• Skip to Content
  • Sitemap
  • Advance Search
पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 80 करोड़ रुपए की अगरवुड मूल्य श्रृंखला विकास योजना की आधारशिला रखी


पीएम मोदी के नेतृत्व में अगरवुड क्षेत्र 'लोकल टू ग्लोबल' का सशक्त उदाहरण बनेगा:सिंधिया

मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा के नेतृत्व में त्रिपुरा के अगरवुड किसानों को पूरा मूल्य मिलेगा: सिंधिया

योजना का लक्ष्य त्रिपुरा की उत्पादन क्षमता को 50% तक बढ़ाना है

प्रविष्टि तिथि: 24 JAN 2026 6:45PM by PIB Delhi

अगरतला, त्रिपुरा

पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास एवं संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया शनिवार को त्रिपुरा और असम के अपने तीन दिवसीय दौरे के दूसरे दिन त्रिपुरा के उत्तर फुलकाबारी पहुंचे, जहां उन्होंने 80 करोड़ रुपये की अगरवुड मूल्य श्रृंखला विकास योजना की आधारशिला रखी।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित पूर्वोत्तर के दृष्टिकोण के तहत, वे इस यात्रा के दौरान क्षेत्र के लिए कई विकास पहल लेकर आए हैं। इनमें से कुछ को शुक्रवार को दौरे के पहले दिन जनता को समर्पित किया गया, अगरवुड मूल्य श्रृंखला की आधारशिला आज रखी गई और कल माताबारी पर्यटन सर्किट का उद्घाटन किया जाएगा, जो इस दौरे के सबसे बड़े उपहारों में से एक है।

श्री सिंधिया ने कहा कि भारत की अगरवुड उत्पादन क्षमता मुख्य रूप से त्रिपुरा और असम में केंद्रित है और इस योजना का मकसद दोनों राज्यों की क्षमताओं को नई ऊर्जा प्रदान करना है।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/WhatsAppImage2026-01-24at6.42.35PM4HNW.jpeg

 

80 करोड़ रुपये की योजना के तहत अगरवुड की संपूर्ण मूल्य श्रृंखला का विकास: सिंधिया

केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने बताया कि यह योजना किसानों के खेतों में लगे पेड़ों से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बिकने वाली इत्र की बोतलों तक, अगरवुड की संपूर्ण मूल्य श्रृंखला को मजबूत करेगी।

उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत दो केंद्रीय प्रसंस्करण केंद्र (सीपीसी) स्थापित किए जाएंगे जिनमें से एक गोलाघाट (असम) में और दूसरा त्रिपुरा में होगा। ये केंद्र व्यापक प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और विपणन को सक्षम बनाएंगे, बिचौलियों की भूमिका को खत्म करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि किसानों को उनकी उपज का पूरा मूल्य मिले।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/WhatsAppImage2026-01-24at6.42.36PMLCQI.jpeg

 

जीआई टैग, निर्यात कोटा में वृद्धि और डिजिटल अनुमतियाँ वैश्विक बाजार तक पहुंच को सक्षम बनाएंगी--

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगरवुड क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग प्राप्त करने की प्रक्रिया जारी है, निर्यात कोटा छह गुना बढ़ा दिया गया है, अगरवुड चिप्स का निर्यात 25,000 किलोग्राम से बढ़ाकर 1.5 लाख किलोग्राम कर दिया गया है, अगरवुड तेल का निर्यात 1,500 किलोग्राम से बढ़ाकर 7,500 किलोग्राम कर दिया गया है और किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से सीधे जोड़ने के लिए साइटों और अनुमतियों को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एकीकृत किया जा रहा है।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि मकसद बिचौलियों को हटाना और यह सुनिश्चित करना है कि पूरा लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/WhatsAppImage2026-01-24at6.42.37PMZM02.jpeg

 

फुलकाबारी का अगरवुड क्षेत्र: लोकल से वोकलऔर 'ओडीओपी' का जीता-जागता उदाहरण--

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि फुलकाबारी का अगरवुड क्षेत्र प्रधानमंत्री मोदी के 'लोकल से वोकल', 'वोकल फॉर लोकल' और 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी)' के दृष्टिकोण का एक सशक्त उदाहरण है।

उन्होंने बताया कि भारत में वर्तमान में लगभग 15 करोड़ अगरवुड के पेड़ हैं, जिनमें से लगभग 90% पूर्वोत्तर राज्यों में हैं। इस योजना के ज़रिए त्रिपुरा की उत्पादन क्षमता में 50% तक की वृद्धि होने की उम्मीद है।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/WhatsAppImage2026-01-24at6.43.26PMZ6UT.jpeg

 

त्रिपुरा के अगरवुड बाजार में वैश्विक स्तर पर सीधे संपर्क के साथ 2,000 करोड़ रुपए के वार्षिक कारोबार की अपार संभावनाएं हैं--

केंद्रीय मंत्री ने भरोसा जताया कि अगले 3-4 वर्षों में अकेले त्रिपुरा के अगरवुड बाजार में 2,000 करोड़ रुपए के वार्षिक कारोबार की क्षमता विकसित हो सकती है।

किसानों को वैश्विक बाजारों से सीधे जोड़ने के लिए क्रेता-विक्रेता बैठकें आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने कतर के खरीदारों के साथ हाल ही में हुई एक बैठक का उदाहरण दिया, जिसमें किसानों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से सीधे जोड़ा गया था।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/WhatsAppImage2026-01-24at6.43.27PMD1MR.jpeg

 

प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में त्रिपुरा को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की प्रतिबद्धता--

अपने संबोधन के समापन में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हर राज्य की अनूठी शक्तियों पर ध्यान केंद्रित करने की सोच का परिणाम है। इस दिशा में एक वर्ष से अधिक समय से निरंतर प्रयास जारी हैं और आज इन प्रयासों का फल मिला है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि त्रिपुरा सरकार के सहयोग से अगरवुड क्षेत्र को वैश्विक मान्यता मिलेगी और राज्य आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक नया मानक स्थापित करेगा।

त्रिपुरा के लिए विकास पहलों की श्रृंखला जारी--

केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने बताया कि आज वे अगरवुड परियोजना के सिलसिले में त्रिपुरा में हैं, वहीं राज्य के लिए कई अन्य विकास परियोजनाएं भी प्रगति पर हैं। कल ही उन्होंने 220 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की आधारशिला रखी और उनका उद्घाटन किया। उन्होंने अगरतला सरकारी अंतर महाविद्यालय परियोजना (192 करोड़ रुपये) और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य अस्पताल (200 करोड़ रुपये) की समीक्षा भी की।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि रविवार को वे 280 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले माताबारी पर्यटन सर्किट की आधारशिला रखेंगे।

*******

पीके/केसी/एनएस


(रिलीज़ आईडी: 2218378) आगंतुक पटल : 190
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: Tamil , English , Urdu , Assamese
Link mygov.in
National Portal Of India
STQC Certificate