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उपभोक्‍ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय
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प्याज की पर्याप्त उपलब्धता: सरकार ने कांदा एक्सप्रेस और सड़क परिवहन के माध्यम से बफर स्टॉक की सुनियोजित और लक्षित आपूर्ति का विस्तार किया


रेलगाड़ियों और सड़क परिवहन के माध्यम से प्रमुख उपभोग केंद्रों तक आपूर्ति के लिए हाइब्रिड परिवहन मॉडल अपनाया गया

बफर स्टॉक को 19 शहरों में भेजा गया है, ढुलाई के लिए कांदा एक्सप्रेस और देश भर में 30 से अधिक ट्रक तैनात किए गए हैं

प्रत्यक्ष भुगतान द्वारा किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया गया है

एनसीसीएफ, एनएएफईडी, केंद्रीय भंडार के खुदरा विक्रय केंद्र और मोबाइल वैन के माध्यम से प्याज 35 प्रति रुपए किलो की दर से उपलब्ध है

प्रविष्टि तिथि: 01 SEP 2026 2:38PM by PIB Delhi

सरकार ने प्रमुख उपभोग केंद्रों तक प्याज के बफर स्टॉक की सुनियोजित आपूर्ति शुरू कर दी है। इसके लिए रेलगाड़ियों (कांदा एक्सप्रेस) और सड़क परिवहन का हाइब्रिड मॉडल अपनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य प्याज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना और मौसमी मूल्य दबावों को कम करना है। मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ) के तहत रखे गए प्याज के बफर स्टॉक की आपूर्ति 24 अगस्त 2026 से भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ लिमिटेड (नेफेड) और भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ लिमिटेड (एनसीसीएफ) के माध्यम से शुरू हुई।

इस पहल के तहत, नासिक से कांदा एक्सप्रेस की दो खेपें भेजी गई हैं450 मीट्रिक टन प्याज पहली खेप 27 अगस्त 2026 को देर रात दिल्ली पहुंची। इसमें से 140 मीट्रिक टन प्याज वाराणसी, लखनऊ, चंडीगढ़ और अमृतसर में और बाकी बचा दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वितरित किया गया।

840 मीट्रिक टन प्याज से लदी दूसरी रेलगाड़ी 31 अगस्त 2026 को चेन्नई पहुंची। तमिलनाडु सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्यम से प्रति कार्ड 1 किलो प्याज की आवश्यकता के अनुसार वितरित करने की योजना बनाई है। तमिलनाडु के विभिन्न जिलों में प्रस्तावित जिला-वार क्लस्टरिंग के अनुसार प्याज का वितरण होने की संभावना है।

क्रम संख्या

क्षेत्र

जिलों का विवरण

1

उत्तर

चेन्नई पीडीएस 1 + चेन्नई पीडीएस 2

2

उत्तर

तिरुवल्लुर + कांचीपुरम + चेंगलपट्टू + वेल्लोर + रानीपेट + तिरुपत्तूर

3

उत्तर

तिरुवन्नामलाई + विल्लुपुरम + कल्लाकुरिची

4

पश्चिम

कोयंबटूर + नीलगिरि

5

पश्चिम

तिरुप्पुर + इरोड

6

पश्चिम

सेलम + नमक्कल + धर्मपुरी + कृष्णागिरी

7

पूर्व

कुड्डालोर + मयिलादुथुराई

8

पूर्व

नागपट्टिनम + तिरुवरूर

9

केंद्रीय

अरियालुर + पेराम्बालुर

10

केंद्रीय

तिरुची + करूर

11

केंद्रीय

तंजावुर + पुदुक्कोट्टई

12

दक्षिण

मदुरै + डिंडीगुल

13

दक्षिण

थेनी + विरुधुनगर

14

दक्षिण

शिवगंगा + रामनात्नापुरम

15

दक्षिण

तिरुनेलवेली + तेनकासी

16

दक्षिण

तूतीकोरिन + कन्याकुमारी

 

लगभग 1,000 मीट्रिक टन प्याज सड़क मार्ग से ले जाया जा रहा है

बाजार की मौजूदा स्थितियों और मूल्य रुझानों के आधार पर, उपलब्धता में सुधार लाने और मौसमी मूल्य दबावों को कम करने के उद्देश्य से, लगभग 1,000 मीट्रिक टन प्याज को सड़क मार्ग से प्रमुख उपभोग केंद्रों तक पहुंचाया जा रहा है।

व्यापक उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 19 शहरों में खुदरा बिक्री का विस्तार किया गया है जिसमें ढुलाई के लिए 30 से अधिक ट्रक तैनात किए गए हैंइन शहरों में दिल्ली, जयपुर, जम्मू, देहरादून, शिमला, अमृतसर, चंडीगढ़, कोलकाता, गुवाहाटी, लखनऊ , वाराणसी, पटना , भोजपुर (बिहार), शरीफ (बिहार), भुवनेश्वर, चेन्नई, मदुरै, त्रिशूर और कोच्चि शामिल हैं। उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के राज्य मंत्री श्री बी.एल. वर्मा ने लखनऊ में भी इस खुदरा पहल का शुभारंभ किया है ।

खुदरा प्याज 35 रुपये प्रति किलो के भाव से उपलब्ध है।

एनसीसीएफ, एनएएफईडी, केंद्रीय भंडार के आउटलेट्स और मोबाइल वैन के माध्यम से प्याज की खुदरा बिक्री 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से जारी है, जिससे उपभोक्ताओं को किफायती दामों पर प्याज उपलब्ध हो रहा है। अब तक लगभग 669 मीट्रिक टन प्याज की बिक्री हो चुकी है, जिसमें से 223 मीट्रिक टन ई-एनएएम पोर्टल और इसी तरह के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से मौजूदा मंडी कीमतों पर थोक चैनलों द्वारा और 446 मीट्रिक टन खुदरा केंद्रों द्वारा देशभर में बेची गई है।

बढ़ी हुई उपलब्धता कीमतों को नियंत्रित करने में सहायक है।

वाराणसी, अमृतसर, दिल्ली और आसपास के बाजारों में बफर स्टॉक से प्याज की आपूर्ति शुरू होने से बाजार में उपलब्धता बढ़ी है और कीमतों में कमी आई है। बिक्री शुरू होने के अगले दिन से ही कीमतों में गिरावट देखी गई है, और आपूर्ति बढ़ने से कीमतों में स्थिरता आने की उम्मीद है।

किसानों को समय पर भुगतान

लगभग 3,400 किसानों को सीधे 210 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है , जिससे समय पर भुगतान सुनिश्चित हुआ है। सरकार प्याज किसानों को समर्थन देने के साथ-साथ उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त और किफायती उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार ने रेलगाड़ियों के माध्यम से बड़ी मात्रा में प्याज के परिवहन और आपूर्ति के दौरान मजबूत सुरक्षा उपाय भी लागू किए हैं।

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पीके/केसी/जेके/एसएस


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