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भारी उद्योग मंत्रालय
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फेम इंडिया योजना

प्रविष्टि तिथि: 24 MAR 2026 5:13PM by PIB Delhi

भारत सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने और उनके निर्माण को बढ़ावा देने (फेम इंडिया) योजना को दो चरणों में सफलतापूर्वक लागू किया है, अर्थात् चरण-I (01.04.2015 से 31.03.2019) और चरण-II (01.04.2019 से 31.03.2024)। इस योजना ने बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने में मदद की है।

प्रथम चरण(01.04.2015 से 31.03.2019), जिसने एक पायलट परियोजना के रूप में कार्य किया और प्रौद्योगिकी की व्यवहार्यता और बाजार की प्रतिक्रिया का आकलन करने में सहायक हुआ,  की कार्यान्वयन स्थिति निम्नानुसार है:-

  1. लगभग 2.8 लाख इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों को 359 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन के साथ समर्थन दिया गया।
  2. सरकार की ओर से लगभग 280 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन के साथ देश के विभिन्न शहरों में 425 इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड बसों को स्वीकृत और तैनात किया गया है।
  3. 43 करोड़ रुपये की लागत से 520 चार्जिंग स्टेशनों को मंजूरी दी गई।
  4. विभिन्न संगठनों/संस्थानों को प्रौद्योगिकी विकास परियोजनाओं जैसे परीक्षण आधारभूत संरचना की स्थापना, विद्युतीकृत परिवहन, बैटरी इंजीनियरिंग आदि में उन्नत अनुसंधान के लिए 'उत्कृष्टता केंद्र' की स्थापना के लिए लगभग 158 करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत की गईं।

फेम (भारत) योजना का दूसरा चरण (फेम-II) 11,500 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ 01.04.2019 से 31.03.2024 तक कार्यान्वित किया गया। योजना की अवधि के दौरान कुल 16,71,606 इलेक्ट्रिक वाहनों को समर्थन (बिक्री) दिया गया। इसके अलावा, 31 जनवरी 2026 तक इस योजना के तहत 5,195 ई-बसें तैनात की गई हैं। फेम-II योजना के तहत, 01.01.2026 तक कुल 9,159 ईवी पीसीएस (इलेक्ट्रिक वाहन) स्थापित किए गए हैं।

पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत 01.04.2024 से लागू होने वाली तकनीकी, अनुसंधान एवं विकास तथा पारिस्थितिकी तंत्र संबंधी चुनौतियों का समाधान करने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं:-

  1. अनुसंधान एवं विकास को मजबूती देने के लिए परीक्षण एजेंसियों के उन्नयन में 780 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
  2. प्रमुख शहरों में 14,028 ई-बसों की तैनाती के लिए 4,391 करोड़ रु आवंटित किए गए हैं।
  3. देशभर में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सार्वजनिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 2,000 करोड़ रुपये आवंटित ।
  4. महत्वपूर्ण इलेक्ट्रिक वाहन घटकों के स्थानीयकरण को बढ़ावा देने और पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए चरणबद्ध विनिर्माण कार्यक्रम का कार्यान्वयन।

यह जानकारी भारी उद्योग राज्य मंत्री श्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा ने लोकसभा में लिखित उत्तर में दी।

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पीके/केसी/पीएस/एसएस  


(रिलीज़ आईडी: 2244651) आगंतुक पटल : 71
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