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वस्‍त्र मंत्रालय
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केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने विशेष हथकरघा प्रदर्शनी का उद्घाटन किया; एनएचडीसी ने हैंडलूम हाट में 43वां स्थापना दिवस मनाया

प्रविष्टि तिथि: 23 FEB 2026 8:26PM by PIB Delhi

केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने आज नई दिल्ली के जनपथ स्थित 'हैंडलूम हाट' में विशेष हथकरघा प्रदर्शनी (स्पेशल हैंडलूम एक्सपो) का उद्घाटन किया और राष्ट्रीय हथकरघा विकास निगम (एनएचडीसी) के 43वें स्थापना दिवस समारोह की अध्यक्षता की।

इस कार्यक्रम में वस्त्र मंत्रालय की सचिव श्रीमती नीलम शमी राव, विकास आयुक्त (हथकरघा) डॉ. एम. बीना, वस्त्र मंत्रालय और एनएचडीसी के वरिष्ठ अधिकारी, साथ ही देशभर के बुनकर, सहकारी समितियां और हितधारक शामिल हुए।

यह समारोह एनएचडीसी की 43 वर्षों की उस यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है, जिसमें उसने भारत के हथकरघा पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने और देशभर के बुनकरों की आजीविका को समर्थन देने में अहम भूमिका निभाई है। सभा को संबोधित करते हुए श्री गिरिराज सिंह ने ग्रामीण आजीविका को बनाए रखने और टिकाऊ, स्वदेशी उत्पादन प्रणालियों को बढ़ावा देने में हथकरघा क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने, कारीगरों के लिए बाजार पहुंच का विस्तार करने और नागरिकों को स्वदेशी वस्त्रों का सक्रिय रूप से समर्थन करने के लिए प्रोत्साहित करने की भारत सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। मंत्री ने एनएचडीसी की भविष्य की पहलों की रूपरेखा भी प्रस्तुत की और बुनकर समुदाय को सशक्त बनाने के लिए निगम के निरंतर प्रयासों की सराहना की।

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स्थापना दिवस समारोह का आयोजन वर्तमान में चल रहे 'विशेष हथकरघा एक्सपो' (21 फरवरी – 2 मार्च 2026) के हिस्से के तहत किया गया है, जिसका उद्देश्य स्वदेशी हथकरघा उत्पादों को बढ़ावा देना, बुनकरों और उपभोक्ताओं के बीच सीधे बाजार संबंधों को मजबूत करना और कारीगरों के लिए टिकाऊ आजीविका के अवसरों को बढ़ाना है।

इस अवसर पर, माननीय मंत्री ने हथकरघा क्षेत्र के बारे में, विशेष रूप से युवा पीढ़ी के बीच अधिक जागरूकता पैदा करने के लिए तैयार की गई एक बहुभाषी 'कॉमिक बुक' का विमोचन किया। यह प्रकाशन आकर्षक और सुलभ प्रारूप में हथकरघा बुनाई की विरासत, प्रक्रियाओं और सांस्कृतिक महत्व को प्रस्तुत करता है।

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वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुति में पिछले वर्ष के दौरान एनएचडीसी की प्रमुख उपलब्धियों, प्रमुख पहलों, आउटरीच कार्यक्रमों और बुनकरों के आर्थिक सशक्तिकरण के प्रयासों को रेखांकित किया गया।

उत्कृष्ट शिल्प कौशल, नवाचार और भारत की समृद्ध बुनाई परंपराओं को संरक्षित करने एवं बढ़ावा देने में उनके असाधारण योगदान के लिए प्रतिष्ठित बुनकरों और कारीगरों को सम्मानित किया गया।

समारोह की सांस्कृतिक गरिमा को बढ़ाते हुए परिधान प्रदर्शनीमें हथकरघा वस्त्रों की सुंदर प्रस्तुति की गई, जो भारत की क्षेत्रीय बुनाई परंपराओं की विविधता, शिल्पकला और सौंदर्य उत्कृष्टता को दर्शाती है।

माननीय मंत्री ने 'हैंडलूम हाट' में प्रदर्शनी क्षेत्र का भी अवलोकन किया, जिसमें 60 स्टॉल (48 हथकरघा और 12 हस्तशिल्प स्टॉल) लगाए गए हैं, और वहां बुनकरों एवं प्रदर्शकों के साथ बातचीत भी की। उन्होंने प्रदर्शित हाथ से बुने हुए उत्पादों की गुणवत्ता, नवीनता और विस्तृत विविधता की जमकर तारीफ की।

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पीके/ केसी/ केजे


(रिलीज़ आईडी: 2231932) आगंतुक पटल : 82
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