स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा की अध्यक्षता में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति की दूसरी बैठक संपन्न
राजभाषा हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने और जन-सामान्य तक स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी सरल भाषा में पहुँचाने पर जोर
अधिकाधिक राजकीय कार्य हिंदी में करने वाले कार्मिक प्रशंसा-पत्र से सम्मानित; अखिल भारतीय वाक् एवं श्रवण संस्थान, मैसूर की पुस्तक ‘आईश शब्द संकेत’ का लोकार्पण
प्रविष्टि तिथि:
01 SEP 2026 4:31PM by PIB Delhi
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति की दूसरी बैठक आज नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव और राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने समिति के उपाध्यक्ष के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर वरिष्ठ सांसद एवं संसदीय राजभाषा समिति के उपाध्यक्ष श्री भर्तृहरि महताब, संसद सदस्य डॉ. दिनेश शर्मा एवं श्री अनूप प्रधान वाल्मीकि तथा पदेन सदस्य के रूप में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की सचिव श्रीमती पुण्य सलिला श्रीवास्तव एवं स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव डॉ. राजीव बहल सहित समिति के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान मंत्रालय तथा इसके विभिन्न संबद्ध एवं अधीनस्थ कार्यालयों में राजभाषा हिंदी के प्रयोग की स्थिति की समीक्षा की गई। मंत्रालय द्वारा राजभाषा हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा हुई। समिति के सदस्यों से राजभाषा के प्रयोग को और बढ़ाने तथा स्वास्थ्य सुविधाओं एवं सेवाओं से संबंधित जानकारी जन-सामान्य तक सरल हिंदी में पहुँचाने के संबंध में सुझाव आमंत्रित किए गए।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने हिंदी सलाहकार समिति के सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों का स्वागत करते हुए कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का कार्य सीधे तौर पर जन-जीवन से जुड़ा हुआ है। ऐसे में जनता के साथ उनकी अपनी भाषा में संवाद स्थापित करना मंत्रालय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हिंदी तथा अन्य भारतीय भाषाओं के माध्यम से जन-सामान्य के साथ प्रभावी संवाद स्थापित करने से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच और सेवा-प्रदायगी को बेहतर बनाया जा सकता है। श्री नड्डा ने पिछली बैठक से अब तक मंत्रालय द्वारा राजभाषा हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने की दिशा में किए गए सार्थक प्रयासों पर संतोष व्यक्त किया।
श्री नड्डा ने कहा कि देश अब पश्चिमी जगत के लंबे औपनिवेशिक प्रभाव से बाहर निकलते हुए अपनी भारतीय भाषाओं के अधिकाधिक प्रयोग की दिशा में आगे बढ़ रहा है और भाषा भारतीयता को सशक्त बनाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि “प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अनेक महत्वपूर्ण अवसरों पर अंतरराष्ट्रीय मंचों से हिंदी में अपने विचार और दृष्टिकोण प्रस्तुत किए हैं तथा भारतीयता को सशक्त बनाने पर जोर दिया है।”

राजभाषा से संबंधित पदों के संबंध में श्री नड्डा ने निर्देश दिया कि मंत्रालय के विभिन्न विभागों और संस्थानों में राजभाषा से संबंधित पदों की समीक्षा कर उन्हें पुनः सृजित करने और भरने की दिशा में समयबद्ध कार्रवाई की जाए। उन्होंने संबंधित पदों की सूची तैयार कर शीघ्र उनके समक्ष प्रस्तुत करने को कहा, ताकि आवश्यकतानुसार वित्त मंत्रालय के साथ भी इस विषय पर चर्चा की जा सके।
श्री नड्डा ने हिंदी में कार्य करने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर जोर देते हुए एक सप्ताह का संक्षिप्त प्रशिक्षण पाठ्यक्रम अथवा कार्यशाला आयोजित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए एक निर्धारित दिवस से कार्यक्रम शुरू करने और पूरे सप्ताह की गतिविधियों की स्पष्ट रूपरेखा तैयार करने का प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने मंत्रालय की पत्रिकाओं में कम-से-कम आधे लेख हिंदी में प्रकाशित करने तथा बुलेटिनों में भी हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग को प्रोत्साहित करने का सुझाव दिया।
भोपाल मेडिकल कॉलेज में हिंदी माध्यम से चिकित्सा शिक्षा के प्रयोग का उल्लेख करते हुए श्री नड्डा ने कहा कि इस प्रयोग का अध्ययन कर यह समझने की आवश्यकता है कि इसे अन्य संस्थानों में किस प्रकार अपनाया जा सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य इस प्रयोग का अध्ययन करें और इसके आधार पर एक स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि चूँकि स्वास्थ्य राज्य का विषय है, इसलिए इस कार्ययोजना के आधार पर विभिन्न राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ भी चर्चा की जा सकती है, ताकि अन्य राज्यों में चिकित्सा शिक्षा में हिंदी एवं क्षेत्रीय भाषाओं को अपनाने की संभावनाओं पर विचार किया जा सके।
राजभाषा पखवाड़े के संबंध में श्री नड्डा ने एक समन्वित दैनिक कार्यक्रम तैयार करने का सुझाव दिया, ताकि अधिकारियों और कर्मचारियों के नियमित कार्य में बाधा आए बिना सीमित अवधि में प्रभावी रूप से हिंदी के प्रयोग को प्रोत्साहित किया जा सके।
हिंदी की शब्दावली को अधिक समृद्ध और व्यावहारिक बनाने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि “हर शब्द के लिए जटिल हिंदी पर्याय खोजने के बजाय ऐसी प्रचलित और सहज शब्दावली को स्वीकार किया जाना चाहिए, जो पहले से हिंदी में आत्मसात हो चुकी है। इससे भाषा अधिक सहज और जन-सामान्य के लिए समझने योग्य बनेगी।”
श्री नड्डा ने भारतीयता को आगे बढ़ाने में भाषा की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि भारतीय भाषाओं का अधिकाधिक प्रयोग भारतीयता की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य और मंत्रालय के अधिकारी हिंदी तथा भारतीय भाषाओं के प्रयोग को बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाएँगे।
इस अवसर पर मंत्रालय में अधिकाधिक राजकीय कार्य हिंदी में करने वाले कार्मिकों को प्रशंसा-पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इसके अलावा, अखिल भारतीय वाक् एवं श्रवण संस्थान, मैसूर द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘आईश शब्द संकेत’ का लोकार्पण भी किया गया।


राजभाषा हिंदी को जन-सामान्य तक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पहुँचाने का प्रभावी माध्यम बनाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। मंत्रालय द्वारा जन-स्वास्थ्य कार्यक्रमों के अंतर्गत स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता के लिए तैयार कराई जा रही सामग्री को सरल हिंदी में प्रस्तुत किया जा रहा है, ताकि स्वास्थ्य संबंधी संदेशों को अधिक सुगम और प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुँचाया जा सके।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि मंत्रालय द्वारा राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार और इसके अधिकाधिक प्रयोग को संस्थागत रूप देने के लिए निरंतर प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रालय अधिकारियों और कर्मचारियों को हिंदी में अधिक से अधिक कार्य करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है तथा इस दिशा में नए प्रयोगों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 29-30 दिसंबर, 2025 को एनआईबी, नोएडा में राष्ट्रीय राजभाषा सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें देशभर से लगभग 200 प्रतिभागियों ने भाग लिया। 14-30 सितंबर, 2025 तक हिंदी पखवाड़े का आयोजन कर 40 विजेताओं को सम्मानित किया गया तथा 16 फरवरी, 2026 को संसदीय राजभाषा समिति द्वारा मंत्रालय का निरीक्षण किया गया।
श्री जाधव ने कहा कि जनसामान्य तक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी सरल भाषा में पहुँचाने के लिए हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में जागरूकता सामग्री, श्रव्य संदेश तथा जिंगल तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 9 जनवरी, 2026 को विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर ‘स्वास्थ्य सृजन’ के दूसरे अंक का विमोचन और कवि सम्मेलन आयोजित किया गया तथा हिंदी में अधिकाधिक कार्य करने वाले कार्मिकों को सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि हिंदी के प्रयोग को स्वास्थ्य क्षेत्र में अधिक व्यापक बनाने तथा जनसामान्य के लिए स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को सरल और सुगम बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए।

बैठक के दौरान समिति के सदस्यों ने राजभाषा हिंदी के प्रयोग को बढ़ाने तथा स्वास्थ्य सुविधाओं को जन-सामान्य तक सरल हिंदी में उपलब्ध कराने के संबंध में विभिन्न महत्वपूर्ण सुझाव दिए। सदस्यों से प्राप्त सुझावों पर मंत्रालय तथा इसके संबद्ध एवं अधीनस्थ कार्यालयों, स्वायत्तशासी निकायों और संस्थानों द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव एवं हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य सचिव श्री एलांगबम रॉबर्ट सिंह; अखिल भारतीय वाक् एवं श्रवण संस्थान, मैसूर की निदेशक श्रीमती पुष्पवती तथा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं विभिन्न अधीनस्थ कार्यालयों के प्रमुख भी उपस्थित थे।
पृष्ठभूमि: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति का गठन 28 अप्रैल, 2025 को राजभाषा हिंदी के प्रयोग को बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया था। समिति के अध्यक्ष केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री हैं, जबकि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव और श्रीमती अनुप्रिया पटेल इसके उपाध्यक्ष हैं। समिति में छह सांसद और हिंदी के क्षेत्र में कार्य करने वाले नौ गैर-सरकारी सदस्य भी शामिल हैं। मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और कुछ अधीनस्थ कार्यालयों के प्रमुख समिति के पदेन सदस्य हैं। समिति की पिछली बैठक 22 अगस्त, 2025 को नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी।
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एसआर
(रिलीज़ आईडी: 2305510)
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