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VBSY 18 #: विकसित भारत संकल्प यात्रा: कहानी अर्चना पवार के जीवन में आए क्रांतिकारी बदलाव की
Posted On:
12 JAN 2024 4:41PM
राष्ट्र-निर्माण की प्रक्रिया में, नागरिकों का आर्थिक सशक्तिकरण ही प्रगति की आधारशिला है। भारत सरकार ने विकास के इस मूल मंत्र को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) की शुरुआत की, जो देश भर में लाखों लोगों को कौशल और उन्नयन दृष्टि से सशक्त बनाने के लिए एक परिवर्तनकारी पहल है।
देश में कौशल विकास को प्रोत्साहित करने और बढ़ावा देने के लिए 2015 में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) शुरू की गई थी। इस योजना के तहत प्रशिक्षुओं को कम अवधि वाले कौशल प्रशिक्षण निःशुल्क तौर पर प्रदान किए जाते हैं, साथ ही युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए कौशल प्रमाणन के एवज में मौद्रिक पुरस्कार भी दिए जाते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य, उद्योग को कुशल कार्यबल से जोड़कर आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है। पीएमकेवीवाई योजना के तहत 30 जून 2023 तक एक करोड़ 38 लाख से अधिक उम्मीदवारों को प्रशिक्षित/उन्मुख किया गया है।
लाभार्थी अर्चना पवार की कहानी
मुंबई, महाराष्ट्र की लाभार्थी अर्चना पवार ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना से जुड़े अपने परिवर्तनकारी अनुभवों के बारे में साझा की। विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान मीडिया से बात करते हुए अर्चना पवार ने कहा कि पीएमकेवीवाई के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्हें आजादी से जीवन जीने में बहुत मदद मिली है। अर्चना ने बताया कि उद्यमिता के जुनून और आर्थिक बाधाओं से पार पाने की इच्छा से प्रेरित होकर, उन्होंने पीएमकेवीवाई द्वारा संचालित एक कौशल विकास कार्यक्रम में दाखिला लिया और गाड़ी चलाना सीखीं।
पीएमकेवीवाई के तहत वाहन चलाने की प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अर्चना पवार ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत ऋण लेकर एक दुपहिया और एक चारपहिया वाहन खरीदीं । भारत सरकार की इन दोनों योजनाओं ने अर्चना पवार के मोटर ड्राइविंग स्कूल संचालित करने के सपने को साकार कर मानो उन्हें जीवन में ऊच्ची उड़ान भरने के लिए पंख लगा दिए। लेकिन कहानी यहीं ख़त्म नहीं होती!
सशक्तिकरण की कहानी
अर्चना को अपना मोटर ड्राइविंग स्कूल संचालित करने से लैंगिक रूढ़िवादिता से मुक्त होने और एक नए क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिला। अर्चना पवार ने अन्य महिलाओं को प्रशिक्षण देना शुरू किया और उनमें सामाजिक मानदंडों को चुनौती देने के लिए आत्मविश्वास और क्षमता प्रदान की । उनके द्वारा प्रशिक्षित कई महिलाओं ने खाद्य वितरण एजेंसियों के साथ काम करना भी शुरू कर दिया है। रोजगार मिलने से, इन महिलाओं को भी आर्थिक आजादी मिली है। आर्थिक रूप से सशक्त अब ये महिलाएं अपनी शर्तों पर ज़िंदगी जी रही हैं। यह कहना अनुचित नहीं होगा कि अर्चना का ड्राइविंग स्कूल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का प्रतीक बन गया है।
पीएमकेवीवाई का प्रभाव सिर्फ इन महिलाओं तक ही सीमित नहीं है। जब एक महिला सशक्त बनती है तब पूरे समाज में बदलाव आता है, और जैसे-जैसे यह आगे बढ़ता है, समाज में सशक्तिकरण और विकास के नए कीर्तिमान स्थापित होने लगते हैं। जैसे-जैसे महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होती हैं, वैसे-वैसे परिवार फलने-फूलने लगता है, बच्चे फलने-फूलने लगते हैं, समुदाय समृद्ध होने लगता है और लैंगिक रूढ़िवादिता ख़त्म होती है। यह क्रांतिकारी प्रभाव एक मजबूत राष्ट्र की नींव रखता है, जो भारत के लिए एक अधिक न्यायसंगत और जीवंत भविष्य का चित्रण करता है।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) जैसी सरकारी कल्याणकारी योजनाएं पूरे भारत में महिलाओं को सशक्त बनाने में शक्तिशाली माध्यम के रूप में उभरी हैं। पीएमएमवाई महिला उद्यमियों को, बिना किसी कोलैटरल के, वित्तीय सहायता प्रदान करता है, जिससे उन्हें व्यवसाय शुरू करने या विस्तार करने में मदद मिलती है। दूसरी ओर, पीएमकेवीवाई कौशल विकास कार्यक्रम प्रदान करता है, महिलाओं को उद्योग की जरूरतों के अनुसार विशेषज्ञता और प्रमाणपत्रों से लैस करता है, उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाता है और उन्हें कार्यबल में सक्रिय रूप से भाग लेने में सक्षम बनाता है। ये पहल न केवल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए स्तंभ का कार्य करती हैं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्र के विकास और समृद्धि के प्रेरक के रूप में भी अहम भूमिका निभाती हैं।
संदर्भ :
निमिष रुस्तगी/हिमांशु पाठक/ऋतु कटारिया/आरूषी प्रधान/इंदू शर्मा/मनीष तिवारी
(Backgrounder ID: 151779)
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