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पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय
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केंद्रीय मंत्री सरबानंदा सोनोवाल ने वीओसी बंदरगाह पर 1,500 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शुभारंभ किया, हरित एवं डिजिटल समुद्री अवसंरचना को बढ़ावा मिलेगा


सर्बानंद सोनोवाल ने वीओसी बंदरगाह में समुद्री विरासत संग्रहालय का उद्घाटन किया, तमिलनाडु की तटीय विरासत को समर्पित

 “हरित हाइड्रोजन, डिजिटल ट्विन और आउटर हार्बर परियोजनाएं वीओसी बंदरगाह को अगली पीढ़ी के समुद्री केंद्र में रुपांतरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी”: सरबानंदा सोनोवाल

सरबानंदा सोनोवाल ने वीओसी बंदरगाह पर भारत की पहली डिजिटल ट्विन तैनाती का अनावरण किया, कहा कि उन्नत तकनीक एवं ड्रोन-रोधी प्रणालियां बंदरगाह की सुरक्षा एवं दक्षता को पुनः परिभाषित करेंगी

प्रविष्टि तिथि: 23 FEB 2026 6:00PM by PIB Delhi

केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने तूतीकोरिन के .ओ. चिदंबरनार पोर्ट अथॉरिटी (वीओसी पोर्ट)  में 1,500 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया, जो बंदरगाह में अवसंरचना, नवीनीकरणीय ऊर्जा एकीकरण एवं डिजिटल आधुनिकीकरण के बड़े विस्तार का प्रतीक है।

इस कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण वीओसी समुद्री विरासत संग्रहालय का उद्घाटन था, जो भारत की समुद्री विरासत और स्वतंत्रता सेनानी वी.ओ. चिदंबरनार के योगदान को समर्पित एक व्यापक संस्थान है। इस संग्रहालय को दक्षिणी तमिलनाडु के लिए एक सांस्कृतिक एवं शैक्षिक उपलब्धि माना गया है और इससे पर्यटन, सामुदायिक भागीदारी और कोरोमंडल तट के समुद्री इतिहास के प्रति जागरूकता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

केंद्रीय मंत्री ने उन्नत रेल एवं सड़क संपर्क, बेहतर ऊर्जा अवसंरचना, नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण (सौर, पवन, बैटरी स्टोरेज एवं हरित हाइड्रोजन उत्पादन शामिल), उन्नत सुरक्षा प्रणाली और अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म को शामिल करने वाली विभिन्न पहलों का उद्घाटन किया और उनकी आधारशिलाएं रखीं।

केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, "ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समुद्री दृष्टिकोण 2047 के अंतर्गत बंदरगाह-आधारित विकास पर सरकार के दृष्टिकोण को दर्शाती हैं और इनका उद्देश्य वीओसी बंदरगाह को एक हरित और तकनीकी रूप से उन्नत समुद्री केंद्र के रूप में मजबूत करना है।"

श्री सोनोवाल ने आगे कहा, “ये ऐतिहासिक परियोजनाएं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गतिशील एवं दूरदर्शी नेतृत्व को प्रत्यक्ष रूप से प्रतिबिंब करते हैं। उनके मार्गदर्शन में, भारतीय बंदरगाह विकास, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के इंजन के रूप में रूपांतरित हो रहे हैं, जो हमें आत्मनिर्भर, हरित और तकनीकी रूप से उन्नत समुद्री क्षेत्र की ओर अग्रसर कर रहे हैं।”

यह समारोह हाल में प्राप्त की गई उपलब्धियों पर आधारित था, जिनमें पिछले 18 महीनों में तीन नए घाटों का उद्घाटन शामिल है, विशेष रूप से नॉर्थ कार्गो घाट-III, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी ने जुलाई 2025 में किया था और जिससे थोक कार्गो ढुलाई क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आउटर हार्बर परियोजना निरंतर प्रगति पर है और यह बड़े जहाजों एवं ज्यादा व्यापारिक मात्राओं का संचालन करने में सक्षम है।

वीओसी बंदरगाह सतत समुद्री संचालन में अग्रणी बनकर उभरा है और परिसर में ही हरित हाइड्रोजन का उत्पादन एवं उपयोग करने वाला पहला भारतीय बंदरगाह है। एक पायलट परियोजना 2025 के अंत से चालू है और 2029 तक वाणिज्यिक स्तर पर विकास की योजना है। अधिकारियों के अनुसार, एकीकृत नवीकरणीय पहल, हरित मेथनॉल सुविधाएं और ई-अमोनिया तथा कार्बन कैप्चर, यूटिलाइजेशन एंड स्टोरेज (सीसीयूएस) में साझेदारी बंदरगाह को भविष्य के लिए तैयार हरित ईंधन बंकरिंग केंद्र के रूप में स्थापित कर रही हैं।

तकनीकी दृष्टिकोण से, वीओसी बंदरगाह भारत के पहले व्यापक डिजिटल ट्विन प्लेटफॉर्म के साथ अग्रणी है, जो रियल-टाइम निगरानी, ​​एआई-सहायता प्राप्त विश्लेषण, पूर्वानुमानित रखरखाव और डेटा-संचालित अनुकूलन प्रदान करता है। एक उन्नत ड्रोन-रोधी प्रणाली महत्वपूर्ण अवसंरचना की सुरक्षा को और मजबूत करती है।

श्री सोनोवाल ने आगे कहा, “वी.ओ.सी. बंदरगाह पर, आउटर हार्बर परियोजना, जहाज निर्माण विकास एवं व्यापक हरित ऊर्जा उपायों जैसी पहल क्षेत्र के आर्थिक परिदृश्य को नया रूप प्रदान करेगी एवं एक प्रमुख ट्रांसशिपमेंट हब के रूप में इसकी स्थिति मजबूत करेंगी। प्रधानमंत्री मोदी के समुद्री दृष्टिकोण 2047 के मार्गदर्शन में, ये प्रयास समावेशी विकास, स्थिरता को बढ़ावा देंगे और भारत को एक वैश्विक समुद्री शक्ति के रूप में स्थापित करेंगे।”

श्री सोनोवाल ने कहा कि इन परियोजनाओं से रसद लागत में कमी आने, तूतीकोरिन, तिरुनेलवेली और मदुरै जिलों में औद्योगिक विकास में तेजी आने, नए निवेश आकर्षित होने और रोजगार के महत्वपूर्ण अवसर उत्पन्न होने उम्मीद है। साथ ही, समुद्री विरासत संग्रहालय से पर्यटन को बढ़ावा मिलने और क्षेत्र के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान मिलने की भी उम्मीद है।

इन विकासों के साथ-साथ परिचालन प्रदर्शन में भी सुधार हुआ है। अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 तक, माल ढुलाई में 6 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 35.97 मिलियन टन तक पहुंच गई, जिसमें केवल जनवरी में रिकॉर्ड 4 मिलियन टन की ढुलाई शामिल है। प्रक्रिया सुधारों, अतिरिक्त उपकरणों और विस्तारित भंडारण क्षमता के कारण कंटेनर की मात्रा में 9.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 716,000 टीईयू से अधिक हो गई।

अवसंरचना, स्थिरता, डिजिटल नवाचार एवं बंदरगाह-आधारित औद्योगीकरण में हो रहे निवेश के साथ, वीओसी बंदरगाह भारत के पूर्वी तट पर एक प्रमुख समुद्री प्रवेश द्वार और हरित एवं सुरक्षित बंदरगाह विकास के लिए एक मॉडल के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत कर रहा है।

वीओसी बंदरगाह प्राधिकरण के अध्यक्ष सुसंता कुमार पुरोहित ने कहा, "विश्व स्तरीय अवसंरचना, अत्याधुनिक डिजिटलीकरण, महत्वाकांक्षी हरित नवाचार एवं जहाज निर्माण सहित बंदरगाह-आधारित औद्योगीकरण को प्राथमिकता देकर, वीओसी बंदरगाह क्षेत्रीय समृद्धि एवं राष्ट्रीय विकास में अपनी अहम भूमिका को मजबूत कर रहा है।"

इस महीने की शुरुआत में, बंदरगाह ने बंदरगाहों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर एक पूर्व-कार्यक्रम की मेजबानी की और इंडियाएआई इम्पैक्ट समिट में "एआई-संचालित बंदरगाह: दक्षता एवं संचालन की पुनर्कल्पना" शीर्षक से एक सत्र का संचालन किया।

  

 

 

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पीके/केसी/एके/डीए


(रिलीज़ आईडी: 2231931) आगंतुक पटल : 44
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