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कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय
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4 सितंबर 2026 तक देश में खरीफ फसलों की बुआई का कुल रकबा 1086.31 लाख हेक्टेयर पहुंच गया


दलहन और जूट एवं मेस्ता के बुआई रकबे में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में वृद्धि दर्ज की गई

प्रविष्टि तिथि: 08 SEP 2026 2:22PM by PIB Delhi

 

 

 

अखिल भारतीय: फसल बुआई रकबे की प्रगतिशील रिपोर्ट - 04 सितम्‍बर, 2026 तक खरीफ फसलों का  साप्ताहिक रकबा कवरेज

स्रोत: सीडब्ल्यूडब्ल्यूजी

रकबा लाख हेक्टेयर में

 

 

सामान्य (डीए और एफडब्ल्यू)

बोई गई फसल का रकबा

2025-26 की तुलना में रकबा कवरेज में अंतर

क्रमांक

फसल

 

2026-27

2025-26

2025-26

1

धान

412.00

421.82

438.19

-16.37

2

कुल दलहन

123.63

117.13

115.30

1.84

तुअर

44.31

45.66

44.93

0.72

बी

उड़द

29.60

25.15

22.46

2.68

सी

मूंग

35.48

33.19

34.23

-1.04

डी

कुलथी

1.48

0.38

0.41

-0.03

मोठ बीन

9.69

9.23

9.19

0.04

एफ

अन्य दलहन

3.07

3.53

4.07

-0.53

3

श्री अन्न सह मोटे अनाज

182.63

181.39

182.48

-1.09

ज्वार

14.44

13.58

12.61

0.97

बी

बाजरा

70.94

64.86

62.87

1.99

सी

रागी

12.01

7.60

8.77

-1.17

डी

छोटे बाजरा

4.47

4.26

4.15

0.11

मक्का

80.77

91.09

94.08

-2.99

4

कुल तिलहन

200.08

191.99

193.06

-1.07

मूंगफली

46.79

49.61

50.44

-0.83

बी

सोयाबीन

128.71

121.82

122.98

-1.16

सी

सूरजमुखी

1.20

1.25

0.64

0.61

डी

तिल

12.88

10.94

9.50

1.44

रामतिल

1.01

0.46

0.41

0.05

एफ

अरंडी

9.49

7.79

9.02

-1.23

जी

अन्य तिलहन

 

0.12

0.07

0.04

5

गन्ना

54.20

58.47

58.87

-0.40

6

कुल जूट और मेस्ता

6.39

6.34

6.24

0.10

जूट

6.03

6.13

6.03

0.11

बी

मेस्‍ता

0.37

0.21

0.21

0.00

7

कपास

125.51

109.17

109.87

-0.69

 

कुल योग

1104.46

1086.31

1104.00

-17.69

धान: पिछले वर्ष की समान अवधि के 438.19 लाख हेक्टेयर की तुलना में लगभग 421.82 लाख हेक्टेयर में धान की बुआई दर्ज की गई है, जो 16.37 लाख हेक्टेयर की कमी दर्शाती है। बुआई रकबे में प्रमुख कमी कर्नाटक (4.28 लाख हेक्टेयर), तेलंगाना (3.61 लाख हेक्टेयर), उत्तर प्रदेश (1.84 लाख हेक्टेयर), आंध्र प्रदेश (1.91 लाख हेक्टेयर), मध्य प्रदेश (1.75 लाख हेक्टेयर), तमिलनाडु (1.32 लाख हेक्टेयर), झारखंड (1.38 लाख हेक्टेयर), महाराष्ट्र (1.15 लाख हेक्टेयर) आदि राज्‍यों से दर्ज की गई है। वहीं, असम (0.52 लाख हेक्टेयर), ओडिशा (0.29 लाख हेक्टेयर) आदि राज्‍यों में अधिक बुआई दर्ज की गई है। कुल मिलाकर, धान के रकबे में कमी मुख्य रूप से कर्नाटक, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड, तमिलनाडु और महाराष्ट्र में हुई बड़ी गिरावट के कारण है।

 

दलहन: पिछले वर्ष की समान अवधि के 115.30 लाख हेक्टेयर की तुलना में लगभग 117.13 लाख हेक्टेयर में दलहन की बुआई दर्ज की गई है, जो 1.84 लाख हेक्टेयर की वृद्धि दर्शाती है। बुआई रकबे में मुख्‍य बढ़ोतरी उत्तर प्रदेश (3.97 लाख हेक्टेयर), झारखंड (0.98 लाख हेक्टेयर), तेलंगाना (0.90 लाख हेक्टेयर), राजस्थान (0.57 लाख हेक्टेयर), मध्य प्रदेश (0.38 लाख हेक्टेयर) आदि राज्‍यों में दर्ज की गई है। दूसरी ओर, महाराष्ट्र (2.60 लाख हेक्टेयर), कर्नाटक (2.07 लाख हेक्टेयर), ओडिशा (0.61 लाख हेक्टेयर) आदि राज्‍यों में बुआई रकबे में कमी दर्ज की गई है। कुल मिलाकर, दलहनों के रकबे में वृद्धि मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, राजस्थान और मध्य प्रदेश में हुई उल्लेखनीय वृद्धि के कारण है, जिसने महाराष्ट्र, कर्नाटक और ओडिशा में दर्ज की गई गिरावट की भरपाई कर दी है।

श्री अन्न एवं मोटे अनाज: श्री अन्न एवं मोटे अनाज के अंतर्गत लगभग 181.39 लाख हेक्टेयर क्षेत्र का कवरेज दर्ज किया गया है, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में यह 182.48 लाख हेक्टेयर था, जो 1.09 लाख हेक्टेयर की कमी दर्शाता है। कर्नाटक (5.64 लाख हेक्टेयर), महाराष्ट्र (2.41 लाख हेक्टेयर), आंध्र प्रदेश (0.62 लाख हेक्टेयर), तमिलनाडु (0.24 लाख हेक्टेयर) आदि में क्षेत्रफल में भारी कमी दर्ज की गई है। वहीं, राजस्थान (2.90 लाख हेक्टेयर), छत्तीसगढ़ (1.69 लाख हेक्टेयर), ओडिशा (0.85 लाख हेक्टेयर), मध्य प्रदेश (0.80 लाख हेक्टेयर), बिहार (0.72 लाख हेक्टेयर), उत्तर प्रदेश (0.63 लाख हेक्टेयर), झारखंड (0.41 लाख हेक्टेयर), उत्तराखंड (0.38 लाख हेक्टेयर) आदि राज्‍यों में क्षेत्रफल में वृद्धि दर्ज की गई है। कुल मिलाकर, क्षेत्रफल में गिरावट मुख्य रूप से कर्नाटक और महाराष्ट्र में हुई भारी कमी के साथ-साथ आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में हुई गिरावट के कारण है, जिसने राजस्थान, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और उत्तराखंड में दर्ज की गई वृद्धि को काफी हद तक बेअसर कर दिया है।

 

तिलहन: पिछले वर्ष की समान अवधि के 193.06 लाख हेक्टेयर की तुलना में लगभग 191.99 लाख हेक्टेयर में तिलहन की बुआई दर्ज की गई है, जो कि 1.07 लाख हेक्टेयर की कमी दर्शाती है। बुआई रकबे में प्रमुख कमी राजस्थान (2.23 लाख हेक्टेयर), गुजरात (1.93 लाख हेक्टेयर), कर्नाटक (0.37 लाख हेक्टेयर) आदि राज्‍यों में दर्ज की गई है। उत्तर प्रदेश (2.91 लाख हेक्टेयर), मध्य प्रदेश (1.14 लाख हेक्टेयर) आदि राज्‍यों में अधिक बुआई रकबा दर्ज किया गया है। कुल मिलाकर, तिलहन रकबे में गिरावट मुख्य रूप से राजस्थान और गुजरात में हुई भारी कमी के कारण है, जिसने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में दर्ज की गई वृद्धि को काफी हद तक बेअसर कर दिया है।

 

गन्ना: गन्ने की खेती का क्षेत्रफल पिछले वर्ष की इसी अवधि के 58.87 लाख हेक्टेयर की तुलना में लगभग 58.47 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जो 0.40 लाख हेक्टेयर की कमी दर्शाता है। क्षेत्रफल में सबसे अधिक कमी बिहार (0.30 लाख हेक्टेयर), उत्तराखंड (0.20 लाख हेक्टेयर) आदि राज्‍यों में दर्ज की गई है। उत्तर प्रदेश (0.36 लाख हेक्टेयर), हरियाणा (0.21 लाख हेक्टेयर) आदि राज्‍यों में अधिक क्षेत्रफल दर्ज किया गया है। कुल मिलाकर, गन्ने के क्षेत्रफल में गिरावट मुख्य रूप से बिहार और उत्तराखंड में हुई भारी कमी के कारण है, जिसने उत्तर प्रदेश और हरियाणा में दर्ज की गई वृद्धि को काफी हद तक बेअसर कर दिया है।

 

 

जूट एवं मेस्ता: पिछले वर्ष की इसी अवधि के 6.24 लाख हेक्टेयर की तुलना में इस वर्ष लगभग 6.34 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में जूट एवं मेस्ता की खेती की गई है, जो 0.10 लाख हेक्टेयर की वृद्धि दर्शाती है। क्षेत्रफल में सबसे अधिक वृद्धि बिहार (0.11 लाख हेक्टेयर), पश्चिम बंगाल (0.06 लाख हेक्टेयर) आदि राज्‍यों में दर्ज की गई है। वहीं, असम (0.07 लाख हेक्टेयर), आंध्र प्रदेश (0.01 लाख हेक्टेयर) आदि राज्‍यों में क्षेत्रफल में कमी दर्ज की गई है। कुल मिलाकर, जूट एवं मेस्ता क्षेत्र में वृद्धि मुख्य रूप से बिहार और पश्चिम बंगाल में अधिक रकबे की खेती के कारण हुई है, जिसने असम और आंध्र प्रदेश में दर्ज की गई कमी की भरपाई कर दी है।

कपास: कपास की खेती का क्षेत्रफल पिछले वर्ष की इसी अवधि के 109.87 लाख हेक्टेयर की तुलना में लगभग 109.17 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जो 0.69 लाख हेक्टेयर की कमी दर्शाता है। क्षेत्रफल में सबसे अधिक कमी राजस्थान (1.05 लाख हेक्टेयर), हरियाणा (0.90 लाख हेक्टेयर), पंजाब (0.43 लाख हेक्टेयर) आदि राज्‍यों में दर्ज की गई है। दूसरी ओर, तेलंगाना (1.14 लाख हेक्टेयर), गुजरात (0.66 लाख हेक्टेयर) आदि राज्‍यों में कपास की खेती का क्षेत्रफल अधिक रहा है। कुल मिलाकर, कपास की खेती के क्षेत्रफल में गिरावट मुख्य रूप से राजस्थान और हरियाणा में हुई भारी कमी के कारण है, जिसके बाद पंजाब में गिरावट आई है, जिसने तेलंगाना और गुजरात में दर्ज की गई वृद्धि को काफी हद तक बेअसर कर दिया है।

 

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पीके/केसी/आईएम/एसएस


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