पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय
भारत की हली मैरीटाइम एनबीएफसी एसएमएफसीएल का विस्तार, 5,107 करोड़ रूपये वितरित, 2031 तक 60,205 करोड़ रूपये का लक्ष्य
सर्बानंद सोनोवाल ने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी केमैरीटाइम अमृत काल विजन 2047 के तहत भारत के मैरीटाइम प्रगति को रफ्तार देने में एसएमएफसीएल की भूमिका अहम
मैरीटाइम डेवलपमेंट फंड (एमडीएफ) 5000 करोड़ रूपये के अपने पहले क्लोज की ओर तेजी से बढ़ रहा आगे
प्रविष्टि तिथि:
23 OCT 2026 8:48PM by PIB Delhi
केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग (एमओपीएसडब्लू) मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने आज नई दिल्ली में इंस्टीट्यूट फॉर स्टडीज इन इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट (आईएसआईडी) में सागरमाला फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एसएमएफसीएल) के कॉर्पोरेट कार्यालय का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने भारत की इस पहली समर्पित मैरीटाइम नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (एनबीएफसी) को एक स्थायी ठिकाना प्रदान किया।
यह नया कार्यालय तेजी से प्रगति कर रहे समय में खुला है। 30 सितंबर, 2026 तक एसएमएफसीएल ने 11,563 करोड़ रूपये की फाइनेंसिंग को मंजूरी दे दी है और 5,107 करोड़ रूपये का वितरण कर चुका है, जिसमें स्वीकृत राशि का आधे से अधिक हिस्सा परियोजनाओं के आगे बढ़ने के साथ निकाला जाना बाकी है।
इस कॉर्पोरेशन की योजना भविष्य को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। इसका लक्ष्य वित्त वर्ष 2031 के अंत तक क्युमुलेटिव वितरण को 60,205 करोड़ रूपये तक पहुँचाना है, जो आरबीआई के मानदंडों और अपने डेबिट-टू-इक्विटी अनुपात के अनुसार विस्तार करने के लिए इक्विटी समर्थन पर निर्भर करता है।
सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, "मैरीटाइम सेक्टर में भारत की पहली समर्पित एनबीएफसी के रूप में एसएमएफसीएल बंदरगाह-आधारित विकास के लिए दीर्घकालिक वित्त जुटाने, जहाज निर्माण और तटीय कनेक्टिविटी को बढ़ाने तथा हमारी समुद्री अर्थव्यवस्था के समग्र विकास को गति देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2047 तक दुनिया का एक अग्रणी समुद्री राष्ट्र बनने के विज़न को साकार करने की दिशा में भारत की समुद्री प्रगति को गति देने में इसकी एक अहम भूमिका है।"
मैरीटाइम डेवलपमेंट फंड (एमडीएफ), जिसके दो घटक हैं, वह भी आकार ले रहा है। इसके एमआईएफ घटक के लिए, एसबीआई वेंचर्स लिमिटेड को आधिकारिक फंड मैनेजर नियुक्त किया गया है। नवंबर के अंत तक सेबी के पास वैकल्पिक निवेश कोष के रूप में पंजीकरण पूरा होने की उम्मीद है, और जनवरी 2027 तक 5,000 करोड़ रूपये के पहले क्लोज का लक्ष्य है।
इंटरेस्ट इंसेंटिवाइजेशन फंड (आईआईएफ) पहले से ही परिणाम दे रहा है। इसका ऑनलाइन पोर्टल www.iifmdf.in लाइव है, और अब तक 4,500 करोड़ रूपये के ऋणों को समर्थन दिया जा चुका है। उधारकर्ताओं द्वारा चुकाए गए ब्याज के एवज में लगभग 25 करोड़ रूपये की ब्याज छूट जारी की जा चुकी है।
सोनोवाल ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के परिवर्तनकारी 'मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047' के तहत, भारत एक मजबूत, अधिक आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी मैरीटाइम सेक्टर का निर्माण कर रहा है।"
एसएमएफसीएल द्वारा चलाई जाने वाली योजनाएं अब किसी मैरीटाइम प्रोजेक्ट को उसके पहले विचार से लेकर अंतिम ऋण तक कवर करती हैं। मैरीटाइम इन्वेस्टमेंट फंड में भारत सरकार का योगदान 9,800 करोड़ रूपये तक एसएमएफसीएल के माध्यम से दिया जाता है, जबकि फंड मैनेजर के रूप में चुनी गई एसबीआई वेंचर्स इस फंड को पेशेवर प्रबंधन प्रदान करती है।
इंटरेस्ट इंसेंटिवाइजेशन फंड पात्र शिपयार्डों के लिए कर्ज की लागत को आसान बनाता है; जिसमें एसएमएफसीएल इंसेंटिव की गणना करता है, आवेदन एवं दावा पोर्टल का संचालन करता है, और ब्याज सहायता जारी करता है। शिपबिल्डिंग डेवलपमेंट स्कीम के तहत, क्रेडिट रिस्क कवर कॉर्पस का प्रबंधन केंद्रीय स्तर पर किया जाता है और यह प्रीमियम व दावों की समीक्षा से समर्थित होता है, जिससे शिपयार्डों और ऋणदाताओं को भुगतान जोखिम के खिलाफ एक सुरक्षा कवच मिलता है।
एसएमएफसीएल का अपना ऋण ढांचा बंदरगाहों, रेल व सड़क संपर्कों, अंतर्देशीय जलमार्गों, तटीय बुनियादी ढांचे, पोर्ट-हिंटरलैंड लॉजिस्टिक्स, जहाज निर्माण और जहाज मरम्मत से जुड़ी परियोजनाओं का मूल्यांकन, स्वीकृति और निगरानी करता है। यह सागरमाला और राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर (एनएमएचसी) के फंड को जारी करने और उनके उपयोग की भी देखरेख करता है, ताकि पैसा सीधे परियोजनाओं तक पहुंचे और खर्च होने तक उसकी ट्रैकिंग की जा सके।


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पीके/केसी/आरटी/एसके/ डीए
(रिलीज़ आईडी: 2327745)
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