प्रधानमंत्री कार्यालय
azadi ka amrit mahotsav

प्रधानमंत्री ने आस्था के महत्त्व को रेखांकित करने वाले संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया

प्रविष्टि तिथि: 29 OCT 2026 10:59AM by PIB Delhi

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया। इस सुभाषितम् का तात्‍पर्य है कि व्यक्ति की आस्था उसके अंतर्निहित स्वभाव को प्रतिबिंबित करने के साथ-साथ उसके व्यक्तित्व के निर्माण में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

सत्त्वानुरूपा सर्वस्य श्रद्धा भवति भारत।

श्रद्धामयोऽयं पुरुषो यो यच्छ्रद्धः स एव सः॥

सुभाषितम् का अर्थ है कि हर व्यक्ति की श्रद्धा उसके स्वभाव के अनुरूप होती है और वह जैसी श्रद्धा रखता है उसके व्‍यक्तित्‍व का निर्माण वैसे ही हो जाता है।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर पोस्ट किया:

सत्त्वानुरूपा सर्वस्य श्रद्धा भवति भारत।

श्रद्धामयोऽयं पुरुषो यो यच्छ्रद्धः स एव सः॥

********

पीके/केसी/आरटी/एसएस/वाईबी


(रिलीज़ आईडी: 2329884) आगंतुक पटल : 205
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu , Marathi , Manipuri , Bengali , Bengali-TR , Assamese , Punjabi , Gujarati , Tamil , Telugu , Kannada , Malayalam