संचार मंत्रालय
उपग्रह संचार सेवाओं के लिए देश में नियामक ढांचा निष्पक्ष और भेदभाव रहित है
प्रविष्टि तिथि:
08 OCT 2026 9:19AM by PIB Delhi
देश में उपग्रह संचार सेवाओं के लिए लागू नियामक ढांचे की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए और इसे भेदभावपूर्ण तरीके से लागू करने का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है। सरकार ने उपग्रह संचार सेवाओं सहित सभी दूरसंचार सेवाओं के लिए एक निष्पक्ष और भेदभाव रहित प्राधिकरण ढांचा लागू किया है। इसके अंतर्गत, भारत में उपग्रह संचार सेवाओं के प्रावधान को कारगर बनाने की अपनी प्रतिबद्धता के तहत, गैर-भूस्थिर उपग्रह कक्षा आधारित उपग्रह संचार के माध्यम से सैटेलाइट आधारित ग्लोबल मोबाइल पर्सनल कम्युनिकेशन सेवाओं के लिए तीन दूरसंचार लाइसेंस प्रदान किए गए हैं। लाइसेंस की शर्तों के अनुसार, प्रत्येक लाइसेंसधारी के लिए सुरक्षा शर्तों का अनुपालन आवश्यक है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदान की गई सेवाएं सभी उपयोगकर्ताओं और उनके डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करती हैं। इस प्रक्रिया के अंतर्गत तीनों लाइसेंसधारियों के लिए वर्तमान में सुरक्षा मूल्यांकन चल रहा है। किसी लाइसेंस प्राप्त इकाई के लिए यह प्रक्रिया पूरी होने पर, वह स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए आवेदन कर सकती है। वर्तमान में, तीनों इकाइयां लगभग एक ही नियामक चरण में हैं। इसलिए, इस ढांचे को या इसके अनुप्रयोग को अनुचित या भेदभावपूर्ण बताना निराधार और भ्रामक है।
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पीके/केसी/आरटी/बीयू/वाईबी
(रिलीज़ आईडी: 2320526)
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