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रेल मंत्रालय
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भारतीय रेलवे ने आद्रा और जॉयचंदीपहाड़ के बीच माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने के लिए 272 करोड़ रुपये की लागत वाली बाईपास लाइन को स्वीकृति दी


माल ढुलाई की क्षमता सुदृढ़ करने और भीड़भाड़ कम करने के लिए 11 किलोमीटर लंबी बाईपास लाइन बनाई जाएगी

प्रविष्टि तिथि: 01 SEP 2026 11:24AM by PIB Delhi

भारतीय रेलवे ने दक्षिण पूर्व रेलवे के अंतर्गत आद्रा के छोर और जॉयचंदीपहाड़ के बीच 272 करोड़ रुपये की कुल लागत से 11 किलोमीटर लंबी बाईपास लाइन के निर्माण को स्वीकृति दे दी है।

यह परियोजना आगामी तीसरी लाइन के लिए समर्पित मार्ग पृथक्करण के साथ दोनों दिशाओं में संपर्क प्रदान करेगी। इससे प्रतिदिन 6,065 मालगाड़ियों की अनुमानित आवाजाही सुगम होगी और औद्योगिक यातायात में अपेक्षित वृद्धि को समर्थन मिलेगा। यह बाईपास लाइन विशेष रूप से एसएआआईएल की 23.40 मीट्रिक टन प्रति वर्ष लौह अयस्क की मांग और बीसीसीएल के लिए प्रतिदिन 45 मालगाड़ियों के अनुमानित माल ढुलाई में सहायक होगी।

कॉरिडोर की क्षमता में वृद्धि और भीड़भाड़ को कम करना

आद्रा-जॉयचंदीपहाड़-सांका बाईपास से आद्रा-जॉयचंदीपहाड़ खंड पर वर्तमान परिचालन संबंधी बाधाओं और सड़क यातायात के दौरान होने वाली देरी को दूर करने में मदद मिलेगी। इस क्षेत्र में वर्तमान नेटवर्क का 71 प्रतिशत उपयोग किया जा रहा है और सड़क यातायात संबंधी समस्याओं के कारण माल ढुलाई की गति प्रभावित हो रही है। ऐसे में, वैकल्पिक लाइन से परिचालन दक्षता में सुधार होगा और आगे यातायात में भीड़भाड़ को रोका जा सकेगा।

इस परियोजना के पूरा होने पर प्रति वर्ष 8.88 मीट्रिक टन माल ढुलाई के लिए यातायात की अतिरिक्त सुविधा मिलने की उम्मीद है। जॉयचंदीपहाड़-आद्रा खंड की वर्तमान लाइन की क्षमता 47.50 प्रतिशत है जिसके 2028-29 तक बढ़कर 56.45 प्रतिशत होने की उम्मीद है।

ऊर्जा, खनिज और सीमेंट कॉरिडोर को सहायता

यह बाईपास लाइन भारतीय रेलवे के लिए निर्धारित ऊर्जा, खनिज और सीमेंट कॉरिडोर का हिस्सा है। यह परियोजना अतिरिक्त क्षमता प्रदान करके और माल ढुलाई को सुगम बनाकर औद्योगिक वस्तुओं के परिवहन को सुदृढ़ करेगी और भविष्य में यातायात की वृद्धि को उच्चतर परिवहन क्षमता में परिवर्तित करने में सक्षम बनाएगी।

यह परियोजना आद्रा-जॉयचंदीपहाड़ कॉरिडोर में अतिरिक्त क्षमता सृजित करके, सड़क यातायात से जुड़े विवादों में कमी लाकर और माल ढुलाई संबंधी कार्यों की दक्षता में सुधार से माल ढुलाई संबंधी अवसंरचना को मजबूत करेगी। यह परियोजना बढ़ते औद्योगिक यातायात को सहायता प्रदान करेगी और इसके साथ ही रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस कॉरिडोर पर माल की अधिक विश्वसनीय और भीड़भाड़ रहित आवाजाही को सक्षम बनाया जा सकेगा।

 

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पीके/केसी/केके/ओपी


(रिलीज़ आईडी: 2305353) आगंतुक पटल : 97
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