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कचरा बीनने से लेकर आर्थिक सुरक्षा तक: पोन्नुरु संजीवुलु की बेहतर भविष्य की ओर यात्रा

प्रविष्टि तिथि: 17 SEP 2026 5:42PM by PIB Delhi

श्री पोन्नुरु संजीवुलु ने लगभग दो दशकों तक गुंटूर में कचरा बीनने का काम किया। इस काम से होने वाली सीमित आय के कारण उनके लिए अपने परिवार की बुनियादी ज़रूरतों को पूरा करना भी कठिन था। स्वच्छता उद्यमी योजना के तहत समय पर मिली वित्तीय सहायता ने उन्हें अपनी आजीविका सुदृढ़ करने, आय बढ़ाने तथा अपने बच्चों के लिए बेहतर शैक्षिक अवसर सुनिश्चित करने में सक्षम बनाया है।

अनुसूचित जनजाति समुदाय के 34 वर्षीय सदस्य श्री संजीवुलु को नवजीवन संगठन के माध्यम से स्वच्छता उद्यमी योजना के तहत दो सदस्यीय समूह परियोजना के लिए सहायता प्राप्त हुई। इस सहायता से उनकी मासिक आय लगभग 8,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो गई। इससे वे अपने बच्चों को अंग्रेजी माध्यम के निजी स्कूल में शिक्षा दिलाने और अपने परिवार के जीवन स्तर में सुधार करने में सक्षम हुए।

श्री संजीवुलु पिछले 19 वर्षों से गुंटूर नगर निगम में कूड़ा बीनने का काम कर रहे हैं। वे सप्ताह में छह दिन काम करते हैं और प्रतिदिन लगभग 150 से 200 रुपये कमाते हैं। अत्यंत गरीब परिवार में जन्मे संजीवुलु ने छोटी उम्र में ही स्कूल जाने के बजाय अपने माता-पिता के साथ कूड़ा बीनने का काम शुरू कर दिया था। परिणामस्वरूप, वे निरक्षर रह गए।

कम और अनिश्चित आय के कारण उन्हें घरेलू खर्चों को पूरा करने तथा अपने बच्चों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में कठिनाई होती थी। उनका परिवार एक शहरी झुग्गी-बस्ती में रहता था, जहां बुनियादी सुविधाओं और आवश्यक सेवाओं तक पहुंच सीमित थी। अनुसूचित जनजाति समुदाय के सदस्य होने के कारण उन्हें सामाजिक भेदभाव, बहिष्कार और सामाजिक-आर्थिक उन्नति के सीमित अवसरों का भी सामना करना पड़ा।

इन कठिनाइयों के बावजूद, श्री संजीवुलु आर्थिक स्थिरता प्राप्त करने, भविष्य की जरूरतों के लिए बचत करने तथा अपने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत रहे, जिससे वे स्वयं वंचित रह गए थे। उनकी पत्नी गृहिणी हैं और परिवार मुख्य रूप से कचरा बीनने के काम से होने वाली उनकी आय पर निर्भर था।

राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम की स्वच्छता उद्यमी योजना के तहत अग्रिम पूंजीगत सब्सिडी के रूप में वित्तीय सहायता 19 जून 2023 को नवजीवन संगठन के माध्यम से श्री संजीवुलु को प्रदान की गई। दो सदस्यीय समूह परियोजना की कुल लागत 16,99,952 रुपए थी, जिसमें 10,24,964 रुपए का ऋण और 6,74,988 रुपए की पूंजीगत सब्सिडी शामिल थी।

इस वित्तीय सहायता से श्री संजीवुलु अपनी आजीविका के अवसरों को बढ़ाने और हर महीने लगभग 10,000 रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित करने में सक्षम हुए। परिणामस्वरूप, उनकी कुल मासिक आय लगभग 8,000 रुपये से बढ़कर लगभग 18,000 रुपये हो गई। आय में हुई इस बढ़ोतरी से परिवार के लिए घरेलू खर्चों को पूरा करना, बचत करना और भविष्य की योजना बनाना आसान हो गया है।

वर्तमान में  श्री संजीवुलु अपने बच्चों को निजी स्कूल में अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा दिलाने तथा अपने परिवार के लिए बेहतर जीवन स्तर सुनिश्चित करने में सक्षम हैं। इस पहल (सहायता) ने उनकी आर्थिक सुरक्षा, गरिमा और आत्मविश्वास को मजबूत किया है तथा उन्हें अधिक स्थिर और समृद्ध भविष्य की ओर आगे बढ़ने में सहायता प्रदान की है।

मिली मदद और सहयोग पर टिप्पणी करते हुए श्री संजीवुलु ने कहा, "योजना के तहत मिली सहायता ने मेरी आय में वृद्धि की है और मेरे परिवार के रहन-सहन की स्थिति में सुधार किया है। अब मैं अपने बच्चों को अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा दे सकता हूं और उनके भविष्य के लिए बचत कर सकता हूं। इस सहायता से मुझे बेहतर जीवन के लिए आत्मविश्वास और आशा मिली है।"

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पीके/केसी/आईएम/एसके


(रिलीज़ आईडी: 2311609) आगंतुक पटल : 43
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