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सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्रालय
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केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री श्री जीतन राम मांझी और बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी संयुक्त रूप से प्रौद्योगिकी केंद्र, खिजरसराय, गया की नींव रखेंगे


दक्षिण बिहार और मगध क्षेत्र के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) परिदृश्य को बदलने वाले इस केंद्र की लागत 170 करोड़ रुपये है

प्रविष्टि तिथि: 14 JUN 2026 11:10AM by PIB Delhi

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री जीतन राम मांझी और बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी 15 जून, 2026 को बिहार के गया जिले के खिजरसराय में बनने वाले प्रौद्योगिकी केंद्र की नींव रखेंगे। इस समारोह का शुभारंभ पारंपरिक भूमि पूजन से होगा। इस समारोह में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय और बिहार सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।

प्रौद्योगिकी केंद्र: आत्मनिर्भर भारत के स्तंभ

एमएसएमई मंत्रालय अनुकूल वातावरण को बढ़ावा देने और एमएसएमई की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने के लिए देश भर में प्रौद्योगिकी केंद्रों और विस्तार केंद्रों का एक राष्ट्रव्यापी नेटवर्क का संचालन कर रहा है। वर्षों से, इन केंद्रों ने स्वदेशी क्षमताओं के विकास और आत्मनिर्भर भारत पहल को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ये केंद्र एमएसएमई को बढ़ावा देने के अलावा भारत सरकार के आत्मनिर्भर, वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी विनिर्माण तंत्र के दृष्टिकोण के अनुरूप तकनीकी आत्मनिर्भरता और सतत औद्योगिक विकास के राष्ट्रीय लक्ष्यों को आगे बढ़ाते हैं।

गया प्रौद्योगिकी केंद्र की प्रमुख विशेषताएं

  • गया के खिजरसराय में 170 करोड़ रुपये की कुल लागत से प्रौद्योगिकी केंद्र स्थापना की जाएगी। इस लागत में सिविल निर्माण कार्यों के लिए लगभग 86 करोड़ रुपये और संयंत्र और मशीनरी के लिए 84 करोड़ रुपये शामिल हैं।
  • यह केंद्र राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई 20 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। इसका निर्मित क्षेत्र लगभग 16,800 वर्ग मीटर होगा और इसमें एक उत्पादन ब्लॉक, प्रशिक्षण ब्लॉक, यूटिलिटी ब्लॉक, प्रशासनिक ब्लॉक, बहुउद्देशीय हॉल, छात्रावास और स्टाफ के लिए आवास होंगे।
  • यह केंद्र सामान्य अभियांत्रिकी, भारी अभियांत्रिकी और वस्त्र परीक्षण के प्रमुख क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा करेगा ताकि इस क्षेत्र में एमएसएमई/उद्योगों की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।
  • यह केंद्र गयाजी, औरंगाबाद, नवादा, नालंदा, जहानाबाद और मुंगेर जिलों में एमएसएमई के लिए कार्य करेगा, उन्हें उन्नत विनिर्माण प्रौद्योगिकियों, उद्योग के लिए तैयार कार्यबल और आवश्यक तकनीकी और व्यावसायिक सलाहकार सेवाएं प्रदान करेगा ताकि वे विस्तार, नवाचार और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हो सके ।

प्रौद्योगिकी केंद्र गया द्वारा दी जाने वाली सेवाएं

  • उत्पादन: मोल्ड, डाई, जिग्स और फिक्स्चर के लिए टूल रूम सुविधाएं; सीएनसी मशीनिंग सेवाएं; कैड/कैम/सीएई सुविधाएं; रैपिड प्रोटोटाइपिंग; इंडस्ट्री 4.0 लैब; और नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियां/समाधान।
  • कैड/कैम/सीएई, वीएलएसआई/ईएस/ऑटोमेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, डेटा एनालिटिक्स, प्रोटोटाइपिंग, गुणवत्ता नियंत्रण, सामान्य अभियांत्रिकी, भारी अभियांत्रिकी और वस्त्र उद्योग में उद्योग के अनुरूप कार्यक्रम ।
  • व्यवसाय विकास एवं सलाहकार सेवाएं: बाजार अनुसंधान, प्रोटोटाइप विकास, सिक्स सिग्मा पद्धतियां, नियामक अनुपालन, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन, डिजिटल मार्केटिंग, ब्रांडिंग, उत्पाद डिजाइन, आधुनिकीकरण, स्वचालन, नवाचार और इनक्यूबेशन सहित सेवाएं।

अपेक्षित प्रभाव

  • प्रौद्योगिकी केंद्र, गया का लक्ष्य वर्तमान और उभरती उद्योग आवश्यकताओं के अनुरूप अल्पकालिक और दीर्घकालिक उद्योग-उन्मुख कार्यक्रमों के माध्यम से प्रतिवर्ष 7,000 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षित करना है।
  • केंद्र सरकार प्रतिवर्ष 1000 से अधिक स्थानीय एमएसएमई को उपकरण निर्माण और रोजगार कार्यों में सहायता प्रदान करेगी।
  • यह केंद्र प्रौद्योगिकी संबंधी कमियों को दूर करके, स्थानीय एमएसएमई को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं से जोड़कर और ऐतिहासिक मगध क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूत करके दक्षिणी बिहार में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने का कार्य करेगा।

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पीके/केसी/पीपी/आरके


(रिलीज़ आईडी: 2272629) आगंतुक पटल : 307
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