदराबाद; महाराष्ट्र स्टेट आईएचएमसीटी, पुणे; और सिम्बायोसिस स्कूल ऑफ कलिनरी आर्ट्स एंड न्यूट्रिशनल साइंसेज, पुणे एक साथ शामिल हुए। यह प्रतियोगिता के अखिल भारतीय स्वरूप को दर्शाता है।

फाइनल में पहुंचने वाले प्रतिभागियों का मूल्यांकन एक प्रतिष्ठित जूरी द्वारा किया गया, जिसमें हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के उप महाप्रबंधक शैफ नंद लाल शर्मा, पैशन 4 हॉस्पिटैलिटी के सलाहकार शैफ और सह-संस्थापक शैफ देबजीत मजूमदार, जीआईएचएमसीटी नागपुर में खाद्य उत्पादन के प्रोफेसर शैफ नितिन शेंडे, ट्रैवल फूड सर्विसेज के कार्यकारी शेफ श्रीनिवास वी और डॉ. एमजीआर एजुकेशनल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के संयुक्त रजिस्ट्रार शैफ एम. प्रभु शामिल थे। इस जूरी की अध्यक्षता प्रमाणित वर्ल्डशेफ जज शैफ अनिल ग्रोवर ने की।


पीएचडीसीसीआई द्वारा भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय, इंडियन फेडरेशन ऑफ कलिनरी एसोसिएशंस (आईएफसीए) और टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी स्किल काउंसिल (टीएचएससी) के साथ साझेदारी में आयोजित एनवाईसीसी ने भारत की समृद्ध गैस्ट्रोनॉमिक विरासत का उत्सव मनाते हुए भारतीय व्यंजनों के लिए एक केंद्रित राष्ट्रीय मंच बनाने के उद्देश्य से छह महीने की राष्ट्रव्यापी पाक कला यात्रा के शानदार परिणाम को चिह्नित किया।
प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए, पीएचडीसीसीआई के पर्यटन एवं आतिथ्य समिति के अध्यक्ष श्री अनिल पाराशर ने कहा कि एनवाईसीसी की परिकल्पना महज एक प्रतियोगिता के रूप में नहीं, बल्कि युवा पेशेवरों के बीच भारतीय व्यंजनों के प्रति गौरव को पुनर्जीवित करने के लिए एक राष्ट्रीय स्तर की पहल के रूप में की गई थी। पूरे भारत के संस्थानों से मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया इस पहल की प्रासंगिकता और समयबद्धता को प्रमाणित करती है।
एनवाईसीसी संचालन समिति में आईएफसीए के अध्यक्ष शैफ मनजीत गिल, प्रमाणित वर्ल्डशेफ जज शैफ अनिल ग्रोवर, आईएफसीए के संस्थापक सदस्य शैफ सुधीर सिबल, टीएचएससी के सीईओ श्री राजन बहादुर, आईएचएम पूसा के प्रिंसिपल प्रोफेसर कमल कांत पंत और ले मेरिडियन नई दिल्ली के खरीद निदेशक श्री अमरजीत सिंह आहूजा शामिल थे।
इस अवसर पर आईएफसीए के अध्यक्ष और एनवाईसीसी संचालन समिति के अध्यक्ष शैफ मनजीत गिल ने कहा कि भारतीय व्यंजन केवल व्यंजनों का संग्रह नहीं है; यह इतिहास, विज्ञान और सांस्कृतिक स्मृति से अंकुरित एक दर्शन है। एनवाईसीसी युवा शैफों को भारतीय पाक कला की जड़ों का सम्मान करने और ईमानदारी, कौशल और जिम्मेदारी के साथ उनकी पुनर्व्याख्या करने के लिए प्रोत्साहित करता है।
पीएचडीसीसीआई की पर्यटन एवं आतिथ्य समिति के सह-अध्यक्ष श्री राजन सहगल ने कहा कि एनवाईसीसी उद्योग, शिक्षा जगत और सरकार के बीच सहयोग की शक्ति का उत्कृष्ट उदाहरण है। मार्गदर्शन, राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और निष्पक्ष मूल्यांकन के साथ, युवा प्रतिभाएं आत्मविश्वास से परिपूर्ण, रोजगार योग्य और भविष्य के लिए तैयार हो जाती हैं।
ग्रैंड फिनाले में एक विशेष लाइव कुकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को ढाई घंटे के भीतर एक पारंपरिक भोजन तैयार करने की चुनौती दी गई- जिसमें भाजा, मुख्य व्यंजन, सब्जी और दालें, दही, चावल या रोटी और एक मिठाई शामिल थीं और इसका मूल्यांकन तकनीक, प्रामाणिकता, नवीनता, स्थिरता और प्रस्तुति के आधार पर किया गया।
एनवाईसीसी की यात्रा और भविष्य की दृष्टि को प्रस्तुत करते हुए, पीएचडीसीसीआई की सहायक महासचिव सुश्री शालिनी एस. शर्मा ने कहा कि उद्घाटन समारोह से लेकर उत्तर, पूर्व, पश्चिम और दक्षिण भारत में चार क्षेत्रीय दौरों तक, एनवाईसीसी ने देशभर में 100 से अधिक आतिथ्य संस्थानों को शामिल किया है। इसे एक सतत राष्ट्रीय मंच के रूप में विकसित करने की योजना है। यह एक सुगठित मार्गदर्शन और उद्योग एकीकरण प्रदान करता है।
पीएचडीसीसीआई की पर्यटन एवं आतिथ्य समिति की सह-अध्यक्ष सुश्री मीना भाटिया ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए, एनवाईसीसी को एक प्रमुख राष्ट्रीय पहल के रूप में संस्थागत रूप देने और आने वाले वर्षों में इसके प्रभाव का विस्तार करने के लिए पीएचडीसीसीआई की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
एनवाईसीसी में टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, ली कुम की, नेस्ले प्रोफेशनल, क्रेमिका फूड इंडस्ट्रीज, वीनस इंडस्ट्रीज, हॉस्पिटैलिटी एंड किचन सॉल्यूशंस (एचएकेएस), हिल्टन, रोजेट होटल्स एंड रिसॉर्ट्स, वाघ बकरी टी ग्रुप, वेलबिल्ट इंडिया, मैक्केन फूड्स, शेफ्स अनलिमिटेड, ली मेरिडियन नई दिल्ली और परचेजिंग प्रोफेशनल फोरम इंडिया (पीपीएफआई) शामिल हैं।
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पीके/केसी/एसएस/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2216394)
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