मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय
“राष्ट्रीय पशुधन मिशन- उद्यमिता विकास कार्यक्रम” उल्लिखित विवरण
प्रविष्टि तिथि:
03 FEB 2026 8:31PM by PIB Delhi
(क) राष्ट्रीय पशुधन मिशन-उद्यमिता विकास कार्यक्रम (NLM-EDP) के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा राज्य/संघ राज्य क्षेत्रवार प्रदान की जाने वाली सब्सिडी की राशि अनुबंध- I में दी गई है।
(ख) एनएलएम-ईडीपी के तहत कुल 3843 परियोजनाओं को 1233.69 करोड़ रु. की सब्सिडी के साथ अनुमोदित किया गया तथा परियोजना की कुल लागत 2676.45 करोड़ रु. थी। कुल अनुमोदित परियोजनाओं में से, सब्सिडी जारी करने के मानदंडों की पूर्ति के आधार पर अब तक 2608 परियोजनाओं को 439.50 करोड़ रु.की सब्सिडी की पहली किस्त दी जा चुकी है। इन 2608 परियोजनाओं में से 706 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जिनके लिए अब तक 119.34 करोड़ रु. की सब्सिडी की दूसरी किस्त जारी की जा चुकी है।
एनएलएम-ईडीपी सब्सिडी वितरण प्रक्रिया में राज्य सरकार, बैंक और केंद्र स्तर पर कई चरणों में जांच की जाती है। प्रत्येक चरण में विस्तृत सत्यापन और निर्धारित प्रक्रियाओं का अनुपालन अपेक्षित होता है। केंद्र सरकार द्वारा परियोजना के अनुमोदन के पश्चात लाभार्थी को पहली किस्त की सब्सिडी तभी मिलती है जब बैंक ऋण संवितरित कर देते हैं। पशुपालन और डेयरी विभाग राज्य सरकार द्वारा सभी जरूरी आवश्यकताओं से पूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत करने के बाद सब्सिडी जारी करता है।
परियोजना के पूर्ण होने और उसके संचालन में आने के बाद, राज्य सरकार द्वारा जारी प्रमाण पत्र के आधार पर लाभार्थी दूसरी किस्त की सब्सिडी के लिए पात्र होते हैं।
(ग) राष्ट्रीय पशुधन मिशन का विवरण अनुबंध II में संलग्न है।
(घ) एनएलएम (NLM) योजना के अंतर्गत नवाचार एवं विस्तार संबंधी उप-मिशन के अंतर्गत, राज्य/ संघ राज्य क्षेत्र सरकारों को विस्तार सेवाओं के लिए सहायता प्रदान की जाती है, जिसमें सेमिनार, सम्मेलन, प्रदर्शन कार्यकलाप और जागरूकता उत्पन्न करने हेतु अन्य सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) कार्यकलापों के माध्यम से पशुपालन योजनाओं के लिए प्रचार-प्रसार गतिविधियां शामिल हैं। जारी की गई निधि और प्रशिक्षित किसानों सहित लाभार्थियों का राज्य/ संघ राज्य क्षेत्र-वार विवरण अनुबंध- III में दिया गया है।
अनुबंध-
राष्ट्रीय पशुधन मिशन-उद्यमिता विकास कार्यक्रम (NLM-EDP) के अंतर्गत सरकार द्वारा राज्य/संघ राज्य क्षेत्रवार प्रदान की गई सब्सिडी की राशि निम्नानुसार है:
|
राज्य
|
अनुमोदित परियोजना
|
अनुमोदित सब्सिडी (रुपये करोड़ में)
|
कुल जारी सब्सिडी की राशि (रुपये करोड़ में)
|
|
आंध्र प्रदेश
|
293
|
118.15
|
61.3
|
|
अरुणाचल प्रदेश
|
46
|
12.99
|
8.79
|
|
असम
|
40
|
11.09
|
4.13
|
|
बिहार
|
2
|
0.28
|
0.14
|
|
छत्तीसगढ
|
27
|
6.19
|
1.89
|
|
गुजरात
|
6
|
1.4
|
0.25
|
|
हरियाणा
|
21
|
6.29
|
1.27
|
|
हिमाचल प्रदेश
|
17
|
3.9
|
1.64
|
|
जम्मू और कश्मीर
|
27
|
4.8
|
1.57
|
|
झारखंड
|
1
|
0.5
|
0
|
|
कर्नाटक
|
1133
|
379.1
|
160.82
|
|
केरल
|
15
|
3.88
|
2.02
|
|
मध्य प्रदेश
|
481
|
164.61
|
77.05
|
|
महाराष्ट्र
|
366
|
101.9
|
47.65
|
|
मणिपुर
|
6
|
0.6
|
0
|
|
मिजोरम
|
78
|
18.54
|
13.45
|
|
नागालैंड
|
77
|
17.1
|
10.16
|
|
ओडिशा
|
3
|
1.33
|
0.38
|
|
पुदुचेरी
|
1
|
0.3
|
0
|
|
पंजाब
|
21
|
5.88
|
3.1
|
|
राजस्थान
|
170
|
38.73
|
19.4
|
|
सिक्किम
|
9
|
2.42
|
1.13
|
|
तमिलनाडु
|
181
|
51.68
|
21.93
|
|
तेलंगाना
|
492
|
211.18
|
86.29
|
|
त्रिपुरा
|
26
|
7.29
|
3.65
|
|
उत्तर प्रदेश
|
221
|
47.54
|
22.36
|
|
उत्तराखंड
|
70
|
12.95
|
7.12
|
|
पश्चिम बंगाल
|
13
|
3.07
|
1.35
|
|
कुल योग
|
3843
|
1233.69
|
558.84
|
राष्ट्रीय पशुधन मिशन का विवरण
राष्ट्रीय पशुधन मिशन (एनएलएम): विभाग वित्तीय वर्ष 2014-15 से एनएलएम योजना क्रियान्वित कर रहा है। इस क्षेत्र की वर्तमान आवश्यकता को देखते हुए, वित्तीय वर्ष 2021-22 से एनएलएम योजना को संशोधित और पुनर्गठित किया गया है।
राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM) की संशोधित योजना का उद्देश्य रोजगार सृजन, उद्यमिता विकास, प्रति पशु उत्पादकता में वृद्धि करना और इस प्रकार विकास कार्यक्रम के अंतर्गत मांस, बकरी के दूध, अंडे और ऊन के उत्पादन में वृद्धि करना है। इस योजना में तीन प्रस्ताव और कार्यकलाप शामिल हैं। जिसका विवरण निम्नलिखित हैं:
1. पशुधन और पोल्ट्री नस्ल विकास संबंधी उप-मिशन
2. पशु आहार और चाराविकास संबंधी उप-मिशन
3. नवाचार और विस्तार संबंधी उप-मिशन
1. पशुधन और पोल्ट्री नस्ल विकास संबंधी उप-मिशन: इस उप-मिशन के निम्नलिखित कार्यकलाप हैं:
(क) कार्यकलाप I:- ग्रामीण पोल्ट्री के नस्ल विकास हेतु उद्यमी तैयार करना:
व्यक्तिगत, स्वयं सहायता समूह (SHG)/किसान उत्पादक संगठन (FPO)/किसान सहकारी समितियां (FCOs)/संयुक्त देयता समूह (JLGs) और धारा 8 कंपनियों को मूल (पैरेंट) फार्म (1100 पक्षी) की स्थापना के लिए 25.00 लाख रु. तक की 50% पूंजीगत सब्सिडी प्रदान की जाती है।
(ख) जुगाली करने वाले छोटे पशु क्षेत्र (भेड़ और बकरी पालन) में नस्ल विकास के लिए उद्यमी तैयार करना:
जिसमें न्यूनतम 100 मादा और 10 नर तथा अधिकतम 500 मादा और 25 नर वाला भेड़ और बकरी पालन इकाई स्थापित करने के लिए हों, व्यक्तिगत, स्वयं सहायता समूह (SHG)/किसान उत्पादक संगठन (FPO)/किसान सहकारी समितियां (FCOs)/संयुक्त देयता समूह (JLGs) और धारा 8 की कंपनियों को 50.00 लाख रु. तक की 50% पूंजीगत सब्सिडी प्रदान की जाती है।
(ग) कार्यकलाप II. भेड़ और बकरी की नस्लों का आनुवंशिक सुधार: इस कार्यकलाप के अंतर्गत निम्नलिखित उप-कार्यकलाप हैं:
(i) भेड़ और बकरी के लिए क्षेत्रीय सीमन उत्पादन प्रयोगशाला और सीमन बैंक की स्थापना: भेड़ और बकरी के लिए क्षेत्रीय सीमन स्टेशन की स्थापना हेतु पात्र संबंधित राज्य को केंद्रीय भाग के रूप में 400.00 लाख रुपये तक की एकमुश्त अनुदान सहायता प्रदान की जाती है।
(ii) राज्य सीमन बैंक की स्थापना: बकरी के हिमित सीमन को संग्रहित और वितरित करने के लिए मौजूदा गोपशु और भैंस सीमन बैंक को सुदृढ़ करने हेतु राज्य को 10.00 लाख रुपये तक की एकमुश्त सहायता प्रदान की जाती है।
(iii) मौजूदा गोपशु और भैंस कृत्रिम गर्भाधान केंद्रों के माध्यम से छोटे जानवरों के कृत्रिम गर्भाधान का प्रचार-प्रसार:
प्रत्येक गोपशु कृत्रिम गर्भाधान (AI) केंद्र को 7000/- रु. तक की एकमुश्त सहायता प्रदान की जाती है ताकि बकरी के हिमित सीमन के प्रसार के लिए मौजूदा गोपशु कृत्रिम गर्भाधान केंद्रों को बकरी कृत्रिम गर्भाधान केंद्रों के रूप में मजबूत करने के लिए आवश्यक उपकरण खरीदे जा सकें।
(iv) विदेशी भेड़ और बकरी के जर्मप्लाज्म का आयात:
नॉन-डिस्क्रिप्ट पशुओं की उत्पादकता बढ़ाने के लिए भेड़ और बकरी के जर्मप्लाज्म के आवश्यकता-आधारित आयात हेतु राज्य पशुपालन विभाग को सहायता प्रदान की जाती है।
कार्यकलाप III: सूअर पालन उद्यमियों को प्रोत्साहन:
व्यक्तिगत/ स्वयं सहायता समूह (SHG)/किसान उत्पादक संगठन (FPO)/ किसान सहकारी समितियां (FCOs)/ संयुक्त देयता समूह (JLGs) और धारा 8 कंपनियों को ₹30.00 लाख तक की एकमुश्त 50% पूंजीगत सब्सिडी प्रदान की जाती है।
कार्यकलाप IV: सूअर की नस्लों का आनुवंशिक सुधार: इस कार्यकलाप के अंतर्गत निम्नलिखित कार्यकलाप कार्यान्वित की जाती हैं:
(i) सूअर सीमन संग्रहण एवं प्रसंस्करण प्रयोगशाला की स्थापना:
कृत्रिम गर्भाधान के लिए उच्च गुणवत्ता वाला तरल नर सूअर सीमन तैयार करने हेतु सरकारी सूअर फार्म में सीमन प्रसंस्करण प्रयोगशाला स्थापित करने के लिए पशुपालन विभाग को 150 लाख रुपये तक की एकमुश्त सहायता प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त, सीमन के प्रथम प्रसंस्करण के लिए लगने वाली सामग्रियों (consumables), दवाओं, रसायनों आदि की खरीद हेतुएकमुश्त आवर्ती व्यय के रूप में 30 लाख रुपये प्रदान किए जाते हैं।
(ii) विदेशी सूअर जर्मप्लाज्म काआयात:
केंद्र सरकार राज्यों को आवश्यकता के आधार पर सूअर जर्मप्लाज्म के आयात में सहायता कर रही है ताकि नॉन-डिस्क्रिप्ट पशुओं की उत्पादकता बढ़ाई जा सके और प्रति पशु मांस उत्पादन बढ़ाने के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले संकर नस्ल के पशु तैयार किए जा सकें।
कार्यकलाप V: घोड़े, गधे, खच्चर और ऊंट के लिए उद्यमियों की स्थापना: 50.00 लाख रु. तक की 50% पूंजीगत सब्सिडी व्यक्ति, स्वयं सहायता समूहों (SHG)/ किसान उत्पादक संगठनों (FPO)/ किसान सहकारी समितियों (FCOs)/ संयुक्त देयता समूहों (JLGs) और धारा 8 कंपनियों को प्रदान की जाती है।
कार्यकलापVI: घोड़े, गधे, खच्चर, ऊंट का आनुवंशिक सुधार:
(क) घोड़े, गधे और ऊंट के लिए क्षेत्रीय सीमन केंद्र: देशी घोड़े, गधे, खच्चर और ऊंट के लिए सीमन केंद्र की स्थापना हेतु राज्य सरकार को 10 करोड़ रु. तक की एकमुश्त अनुदान सहायता प्रदान की जाती है।
(ख) घोड़े/गधे/ऊंट के जर्मप्लाज्म के संरक्षण के लिए न्यूक्लियस प्रजनन फार्म: राज्य सरकारों को घोड़े, ऊंट, गधे के लिए न्यूक्लियस प्रजनन फार्म की स्थापना हेतु 10 करोड़ रु. तक की एकमुश्त अनुदान सहायता प्रदान की जाती है, जिसमें उत्कृष्ट के पशु शामिल हों, ताकि पशुओं का इन सीटू और एक्स-सीटू संरक्षण किया जा सके।
(ग) नस्ल पंजीकरण समिति: घोड़े, ऊंट और गधे के लिए नस्ल पंजीकरण समिति की स्थापना के लिए 100% सहायता प्रदान की जाती है।
2. पशु आहार एवं चारा विकास संबंधी उप-मिशन: पशु आहार एवं चारा विकास संबंधी उप-मिशन के निम्नलिखित कार्यकलाप होंगे:
(i): गुणवत्तापूर्ण चारा बीज उत्पादन के लिए सहायता: केंद्र और राज्य सरकार के संस्थानों द्वारा सभी श्रेणियों के चारा बीजों के उत्पादन के लिए 100% प्रोत्साहन।
(ii): पशु आहार एवं चारा क्षेत्र में उद्यमशीलता कार्यकलाप:
व्यक्तियों स्वयं सहायता समूह, पशु चिकित्सा संगठन, संयुक्त जन समूहों, FCO, JLG, FPO, डेयरी सहकारी समितियोंधारा 8 की कंपनियों को घास/साइलेज/संपूर्ण मिश्रित राशन (TMR)/ चारा ब्लॉक जैसे मूल्यवर्धन के लिए 50 लाख रु. तक की एकमुश्त 50% पूंजीगत सब्सिडी प्रदान करके प्रोत्साहन दिया जाता है।
(iii) चारा बीज प्रसंस्करण अवसंरचना (प्रसंस्करण एवं ग्रेडिंग इकाई/ चारा बीज भंडारण गोदाम)के लिए उद्यमीतैयार करना: चारा बीज प्रसंस्करण अवसंरचना स्थापित करने के लिए कंपनियों, स्टार्ट-अप/ स्वयं सहायता समूहों (SHG)/ किसान उत्पादक संगठनों (FPO)/ किसान सहकारी समितियों (FCOs)/संयुक्त देयता समूहों (JLGs)/ सहकारी समितियों, धारा 8 कंपनियों और अन्य विश्वसनीय संगठनों को 50 लाख रु. तक की एकमुश्त 50% पूंजीगत सब्सिडी प्रदान की जाती है।
(iv) गैर-वन बंजर भूमि/ रेंजभूमि/ गैर-कृषि योग्य भूमि से चारा उत्पादन और वन भूमि से चारा उत्पादन: क्षरीय, अम्लीय और भारी मिट्टी जैसी समस्याग्रस्त मिट्टी के वनस्पति आवरण को बढ़ाने के लिए अवक्रमित गैर-वन बंजर भूमि/रेंजभूमि/चारागाह/गैर-कृषि योग्य भूमि और वन भूमि में विभिन्न प्रकार के चारे के उत्पादन के लिए केंद्रीय सहायता प्रदान की जाती है।
3. नवाचार और विस्तार संबंधी उप-मिशन: इस उप-मिशन के अंतर्गत निम्नलिखित कार्यकलाप संचालित किए जाते हैं:
(i) अनुसंधान और विकास एवं नवाचार:
भेड़, बकरी, पोल्ट्री, सूअर पालन और पशु आहार एवं चारा क्षेत्रों में अनुसंधान एवं विकास के लिए सरकारी संगठनों सहित विश्वसनीय संस्थानों को 100% सहायता प्रदान की जाती है।
(ii) विस्तार कार्यकलाप:
सेमिनार, प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण, पशुपालक समूह, प्रजनक एसोसिएशन और पशु मेले जैसी सूचना एवं संचार कार्यकलापयों के माध्यम से योजनाओं और पशुपालन हेतु प्रोत्साहन के लिए सहायता प्रदान की जाती है।
(ii) पशुधन बीमा कार्यक्रम: पशुओं के बीमा कवरेज के लिए प्रीमियम के हिस्से के रूप में राज्य सरकार को 60:40 या 90:10 के अनुपात में सहायता प्रदान की जाती है। लाभार्थी प्रीमियम का 15% हिस्सा वहन करता है।
राज्य/संघ राज्य क्षेत्रवार जारी की गई निधि और प्रशिक्षित किसानों सहित लाभार्थियों का विवरण निम्नलिखित है:
वास्तविक – (व्यक्तियों की संख्या)
वित्तीय– (लाख रूपये में)
|
क्र.सं.
|
राज्य
|
वर्ष 2021-22
|
वर्ष2022-23
|
वर्ष2023-24
|
वर्ष2024-25
|
वर्ष2025-26
|
कुल
|
|
वास्तविक
|
वित्तीय
|
वास्वक
|
वित्तीय
|
वास्तविक
|
वित्तीय
|
वास्तविक
|
वित्तीय
|
वास्तविक
|
वित्तीय
|
वास्तविक
|
वित्तीय
|
|
1
|
आंध्र प्रदेश
|
41240
|
124.16
|
1300
|
2.6
|
|
|
|
|
|
|
42540
|
126.76
|
|
2
|
अरूणाचल प्रदेश
|
|
|
|
|
|
|
|
|
180
|
12.6
|
180
|
12.6
|
|
3
|
असम
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
0
|
0
|
|
4
|
बिहार
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
0
|
0
|
|
5
|
छत्तीसगढ
|
4882
|
51.74
|
|
|
|
|
|
|
|
|
4882
|
51.74
|
|
6
|
गोवा
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
0
|
0
|
|
7
|
गुजरात
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
0
|
0
|
|
8
|
हरियाणा
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
0
|
0
|
|
9
|
हिमाचल प्रदेश
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
0
|
0
|
|
10
|
जम्मू एवं कश्मीर
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
0
|
0
|
|
11
|
झारखंड
|
|
|
|
|
|
|
|
|
1000
|
25
|
1000
|
25
|
|
12
|
कर्नाटक
|
13000
|
115
|
|
|
|
|
|
|
|
|
13000
|
115
|
|
13
|
केरल
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
0
|
0
|
|
14
|
मध्य प्रदेश
|
179
|
25.16
|
|
|
|
|
|
|
|
|
179
|
25.16
|
|
15
|
महाराष्ट्र
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
0
|
0
|
|
16
|
मणिपुर
|
19795
|
364.21
|
|
|
|
|
6500
|
170.3
|
21500
|
200
|
47795
|
734.51
|
|
17
|
मेघालय
|
3268
|
129.88
|
|
|
|
|
|
|
1000
|
50
|
4268
|
179.88
|
|
18
|
मिजोरम
|
|
|
|
|
6160
|
96.012
|
|
|
|
|
6160
|
96.012
|
|
19
|
नागालैंड
|
|
|
|
|
|
|
641
|
25
|
|
|
641
|
25
|
|
20
|
ओडिशा
|
|
|
|
|
|
|
100
|
19.1
|
50
|
15
|
150
|
34.1
|
|
21
|
पंजाब
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
0
|
0
|
|
22
|
राजस्थान
|
|
|
|
|
|
|
|
|
1000
|
9.5
|
1000
|
9.5
|
|
23
|
सिक्किम
|
|
|
448
|
26.88
|
|
|
|
|
6125
|
126.4
|
6573
|
153.28
|
|
24
|
तमिलनाडु
|
|
|
|
|
|
|
|
|
550
|
25
|
550
|
25
|
|
25
|
त्रिपुरा
|
|
|
|
|
|
|
|
|
60
|
21
|
60
|
21
|
|
26
|
तेलंगाना
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
0
|
0
|
|
27
|
उत्तराखंड
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
0
|
0
|
|
28
|
उत्तर प्रदेश
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
0
|
0
|
|
29
|
पश्चिम बंगाल
|
|
|
4000
|
45
|
|
|
7260
|
62
|
6940
|
58
|
18200
|
165
|
|
30
|
अंडमान और निकोबार द्वीप
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
0
|
0
|
|
31
|
लद्दाख
|
|
|
46
|
38
|
|
|
500
|
27
|
106
|
70
|
652
|
135
|
|
|
कुल
|
82364
|
810.15
|
5794
|
112.48
|
6160
|
96.012
|
15001
|
303.4
|
38511
|
612.5
|
147830
|
1934.54
|
यह जानकारी आज लोकसभा में मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री,भारत सरकार श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने प्रश्न के उत्तर में दी।
(रिलीज़ आईडी: 2222833)
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