स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने वर्चुअल माध्यम से एम्स भुवनेश्वर में लिवर प्रत्यारोपण इकाई एवं रोबोटिक सर्जरी प्रणाली का उद्घाटन किया
अत्याधुनिक सर्जिकल रोबोटिक प्रणाली के संचालन की शुरुआत के साथ, एम्स भुवनेश्वर ओडिशा का पहला ऐसा सरकारी संस्थान बन गया है जो एक व्यापक रोबोटिक सर्जरी कार्यक्रम से लैस है
नई लिवर प्रत्यारोपण सुविधा एक नेक कार्य को आगे बढ़ाने की दिशा में एक कदम है, जो पूरी तरह से अंगदान से संबंधित हमारे माननीय प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप है: श्री नड्डा
“लिवर प्रत्यारोपण कार्यक्रम ओडिशा और पूर्वी भारत के मरीजों के लिए विश्वस्तरीय एवं जीवन रक्षक उपचार को सुलभ बनाएगा”
“इन सुविधाओं के समावेश से स्वास्थ्य सेवा से जुड़े बुनियादी ढांचे को काफी मजबूती मिलेगी और स्वास्थ्य सेवा आपूर्ति की गुणवत्ता बेहतर होगी, जिससे ओडिशा और पड़ोसी राज्यों के मरीजों को उन्नत, विश्वस्तरीय एवं जीवन रक्षक उपचार सुलभ हो सकेंगे”
प्रविष्टि तिथि:
23 FEB 2026 5:54PM by PIB Delhi
ओडिशा और पूर्वी भारत के स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाते हुए, एम्स भुवनेश्वर ने एक व्यापक लिवर प्रत्यारोपण कार्यक्रम की सफलतापूर्वक स्थापना की है और एक अत्याधुनिक सर्जिकल रोबोटिक प्रणाली का संचालन शुरू किया है। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने आज वर्चुअल माध्यम से लिवर प्रत्यारोपण इकाई का उद्घाटन किया और संस्थान में उन्नत रोबोटिक सर्जरी प्रणाली का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर ओडिशा की सांसद श्रीमती अपराजिता सारंगी और केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव श्रीमती पुण्य सलीला श्रीवास्तव भी उपस्थित थीं।

इन सुविधाओं का उद्घाटन करते हुए, श्री नड्डा ने कहा, “यह एक महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक अवसर है और एम्स भुवनेश्वर की यात्रा में एक गौरवपूर्ण उपलब्धि है। एम्स भुवनेश्वर तेजी से तृतीयक स्तर की स्वास्थ्य सेवा के एक ऐसे उत्कृष्ट केन्द्र के रूप में विकसित हुआ है, जो चिकित्सा संबंधी अनुसंधान में अग्रणी है और उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षणिक कार्यक्रम प्रदान करता है।” उन्होंने आगे कहा, “इन सुविधाओं के समावेश से स्वास्थ्य सेवा से जुड़े बुनियादी ढांचे को काफी मजबूती मिलेगी और स्वास्थ्य सेवा आपूर्ति की गुणवत्ता बेहतर होगी, जिससे ओडिशा और पड़ोसी राज्यों के मरीजों को उन्नत, विश्वस्तरीय एवं जीवन रक्षक उपचार सुलभ हो सकेंगे।” एम्स भुवनेश्वर की पूरी टीम को बधाई देते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि जहां यह संस्थान पहले से ही सफलतापूर्वक गुर्दा और अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण कर रहा है, वहीं लिवर प्रत्यारोपण कार्यक्रम की शुरुआत इस क्षेत्र में उन्नत तृतीयक स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण नया अध्याय और एक बड़ी उपलब्धि है।

अंगदान को दी जाने वाली राष्ट्रीय प्राथमिकता पर प्रकाश डालते हुए, श्री नड्डा ने नागरिकों को जागरूक करने और अंगदान को एक जन आंदोलन में बदलने के प्रधानमंत्री के आह्वान को याद किया। उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रीय अपील के तुरंत बाद लिवर प्रत्यारोपण सुविधा का शुभारंभ माननीय प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप इस संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और अंगदान के नेक कार्य को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस पहल के महत्व को रेखांकित करते हुए, श्री नड्डा ने कहा कि “लिवर प्रत्यारोपण की सुविधा ओडिशा और पश्चिम बंगाल, असम तथा अन्य पड़ोसी राज्यों सहित पूर्वी भारत के मरीजों के लिए अंतिम चरण के लिवर रोग के उन्नत उपचार को सुलभ बनाएगी। साथ ही, यह आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित समुदाय के मरीजों को वित्तीय कठिनाई के बिना प्रत्यारोपण और व्यापक अनुवर्ती देखभाल हासिल करने में सक्षम बनाएगी, जिससे उन्हें लंबी दूरी की यात्रा के बोझ से मुक्ति मिलेगी और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा आपूर्ति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी।”

केन्द्रीय मंत्री ने आगे बताया कि इस संस्थान ने एक अत्याधुनिक लिवर प्रत्यारोपण ऑपरेशन थिएटर और आधुनिक चिकित्सा तकनीक से सुसज्जित एक उन्नत गहन चिकित्सा इकाई की स्थापना की है। साथ ही, इसने प्रत्यारोपण के बाद व्यवस्थित अनुवर्ती एवं निरंतर देखभाल हेतु एक समर्पित लिवर प्रत्यारोपण विशेषज्ञ क्लिनिक भी स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि लिवर प्रत्यारोपण के लिए विकसित व्यापक इकोसिस्टम निर्बाध उपचार, स्वास्थ्य लाभ और दीर्घकालिक निगरानी सुनिश्चित करेगी। एक आशाजनक शुरुआत के रूप में, दो सफल लिवर प्रत्यारोपण पहले ही किए जा चुके हैं और दोनों मरीज स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी रहे हैं। यह इस संस्थान की बढ़ती नैदानिक क्षमताओं को दर्शाता है।
इस उपलब्धि के पीछे सामूहिक प्रयास को रेखांकित करते हुए, श्री नड्डा ने कहा कि यह सर्जिकल गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्टों, चिकित्सकों, नर्सों, तकनीशियनों और सहायक कर्मचारियों के अथक समर्पण एवं लगन का परिणाम है, जिनके समन्वित सामूहिक प्रयासों ने इन जटिल प्रक्रियाओं को सफलतापूर्वक संपन्न करना संभव बनाया। उन्होंने संपूर्ण चिकित्सा एवं गैर-चिकित्सा कार्यबल को उनकी अटूट प्रतिबद्धता और पेशेवर रवैये के लिए बधाई दी।
सर्जिकल रोबोटिक प्रणाली का संचालन शुरू होने का उल्लेख करते हुए, केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि एम्स भुवनेश्वर व्यापक रोबोटिक सर्जरी कार्यक्रम शुरू करने वाला ओडिशा का पहला सरकारी चिकित्सा संस्थान बन गया है और यह सार्वजनिक क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवा में नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि रोबोटिक प्लेटफॉर्म किफायती, प्रौद्योगिकी-आधारित और न्यूनतम चीर-फाड़ वाली सर्जिकल देखभाल प्रदान करने में सक्षम होगा और यह सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों के लिए एक नया मानक स्थापित करेगा। श्री नड्डा ने आगे कहा कि रोबोटिक सर्जरी कार्यक्रम शुरू में मूत्रविज्ञान, स्त्री रोग, बाल शल्य चिकित्सा और अन्य विशिष्टताओं को कवर करेगा और शल्य चिकित्सा की सटीकता में सुधार करेगा, रक्तस्राव को कम करेगा, अस्पताल में रहने की अवधि को कम करेगा, तेजी से स्वस्थ होने को बढ़ावा देगा तथा उन्नत प्रक्रियाओं के लिए मरीजों को राज्य से बाहर यात्रा करने की जरूरत को कम करेगा। उन्होंने कहा कि रोबोटिक प्रणाली की स्थापना उन्नत चिकित्सा प्रौद्योगिकियों को सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा में एकीकृत करने और उच्चस्तरीय शल्य चिकित्सा देखभाल तक पहुंच को लोकतांत्रिक बनाने के व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाती है।
अपने संबोधन का समापन करते हुए, श्री नड्डा ने इस संस्थान के भावी विकास पर विश्वास व्यक्त किया और सभी संकाय सदस्यों एवं कर्मचारियों से अपनी समर्पित सेवा जारी रखने, रोगी-केन्द्रित, करुणामय तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा के उच्चतम मानकों को बनाए रखने व पिछले दशक में हासिल की गई उत्कृष्टता की गति को बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए पूरी टीम को एक बार फिर बधाई दी और उनकी निरंतर सफलता की कामना की।
इस अवसर पर बोलते हुए, श्रीमती अपराजिता सारंगी ने इस बात पर जोर दिया कि एम्स भुवनेश्वर अन्य एम्स संस्थानों के लिए एक आदर्श के रूप में उभरा है और यह स्वास्थ्य सेवा, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा कि उन्नत प्रत्यारोपण और रोबोटिक सर्जरी सुविधाओं का उद्घाटन नवाचार-संचालित, प्रौद्योगिकी-आधारित और रोगी-केन्द्रित सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा की दिशा में एक निर्णायक बदलाव को दर्शाता है, जोकि माननीय प्रधानमंत्री के विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवा के दृष्टिकोण के अनुरूप है।
सभा को संबोधित करते हुए, केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि जीवन रक्षक प्रत्यारोपण सेवाएं प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) और राष्ट्रीय आरोग्य निधि के तहत प्रदान की जा रही हैं ताकि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बिना किसी वित्तीय कठिनाई के व्यापक प्रत्यारोपण देखभाल हासिल हो सके। उन्होंने कहा कि माननीय केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री के नेतृत्व में इस वर्ष को “अंगदान जीवन संजीवनी अभियान” के रूप में मनाया जा रहा है और इस बात पर जोर दिया कि नई प्रत्यारोपण इकाई अनगिनत मरीजों के लिए एक सच्ची “जीवन संजीवनी” साबित होगी। माननीय प्रधानमंत्री द्वारा अंगदान पर बार-बार जोर देने और “मन की बात” के माध्यम से दाताओं को प्रोत्साहित करने का उल्लेख करते हुए, उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रेरणा नागरिकों को अंगदान के लिए आगे आने के लिए प्रेरित करेगी और भारत के अंग प्रत्यारोपण इकोसिस्टम को मजबूत करेगी।

इस अवसर पर, एम्स भुवनेश्वर की अध्यक्ष डॉ. अनीता सक्सेना, परिवार कल्याण मंत्रालय की संयुक्त सचिव श्रीमती अंकिता मिश्रा बुंदेला और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। एम्स भुवनेश्वर के कार्यकारी निदेशक डॉ. आशुतोष बिस्वास और एम्स भुवनेश्वर की टीम ने संस्थान से ऑनलाइन माध्यम से इस कार्यक्रम में भाग लिया।
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पीके/केसी/आर/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2231916)
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