जल शक्ति मंत्रालय
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव ने जिला कलेक्टरों और संभागीय आयुक्तों के साथ जेएसजेबी 2.0 की समीक्षा बैठक की
चर्चा का केंद्र भूजल पुनर्भरण, नदी पुनर्जीवन और जल संरक्षण में जन भागीदारी को सशक्त करना रहा
प्रविष्टि तिथि:
05 MAR 2026 6:21PM by PIB Delhi
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव तथा मध्य प्रदेश सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल के साथ राज्य के सभी जिला कलेक्टरों और संभागीय आयुक्तों के साथ जल संचय जन भागीदारी (JSJB) 2.0 की व्यापक समीक्षा बैठक की। यह बैठक जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग के राष्ट्रीय जल मिशन द्वारा मध्य प्रदेश सरकार के सहयोग से आयोजित की गई।
बैठक में जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग के सचिव श्री वी. एल. कंथा राव; राष्ट्रीय जल मिशन की अतिरिक्त सचिव एवं प्रबंध निदेशक श्रीमती अर्चना वर्मा; मध्य प्रदेश शासन के जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. राजेश कुमार राजौरा; पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी; नगरीय विकास एवं आवास विभाग के श्री संजय दुबे; तथा लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के प्रमुख सचिव श्री पी. नरहरि सहित राज्य और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान खंडवा (पूर्व निमाड़), राजगढ़ और इंदौर जिलों के जिला कलेक्टरों ने विस्तृत प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें JSJB 2.0 के क्रियान्वयन की जिला स्तरीय प्रगति तथा आगामी कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। प्रस्तुतियों में भूजल पुनर्भरण, नदी पुनर्जीवन तथा जल संरक्षण गतिविधियों में सामुदायिक सहभागिता को विशेष रूप से रेखांकित किया गया।
JSJB 1.0 के अंतर्गत मध्य प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर चौथा स्थान प्राप्त किया था। विशेष रूप से खंडवा (पूर्व निमाड़) जिला देशभर के जिलों में प्रथम स्थान पर रहा, जो जल संरक्षण के क्षेत्र में प्रभावी जिला नेतृत्व और जनभागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है।
समीक्षा के दौरान मध्य प्रदेश की प्रमुख पहलों का भी उल्लेख किया गया, जिनमें वन क्षेत्रों में बड़े स्तर पर किए जा रहे जल संरक्षण कार्य तथा राज्य सरकार का “जल गंगा संवर्धन अभियान” शामिल है। इस अभियान के माध्यम से पूरे राज्य में जल स्रोतों के संरक्षण, नदियों के पुनर्जीवन तथा स्थानीय जल स्रोतों को सशक्त बनाने के लिए व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। ये पहलें यह दर्शाती हैं कि स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप अपनाए गए उपाय और सामुदायिक सहभागिता भूजल पुनर्भरण और सतत जल प्रबंधन में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव ने जल संरक्षण के प्रति राज्य सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता को दोहराते हुए आश्वासन दिया कि मध्य प्रदेश जल संसाधनों के संरक्षण के राष्ट्रीय प्रयासों में अग्रणी बना रहेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निरंतर जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और “जल गंगा संवर्धन अभियान” जैसे प्रयासों के माध्यम से जल संरक्षण, नदी पुनर्जीवन, स्रोत स्थिरता तथा मध्य प्रदेश से निकलने वाली या राज्य से होकर गुजरने वाली नदियों की स्वच्छता के लिए जनभागीदारी को सशक्त बनाया जा रहा है।
जिला कलेक्टरों और संभागीय आयुक्तों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री सी. आर. पाटिल ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में जल संचय जन भागीदारी एक राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन का रूप ले चुकी है, जिसने जल संरक्षण को जनसहभागिता से जोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि खंडवा जैसे जिलों के अनुभव यह दर्शाते हैं कि मजबूत सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से जल संरक्षण और नदी पुनर्जीवन के क्षेत्र में उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
श्री पाटिल ने “कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान” का भी उल्लेख किया, जिसके अंतर्गत सूरत और गुजरात के अन्य भागों से जुड़े व्यापारिक समुदाय के सदस्यों ने अपनी मातृभूमि में जल संरक्षण कार्यों के लिए योगदान दिया है। जल संचय जन भागीदारी के अंतर्गत इस प्रकार के प्रयासों से मध्य प्रदेश में भी जल संरक्षण कार्यों को सहयोग मिला है, जो यह दर्शाता है कि समाज के विभिन्न वर्ग सामूहिक प्रयासों के माध्यम से जल सुरक्षा के लिए अपनी मातृभूमि के प्रति योगदान दे सकते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि मनरेगा के अंतर्गत जल संरक्षण गतिविधियों के लिए विशेष रूप से संसाधन निर्धारित किए गए हैं और सभी जिलों से आग्रह किया कि वे वर्षा ऋतु के आगमन से पूर्व इन संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी जिलों से आह्वान किया कि वे नए उत्साह और प्रतिबद्धता के साथ आगे आएँ और योजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन तथा मजबूत जनभागीदारी के माध्यम से JSJB 2.0 के अंतर्गत उत्कृष्ट परिणाम सुनिश्चित करें।
JSJB 1.0 के अंतर्गत मध्य प्रदेश की उपलब्धियों की सराहना करते हुए श्री सी. आर. पाटिल ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य JSJB 2.0 के अंतर्गत अपने प्रयासों को और तेज करेगा तथा सामुदायिक सहभागिता पर आधारित जल संरक्षण और सतत जल प्रबंधन में देश के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत करता रहेगा।



***
एनडी
(रिलीज़ आईडी: 2235680)
आगंतुक पटल : 97