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कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय
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फरवरी 2026 के लिए 'सचिवालय सुधार' मासिक रिपोर्ट का 28वां संस्करण जारी


स्वच्छता अभियान के तहत 2021 से फरवरी 2026 तक स्क्रैप की बिक्री से अर्जित कुल राजस्व 4,497.9 करोड़ रुपये

दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के दौरान स्क्रैप निपटान से 292.83 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित हुआ

फरवरी 2026 के दौरान 4,291 कार्यालयों में स्वच्छता अभियान के तहत 1.28 लाख फाइलें छांटी गईं

प्रविष्टि तिथि: 24 MAR 2026 3:48PM by PIB Delhi

कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के अधीन प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) ने फरवरी 2026 के लिए अपनी मासिक 'सचिवालय सुधार' रिपोर्ट का 28वां संस्करण जारी किया है। रिपोर्ट में शासन एवं प्रशासन में परिवर्तन लाने के उद्देश्य से चल रही पहलों (i) स्वच्छता और लंबित मामलों को न्यूनतम स्तर तक कम करना (ii) निर्णय लेने में दक्षता बढ़ाना, (iii) ई-कार्यालय कार्यान्वयन और विश्लेषण का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।

इस संस्करण में निम्नलिखित शामिल हैं:

  • "कार्यालय स्थानों को बढ़ाना" के अंतर्गत सर्वोत्तम पद्धतियां
  • मुख्य विषय: कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी)
  • कैबिनेट सचिवालय के ई-ऑफिस कार्यान्वयन संबंधी निर्देश

फरवरी 2026 की रिपोर्ट की मुख्य विशेषताएं:

1. स्वच्छता और लंबित मामलों में कमी:

  • देशभर में 4,291 स्थानों पर स्वच्छता अभियान सफलतापूर्वक चलाए गए।

  • लगभग 16.34 लाख वर्ग फुट कार्यालय स्थान खाली हो गया है, जिसमें सबसे बड़ा योगदान कोयला मंत्रालय (12,98,377 वर्ग फुट) का रहा है।

  • स्क्रैप निपटान से 92.62 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जिसमें रेल मंत्रालय, सैन्य विभाग और कोयला मंत्रालय का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

  • प्रभावी रिकॉर्ड प्रबंधन के तहत 2,43,247 भौतिक फाइलों की समीक्षा की गई, जिनमें से 1,28,131 फाइलों को अनावश्यक घोषित कर दिया गया।

  • 5,04,420 जन शिकायतों और अपीलों का निपटारा, साथ ही 1,045 सांसद संबंधी मामलों और 724 राज्य सरकार संबंधी मामलों का निपटारा।

पैरामीटर/आइटम

एससी1.0 - एससी4.0

दिसंबर 2024-अगस्त 2025

एससी 5.0

दिसंबर 2025 – फरवरी 2026

संचयी

अर्जित राजस्व (करोड़ रुपये में)

2,364.05

1,007.1

833.92

292.83

4,497.9

 

2. सर्वोत्तम कार्यप्रणालियां: कार्यालय स्थानों का संवर्धन:

मंत्रालयों और विभागों ने अपने कार्यालय परिसरों को बेहतर बनाया। उदाहरण के लिए:

  • मुंबई स्थित न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड की दीवारों का सौंदर्यीकरण; परमाणु ऊर्जा विभाग
  • चेन्नई के एमपीईजेड विशेष आर्थिक क्षेत्र में पुराने गोदाम को कार्यस्थल में परिवर्तित किया गया ; वाणिज्य विभाग

3. निर्णय लेने और ई-ऑफिस कार्यान्वयन एवं विश्लेषण में दक्षता बढ़ाना:

  • डीलेयरिंग पहलों को अपनाने से सक्रिय फाइलों के लिए औसत विशिष्ट लेनदेन स्तर में उल्लेखनीय कमी आई है, जो 2021 में 7.19 से घटकर फरवरी 2026 तक 4.13 हो गया है।
  • फरवरी 2026 में बनाई गई कुल फाइलों में से 93.78 प्रतिशत ई-फाइलें हैं।
  • प्राप्त रसीदों में से 95.30 प्रतिशत ई-रसीदें थीं, और 66 मंत्रालयों/विभागों ने उल्लेखनीय स्तर पर कम से कम 90 प्रतिशत ई-फाइलों को अपनाया। फरवरी 2026 के लिए 16 मंत्रालयों/विभागों की ई-रसीदों में शत-प्रतिशत हिस्सेदारी है।
  • फरवरी 2026 के महीने में अंतर-मंत्रालयी फाइल आवागमन की संख्या 8,280 रही है, जो सुव्यवस्थित प्रशासनिक प्रक्रियाओं को दर्शाती है।

ये पहलें भारत सरकार की डिजिटल रूप से सक्षम, पारदर्शी, कुशल और नागरिक-केंद्रित शासन के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं, जो प्रशासनिक उत्कृष्टता और उत्तरदायी सार्वजनिक प्रशासन के व्यापक लक्ष्य के अनुरूप है।

फरवरी 2026 माह के लिए "सचिवालय सुधार" मासिक रिपोर्ट का लिंक नीचे दिया गया है:

https://darpg.gov.in/sites/default/files/Secretariat_Reforms_Report_Feb_2026.pdf

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पीके/केसी/एसकेएस/एसके


(रिलीज़ आईडी: 2244593) आगंतुक पटल : 65
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