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इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय
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एसटीपीआई ने आईआईआईटी-दिल्ली में इलेक्ट्रोप्रेन्योर समिट 2026 का आयोजन किया


ओपन चैलेंज प्रोग्राम की शुरूआत, इलेक्ट्रॉनिक्स नवाचार और उद्यमिता के लिए समर्थन बढ़ाने के मकसद से स्पोक सेंटर्स और निवेशकों के साथ समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया गया

प्रविष्टि तिथि: 08 SEP 2026 6:52PM by PIB Delhi

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत एक प्रमुख एसएंडटी संगठन, सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) ने आईआईआईटी-दिल्ली में एसटीपीआई इलेक्ट्रोप्रेन्योर समिट 2026 का आयोजन किया। इस सम्मेलन में सरकारी प्रतिनिधि, अकादमिक क्षेत्र के दिग्गजों और उद्योग जगत के बड़े नामों ने भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिज़ाइन और मैन्युफैक्चरिंग (ईएसडीएम) के दायरे को बढ़ाने पर चर्चा की।

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इस कार्यक्रम की एक खास बात एसटीपीआई इलेक्ट्रोप्रेन्योर पार्क के ओपन चैलेंज प्रोग्राम की शुरुआत रही। इस कार्यक्रम का मकसद ईएसडीएम क्षेत्र में नए तकनीकी समाधानों और स्टार्टअप्स की पहचान करना और उन्हें समर्थन करना है। इस मौके पर, इलेक्ट्रोप्रेन्योर व्यवस्था के दायरे को बढ़ाने और आपसी सहयोग को मज़बूत करने के लिए AIC STPINEXT INITIATIVES और स्पोक सेंटर्स (चंडीगढ़, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में फैले 11 पार्टनर संस्थान) के साथ-साथ निवेशकों (इंडियन एंजेल नेटवर्क सर्विसेज़ प्राइवेट लिमिटेड (IAN) और सोलारा VC) के बीच समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। ईपी 2.0 स्पोक सेंटर्स, जो ईएसडीएम इनक्यूबेशन तक पहुंच को आसान बनाएंगे और पूरे क्षेत्र के निवेशकों को इनक्यूबेशन, मेंटरिंग, ढ़ांचागत और व्यवस्थागत समर्थन पाने में मदद करेंगे, उनमें ACIC RISE, एसोसिएशन चंडीगढ़, इंजीनियरिंग कॉलेज, सीईसी लैंड्रन, NSUT इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन फाउंडेशन (NSUT-IIF), केआर मंगलम इनक्यूबेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप सेंटर (केईआईसी फाउंडेशन), मानव रचना यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद, आईआईटी मंडी कैटलिस्ट, न्यूजेन आईईडीसीबिज़नेस एंड इनोवेशन सेंटर, यूनिवर्सिटी ऑफ़ कश्मीर, एमएनआईटी इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेंटर (एमआईआईसी), एमएनआईटी जयपुर, एकेजीईसी कौशल फाउंडेशन, शारदा लॉन्चपैड फेडरेशन, शारदा यूनिवर्सिटी, ग्रेटर नोएडा, स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी, देहरादून, यूपीईएस काउंसिल फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (यूसीआईसी) और रनवे इनक्यूबेटर शामिल हैं।

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एसटीपीआई-नोएडा की निदेशक श्रीमती वंदना श्रीवास्तव के स्वागत भाषण के बाद, कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलित करके की गई। व्यवस्था के प्रमुख अग्रणी ने शुरुआती भाषण दिए, जिनमें साइबरमीडिया के सीएमडी श्री प्रदीप गुप्ता, आईईएसए और एसईएमआई इंडिया के प्रेसिडेंट श्री अशोक चंडक और आईआईआईटी-दिल्ली के निदेशक प्रो. संदीप सेन शामिल थे।

कार्यक्रम में विशेष संबोधन देते हुए, एमईआईटीवाई के संयुक्त सचिव श्री के.के. सिंह ने भारत की ईएसडीएम प्रणाली को आगे बढ़ाने में नवाचार और उद्यमिता के महत्व पर ज़ोर दिया और इस क्षेत्र में विकास को बढ़ावा देने के लिए मंत्रालय द्वारा की जा रही पहलों के बारे में बात की। उन्होंने कहा, "भारत की तकनीकी यात्रा एक अहम अगले चरण में प्रवेश कर रही है, जिसमें सॉफ्टवेयर में हमारी साबित हो चुके वैश्विक नेतृत्व को इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिज़ाइन और मैन्युफैक्चरिंग (ईएसडीएम) और सेमीकंडक्टर की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ने के प्रयासों के साथ जोड़ा जा रहा है। ईपी 1.0 ने एक मज़बूत नींव रखी, जिसमें 59 स्टार्टअप्स को बढ़ावा दिया गया, 66 पेटेंट फाइल किए गए और ₹640 करोड़ से ज़्यादा की स्टार्टअप वैल्यूएशन बनाई गई। ईपी 2.0 के साथ, हम 500 स्टार्टअप्स के लक्ष्य के साथ अपनी महत्वाकांक्षाओं को बढ़ा रहे हैं और टियर-II और टियर-III शहरों में गहराई तक विस्तार कर रहे हैं, ताकि देश के हर कोने से प्रतिभाएं इस विकास में भाग ले सके। सफलता का हमारा असली पैमाना इस अपार प्रतिभा को व्यावसायिक बौद्धिक संपदा और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी उत्पादों में बदलना होगा।"

एसटीपीआई के महानिदेशक श्री अरविंद कुमार ने अपने खास संबोधन में एसटीपीआई इलेक्ट्रोप्रेन्योर सम्मेलन के मकसद और भारत के तकनीक और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में आए बड़े बदलावों के साथ-साथ डीप टेक, एआई और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिज़ाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग (ईएसडीएम) में अन्वेषकों के लिए बढ़ते मौकों पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा, "आज भारत में तकनीक के लिए एक रोमांचक समय है। पहले हमारी प्रतिभा मुख्य रूप से सॉफ्टवेयर सर्विस पर केंद्रित थी, जिससे $200 बिलियन से ज़्यादा का निर्यात उद्योग बना, जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण पीछे रह गया। लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल गए हैं। पिछले दशक में, देश का इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन सात गुना बढ़कर ₹2 लाख करोड़ से कम से ₹13 लाख करोड़ से ज़्यादा हो गया, जबकि निर्यात 11 गुना बढ़कर ₹4.24 लाख करोड़ हो गया। इलेक्ट्रोप्रेन्योर पार्क के बारे में बात करते हुए, उन्होंने इसके सफर और ईपी 1.0 के ज़रिए हासिल हुई तरक्की पर रोशनी डाली, जिसमें 129 उत्पाद, 27 ट्रेडमार्क, 66 पेटेंट फाइलिंग और कुल ₹150 करोड़ का राजस्व हासिल हुआ। अब, इलेक्ट्रोप्रेन्योर पार्क 2.0 के साथ, हम इस दृष्टिकोण को अगले स्तर पर ले जा रहे हैं, जिसमें 500 स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाने से लेकर पूरे उत्तर भारत में एक मज़बूत और आपस में जुड़े ईएसडीएम नवाचार व्यवस्था बनाने तक का सफर शामिल होगा। इसके अलावा, सरकार की कई दूसरी पहलों, जैसे इंडिया एआई मिशन के ज़रिए जीपीयू एक्सेस और आईएसएम 2.0 योजना के तहत ₹1.275 लाख करोड़ की मदद से, युवा अन्वेषकों के लिए हार्डवेयर बनाने, प्रोडक्ट डिज़ाइन करने और ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में आगे बढ़त लेने का यह सही समय है।"

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दोपहर के कार्यक्रम में मंत्रालय के आरएंडडी इलेक्ट्रॉनिक्स डिवीज़न के सलाहकार श्री एस.के. मारवाह का तकनीकी भाषण हुआ। इसने "ब्रिजिंग द गैप: एक्सेलेरेटिंग ESDM इनोवेशन थ्रू गवर्नमेंट-एकेडेमिया-इंडस्ट्री सिनर्जीज़" विषय पर पैनल चर्चा का आधार तैयार किया। इस चर्चा का संचालन आईआईआईटी-दिल्ली के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अनुज ग्रोवर ने किया और इसमें अन्य पैनलिस्ट के तौर पर SRHU-देहरादून के HCIE के निदेशक डॉ. अमजद हुसैन, ELCINA के महासचिव श्री राजू गोयल और मंत्रालय के आरएंडडी इलेक्ट्रॉनिक्स डिवीज़न के सलाहकार श्री एस.के. मारवाह शामिल हुए।

एसटीपीआई इलेक्ट्रोप्रेन्योर सम्मेलन, एसटीपीआई की एक प्रमुख पहल है, जो इलेक्ट्रोप्रेन्योर, अन्वेषकों, स्टार्टअप्स, इंडस्ट्री लीडर्स, निवेशकों, शिक्षाविदों और नीति-निर्माताओं को एक साथ लाती है। इसका मकसद विचारों का आदान-प्रदान करना, साझेदारी करना, नए मौकों को खोजना और भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स और डीप-टेक इनोवेशन के भविष्य को आकार देना है। इलेक्ट्रोप्रेन्योर वह उद्यमी है, जो खास तौर पर इलेक्ट्रॉनिक्स और हार्डवेयर-आधारित तकनीक क्षेत्र में व्यापार शुरू करता है, उसे विकसित करता है और उसका विस्तार करता है।

सम्मेलन के दौरान, एसटीपीआई इलेक्ट्रोप्रेन्योर पार्क के लिए ओपन चैलेंज प्रोग्राम (ओसीपी) की शुरूआत की गई। साथ ही, 11 स्पोक सेंटर्स और निवेशक (जिनमें इंडियन एंजेल नेटवर्क सर्विसेज़ प्राइवेट लिमिटेड (आईएएन) और सोलारा VC शामिल हैं) के साथ एमओयू का आदान-प्रदान भी किया गया।

एसटीपीआई इलेक्ट्रोप्रेन्योर पार्क सीओई, नई दिल्ली के स्पोक सेंटर, चंडीगढ़, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में फैले साझेदार संस्थान हैं। ये केंद्र इलेक्ट्रोप्रेन्योर पार्क की पहुंच बढ़ाने में मदद करेंगे और अपने-अपने क्षेत्रों में अन्वेषकों और स्टार्टअप्स को इनक्यूबेशन सपोर्ट, मेंटरशिप, इंफ्रास्ट्रक्चर और इकोसिस्टम तक पहुंच उपलब्ध कराएंगे।

एसटीपीआई के बारे में:

सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत एक प्रमुख एसएंडटी संगठन है। यह संगठन गेमिंग, फिनटेक, एग्रीटेक, मेडटेक, ऑटोनॉमस कनेक्टेड इलेक्ट्रिक एंड शेयर्ड (ACES) मोबिलिटी, ईएसडीएम, साइबर सिक्योरिटी, उद्योग 4.0, ड्रोन, दक्षता बढ़ाना आदि जैसे विभिन्न क्षेत्रों के लिए आईओटी, ब्लॉकचेन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग (एमएल), कंप्यूटर विजन, रोबोटिक्स, रोबोटिक्स प्रोसेस ऑटोमेशन (आरपीए), ऑग्मेंटेड और वर्चुअल रियलिटी, एनिमेशन और विजुअल इफेक्ट, डेटा साइंस और एनालिटिक्स जैसी उभरती हुई तकनीकों के क्षेत्र में आईटी/आईटीईएस इंडस्ट्री, इनोवेशन, आरएंडडी, स्टार्टअप्स और उत्पाद/आईपी निर्माण को बढ़ावा देने का काम करता है।

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पीके/केसी/एनएस/डीए


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